Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

फसलों को नुकसान, पुराने मुआवजे लंबित रहने से किसानों पर दोहरी मार

विधानसभा में बोले आफताब अहमद

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने नूंह जिले के किसानों की फसल खराबे के लंबित मुआवजे का मामला जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से सवाल किया कि वर्ष-2022 से लगातार फसल नुकसान के बावजूद कई किसानों को समय पर मुआवजा क्यों नहीं मिल रहा है, खासकर नूंह जिले के 440 गांवों में जहां बारिश, बाढ़ और अन्य आपदाओं से हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। विधायक आफताब अहमद ने सदन में बताया कि जिले के किसान धान, ज्वार, बाजरा और सब्जियों जैसी फसलों के नुकसान से बुरी तरह प्रभावित हैं, लेकिन पुराने मुआवजे (2022 से) अभी भी कई मामलों में लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसा जिलों में भेजा जाता है, लेकिन खाता विवरण में त्रुटि या अन्य कारणों से बिना वितरण के वापस लौट आता है, जिससे नूंह जैसे पिछड़े क्षेत्र के किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। उनकी राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल के साथ तीखी बहस हुई। विधायक ने मांग की है कि नूंह जिले के प्रभावित किसानों के मामलों की विशेष जांच हो और लंबित राशि तत्काल उनके खातों में डाली जाए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हस्तक्षेप करते हुए आश्वासन दिया कि पुराने लंबित मामलों की दोबारा जांच कराई जाएगी और गलत खातों या अन्य त्रुटियों के कारण बचे किसानों को मुआवजा जरूर मिलेगा।

आफताब अहमद ने कहा कि नूंह जिला, जहां 440 गांवों के किसान कृषि पर निर्भर हैं, में फसल क्षति की समस्या बार-बार आती है, लेकिन मुआवजे में विलंब से किसानों की आर्थिक स्थिति और बदतर हो रही है। उन्होंने अपना पूरा प्रयास बताते हुए कहा कि नूंह के किसानों की आवाज सदन में गूंजती रहेगी, ताकि उन्हें जल्द राहत मिल सके और क्षेत्र का विकास हो। इस मुद्दे पर नूंह जिले के किसानों में अब उम्मीद जगी है कि जांच के बाद उनका लंबित मुआवजा मिल जाएगा।

Advertisement

Advertisement
Advertisement
×