नागरिकता एकता मंच व छात्र संगठनों ने दिया धरना, परिवहन मंत्री को भेजा ज्ञाापन
प्राइवेट बसों में सभी पात्रों के पास लागू करवाने की मांग
प्रदेश की प्राइवेट बसों में विद्यार्थियों, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों के बस पास लागू करवाने की मांग को लेकर मंगलवार को नागरिकता एकता मंच एवं छात्र संगठनों ने जिला मुख्यालय पर कोर्ट मोड़ पर धरना दिया और परिवहन मंत्री को ज्ञापन भेजा। धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता रिटायर्ड कर्मचारी संगठन के जिला प्रधान विक्रम ने की जबकि संचालन एसएफआई के राज्य अध्यक्ष अक्षय ने किया।
भारत की जनवादी नौजवान सभा के राज्य सचिव नरेश, सीटू से कामरेड कपूर, सतबीर, नूतन प्रकाश आदि वक्ताओं ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने बस पास को लागू करवाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। बस पास की फ्री सुविधा मिलने से हरियाणा में शिक्षण संस्थानों लड़कियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। लेकिन प्राइवेट बसों के संचालक पिछले कुछ समय से बस पास मान्य नहीं कर रहे और लगातार जींद डिपो पर प्राइवेट बसों की संख्या बढ़ रही है। जिले के असंध बरवाला गोहाना हांसी नरवाना अधिकतर लोकल रूटों पर प्राइवेट बसें चलती हैं, जिससे विद्यार्थियों के साथ छात्र वरिष्ठ नागरिक दियांजनों व आम नागरिकों को मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार रोडवेज का निजीकरण कर रही है और प्राइवेट बसों को जानबूझकर बढ़ावा दे रही है। बस पास का मुद्दा केवल विद्यार्थियों का नहीं है, इससे आम नागरिक भी बहुत सारी परेशानियों का सामना कर रहे है। खेड़ी चौपटा नर्सिंग कॉलेज की छात्रा अंजली ने कहा कि बरवाला रूट कोई भी सरकारी बस की सुविधा नहीं है। प्राइवेट बसों के संचालक बस पास मान्य नहीं करते।

