एक घरेलू महिला अपने सभी दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपनी लगन, दृढ निश्चय एवं मेहनत के बल पर कोई भी मुकाम प्राप्त कर सकती है। 48 वर्षीय आशा ने इस कहावत को चरितार्थ किया है। रेवाड़ी पुलिस विभाग में कार्यरत अजय कुमार की पत्नी आशा ने 20 अगस्त को यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस और 29 अगस्त को अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर चढ़ाई कर भारतीय विजय पताका फहराकर एक विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। 10 दिनों में दो दुर्गम चोटियों को फतेह करना कोई आसान काम नहीं था। अपनी पर्वतारोहण की रोमांचकारी यात्रा का उल्लेख करते हुए आशा ने कहा कि वह दो बच्चों की मां व एक गृहिणी है और परिवार के दायित्व का भी निर्वहन करती है। इस दौरान पर्वतारोहण के लिए सोच को विकसित करना और उसे मूर्त रूप देना बहुत मुश्किल लग रहा था। लेकिन परिवार व पति के सकारात्मक समर्थन से वह इस मुश्किल मुकाम को प्राप्त कर पाई। उन्होंने कहा कि इस मिशन के लिए वित्त प्रबंधन सबसे बड़ी समस्या होती है जिसे उन्होंने निजी लोन लेकर प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य शेष चार महाद्वीपों की बची हुई चार चोटियों को फतेह कर सारी दुनिया का नारी सशक्तिकरण का संदेश देना है।
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