जींद में ठंड का सितम जारी, घने कोहरे ने रफ्तार पर लगाए ब्रेक
एक सप्ताह बाद जिले में सोमवार सुबह फिर घने कोहरे ने दस्तक दी। कोहरे ने सड़कों पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए। इसी बीच सोमवार को दिन में अच्छी धूप खिली, तो लोगों को दिन में कड़ाके की...
एक सप्ताह बाद जिले में सोमवार सुबह फिर घने कोहरे ने दस्तक दी। कोहरे ने सड़कों पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए। इसी बीच सोमवार को दिन में अच्छी धूप खिली, तो लोगों को दिन में कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली। दिन ढलते ही फिर ठंड का सितम शुरू हो गया। जींद और आसपास के क्षेत्र में सोमवार को एक सप्ताह बाद घना कोहरा छाया। सोमवार को 11 बजे तक घना कोहरा छाया रहा। इसके बाद धूप निकली और लोगों को ठंड से राहत मिली। सोमवार को जींद में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति चार किलोमीटर प्रतिघंटा रही, जबकि हवा में नमी की मात्रा 48 प्रतिशत दर्ज की गई। तापमान कम होने के कारण ठंड से लोगों को केवल धूप ने ही राहत दिलाई। पिछले एक सप्ताह से जींद में न्यूनतम तापमान लगातार कम होता जा रहा है। तापमान 3 डिग्री सेल्सियस होने के कारण ठंड से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। अधिकतम तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार अभी ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। बृहस्पतिवार से तापमान में कुछ बढ़ोतरी होनी शुरू होगी। इसके बाद ही लोगों को ठंड से कुछ राहत मिलेगी।
अस्पतालों में बढ़े जुकाम, बुखार व खांसी के मरीज
शीत लहर और कड़ाके की ठंड के कारण जींद के सिविल अस्पतालों से लेकर निजी अस्पतालों में बुखार, जुकाम व खांसी के मरीज बढ़े हैं। सिविल अस्पताल में औसतन 1600 की ओपीडी होती है। इनमें से 200 के आसपास मरीज खांसी, जुकाम, बुखार व गले में खराश के आ रहे हैं। शिशु रोग स्पेशलिस्ट डॉ आरएस पूनिया के अनुसार कड़ाके की ठंड का सबसे बुरा असर छोटे बच्चों पर पड़ रहा है।बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए उन्हें पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाएं। जहां तक हो सके, बच्चों को घरों से बाहर नहीं जाने दिया जाए। बहुत जरूरी होने पर बच्चों को बाहर ले जाना पड़े तो गर्म कपड़े में लपेटकर ले जाया जाए। बुजुर्गों को भी इस ठंड में घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह डॉक्टरों ने दी है।
फसलों के लिए फायदेमंद है ठंड
कृषि विज्ञान केंद्र के पूर्व प्रभारी डॉ यशपाल मलिक के अनुसार इस समय पड़ रही ठंड खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। किसानों को गेहूं की फसल में पानी लगाने की सलाह डॉ मलिक ने दी है, ताकि पाला पड़ने की सूरत में फसल खराब नहीं हो। मौसम वैज्ञानिक डा. राजेश कुमार ने कहा कि घना कोहरा फसलों के लिए लाभदायक है। ऐसे में फसलों की सिंचाई करना भी लाभदायक होगा। दिन में धूप निकलने से गेहूं की फसल में पीला रतुआ नहीं होगा। वीरवार से मौसम में कुछ परिवर्तन होगा। अभी मौसम परिवर्तनशील व शुष्क बना हुआ है।

