नूंह कांग्रेस जिला अध्यक्ष की बेटी के विवाह समारोह में पहुंचे भूपेंद्र सिंह हुड्डा
शादियों में सादगी अपनाने और दहेज प्रथा को खत्म करने का दिया संदेश
हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा शनिवार को तावडू पहुंचे, जहां उन्होंने नूंह कांग्रेस जिला अध्यक्ष हाजी शहीदा खान की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होकर नवविवाहित दंपति को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दंपति के सुखद, सफल और उज्ज्वल वैवाहिक जीवन की कामना की।
विवाह समारोह का आयोजन तावडू स्थित सैनीपुरा की मालती वाटिका में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता आफताब अहमद, गुरुग्राम ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष वर्धन यादव, राजेश सेहरावत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
समारोह के दौरान लोगों से बातचीत करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि विवाह जीवन का महत्वपूर्ण और खुशी का अवसर होता है, लेकिन वर्तमान समय में शादी समारोहों पर जरूरत से ज्यादा खर्च करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उन्होंने समाज से अपील की कि विवाह कार्यक्रमों को सादगीपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाए और दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नूंह कांग्रेस जिला अध्यक्ष हाजी शहीदा खान के परिवार के लिए यह खुशी का अवसर है और उन्होंने पूरे परिवार को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री करीब आधे घंटे तक मौजूद रहे। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्र के लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान लोगों ने भी उनका स्वागत किया।
Live Matches
दूरदृष्टा, जनचेतना के अग्रदूत, वैचारिक स्वतंत्रता के पुरोधा एवं समाजसेवी सरदार दयालसिंह मजीठिया ने 2 फरवरी, 1881 को लाहौर (अब पाकिस्तान) से ‘द ट्रिब्यून’ का प्रकाशन शुरू किया। विभाजन के बाद लाहौर से शिमला व अंबाला होते हुए यह समाचार पत्र अब चंडीगढ़ से प्रकाशित हो रहा है।
‘द ट्रिब्यून’ के सहयोगी प्रकाशनों के रूप में 15 अगस्त, 1978 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दैनिक ट्रिब्यून व पंजाबी ट्रिब्यून की शुरुआत हुई। द ट्रिब्यून प्रकाशन समूह का संचालन एक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।
हमें दूरदर्शी ट्रस्टियों डॉ. तुलसीदास (प्रेसीडेंट), न्यायमूर्ति डी. के. महाजन, लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. ज्ञानी, एच. आर. भाटिया, डॉ. एम. एस. रंधावा तथा तत्कालीन प्रधान संपादक प्रेम भाटिया का भावपूर्ण स्मरण करना जरूरी लगता है, जिनके प्रयासों से दैनिक ट्रिब्यून अस्तित्व में आया।
- Reach us
- Archive
- Dainik Tribune online
- Dainik Tribune Epaper
- Dainik Tribune App - Android
- Dainik Tribune App - ios
- The Tribune Epaper
- The Tribune App - Android
- The Tribune App - iOS
- Punjabi Tribune online
- Punjabi Tribune Epaper
- Punjabi Tribune App - Android
- Punjabi Tribune App - iOS
- Subscribe To Print Edition
- Contact Us
- About Us
- Code of Ethics

