मनरेगा में संशोधन, नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस का हल्ला बोल
प्रेस वार्ता में केंद्र की नीयत, नीति पर उठाये सवाल
मनरेगा के नाम और उसमें किए जा रहे बदलावों के विरोध में कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोल जारी है। कांग्रेस अपने आंदोलन को धार देगी और रविवार सुबह सांकेतिक भूख हड़ताल करेगी, इसके अलावा जागरूकता अभियान चलाकर कांग्रेस जन-जन तक अपनी आवाज पहुंचाएगी। शनिवार को जिला कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस ने भाजपा की नीयत और नीति पर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने आगे के आंदोलन की रणनीति और कार्यक्रमों का भी खुलासा किया। इस दौरान हरियाणा प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन कमेटी के चेयरमैन धर्मपाल मलिक, बरोदा से विधायक इंदुराज नरवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष कमल दिवान और संजीव दहिया, पूर्व विधायक जगबीर मलिक, जयबीर वाल्मीकि, पदम दहिया, मनोज रिढाऊ, युवा नेता ललित पंवार ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर केंद्र की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीब, मजदूर और किसान की जीवनरेखा है। केंद्र सरकार जानबूझकर महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजनाओं को खत्म या कमजोर करना चाहती है। मनरेगा का नाम बदलने का प्रयास इसी मानसिकता का परिणाम है। कांग्रेस इस फैसले का सड़कों से लेकर संसद तक विरोध करेगी। बरोदा से विधायक इंदुराज नरवाल ने कहा कि भाजपा को महात्मा गांधी के नाम से चिढ़ है। चाहे जीआरएमजी बिल हो या अन्य योजनाएं, भाजपा हर जगह से महात्मा गांधी का नाम मिटाना चाहती है। भाजपा श्री राम के नाम का भी अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही, जबकि कांग्रेस ने हमेशा श्रीराम के नाम और मर्यादा की इज्जत की है। उन्होंने कहा कि जब तक मनरेगा का नाम वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक कांग्रेस यह लड़ाई लड़ती रहेगी। यह संशोधन वैसा ही है जैसे आम आदमी के खाते में 15 लाख रुपये आने का झूठा वादा।
पूर्व विधायक जगबीर मलिक ने कहा कि यदि यह संशोधन लागू हुआ तो पंचायत से लेकर हर वार्ड में मनरेगा के तहत होने वाले काम प्रभावित होंगे, मजदूरों को काम की कोई गारंटी नहीं मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा।

