सोमवार देर शाम प्राइवेट बस में लगी आग की गुत्थी अभी भी सुलझी नहीं है। हादसे में दो लोग जिंदा जल गए, जबकि 11 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। शव इस कदर जल चुके हैं कि उनकी शिनाख्त करना नामुमकिन हो गया है। अब पुलिस डीएनए जांच के जरिए पहचान करने में जुटी है। आशंका जताई गई है कि जान गंवाने वालों में हांसी के एक सीआईडी कर्मचारी और दूसरा भिवानी का व्यक्ति है। सीआईडी कर्मचारी का फोन बंद है। वहीं दूसरा व्यक्ति हिसार जाने के लिए बस में चढ़ा था। मंगलवार को वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। हांसी के बडसी गांव निवासी सुनील हरियाणा पुलिस के गुप्तचर विभाग (सीआईडी) में तैनात हैं। वह सोमवार रात से लापता हैं। उनके भाई अनिल ने बताया कि सुनील रोजाना सरकारी बस से मिलकपुर आते थे और वहां खड़ी अपनी कार से घर जाते थे। सोमवार शाम 7:28 बजे के बाद से उनका फोन बंद है। परिवार के अनुसार, सुनील अक्सर हरिद्वार जाने की बात करते थे, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि वह हादसे में बच गए होंगे। भिवानी के सेवा नगर निवासी 45 वर्षीय बलजीत भी लापता हैं। उनके भतीजे नीरज ने बताया कि सोमवार शाम वह अपने चाचा को जिला जेल के पास छोड़कर आया था। इसके बाद मंगलवार सुबह सूचना मिली कि चाचा ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। बलजीत हिसार की जिंदल कंपनी में काम करते हैं। आशंका है कि बस में जलकर मरने वालों में उनके चाचा भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इसकी पुष्टि डीएनए जांच के बाद ही हो सकेगी।
150 मीटर दूर तक कांप गई धरती : चश्मदीद विजय ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि 150 मीटर दूर स्थित उनकी दुकान तक कंपन महसूस हुई। विजय ने बताया कि सोमवार शाम साढ़े 7 बजे बस में धमाका हुआ। लगा जैसे टायर फटा हो, लेकिन देखते ही देखते बस के बीच के हिस्से से आग की लपटें उठने लगी। जांच अधिकारी नीर सिंह के अनुसार, अभी तक हादसे के कारणों का कोई स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। कुछ लोग इसे आसमानी बिजली गिरने से जोड़ रहे हैं।

