Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

गुजविप्रौवि में बॉलीवुड म्यूजिकल ईव का आयोजन, विद्यार्थियों ने बांधा समां

हिसार के गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (गुजविप्रौवि) में गूंज क्लब के सौजन्य से बॉलीवुड म्यूजिकल ईव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के मयूर मंच सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
गुजविप्रौवि, हिसार में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित अतिथिगण एवं प्रतिभागी।-हप्र
Advertisement

हिसार के गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (गुजविप्रौवि) में गूंज क्लब के सौजन्य से बॉलीवुड म्यूजिकल ईव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के मयूर मंच सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने अपने संदेश में कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी छिपी प्रतिभा को उजागर करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने गूंज क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं और आत्मविश्वास व टीमवर्क की भावना को मजबूत करते हैं।

Advertisement

गूंज क्लब के मेंटर प्रो. खजान सिंह ने स्वागत संबोधन में विद्यार्थियों को सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

Advertisement

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने लोकप्रिय बॉलीवुड गीतों पर अपनी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शकों ने भी हर प्रस्तुति का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

इस सांस्कृतिक संध्या की खास बात यह रही कि करीब 13 टीमों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। लाइव सिंगिंग, ग्रुप परफॉर्मेंस और सोलो प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी गायन प्रतिभा, मंच संचालन और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पूरा सभागार तालियों की गूंज से सराबोर रहा।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. विनीता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सभी के सहयोग के लिए आभार जताया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए यादगार अनुभव साबित हुआ और विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल रहा।

Advertisement
×