पलवल में मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान के तहत कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन
पलवल में मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान के तहत बृहस्पतिवार को जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में जिला सचिवालय, पलवल पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने किया। कार्यक्रम में जिले के...
पलवल में मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान के तहत बृहस्पतिवार को जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में जिला सचिवालय, पलवल पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने किया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मनरेगा से जुड़े हालिया निर्णयों को तुरंत वापस लेने की मांग की। इस मौके पर संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलकर उसकी मूल भावना को समाप्त करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नियमों और प्रक्रियाओं में बदलाव कर मजदूरों के काम करने के संवैधानिक अधिकार को छीना जा रहा है।
मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान में गरजे कांग्रेस कार्यकर्ता
कांग्रेस सरकार ने मनरेगा के जरिए ग्रामीण गरीबों को न्यूनतम मजदूरी और 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी थी, लेकिन वर्तमान सरकार इस गारंटी को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा कमजोर होने से ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और महिलाओं पर सीधा असर पड़ेगा, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। अधाना ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस मनरेगा को कमजोर या समाप्त करने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी और गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगी।
हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव मोहम्मद बिलाल उटावड ने भाजपा सरकार को गरीब-विरोधी करार देते हुए कहा कि नए प्रावधानों से पंचायतों के अधिकार समाप्त हो जाएंगे और रोजगार की गारंटी खत्म हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार व्यवस्था को बढ़ावा देकर मजदूरों को केवल लेबर सप्लाई तक सीमित किया जा रहा है।
धरना-प्रदर्शन में महिला जिलाध्यक्ष सविता चौधरी, बृजभूषण सरपंच, भूपेंद्र नौहवार, सतीश मंडोतिया, बिरी पहलवान, कुलदीप बैंसला, अशोक मुनीरगढी सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

