BHIWANI-- जनगणना में पिछड़ा वर्ग की पहचान मिटाने की साजिश रच रही भाजपा सरकार : दीपक जांगड़ा
जाति आधारित जनगणना और यूजीसी बिल को लेकर विभिन्न संगठनों का प्रदर्शन
National Census बृहस्पतिवार को भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के बैनर तले विभिन्न संगठनों ने शहर में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त के माध्यम से मांगपत्र सौंपा। उपायुक्त की तरफ से उनके सुपरिंटेंडेंट ज्ञापन लेने पहुंचे।
ज्ञापन के माध्यम से संगठनों ने आरोप लगाया कि कैबिनेट के फैसले के बावजूद आगामी राष्ट्रीय जनगणना के नोटिफिकेशन में ओबीसी की जातियों का कॉलम नहीं दिया गया है। इसे ओबीसी समाज के साथ सीधे तौर पर विश्वासघात करार दिया गया है।
वक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी और कमजोर रेगुलेशन बनाने का आरोप लगाते हुए मांग की कि एससी, एसटी और ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाकर तुरंत लागू किया जाए। इसके साथ ही वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से स्थाई रूप से मुक्त करने की मांग की गई है।
इस मौके पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला संयोजक दीपक जांगड़ा ने कहा कि सरकार एक तरफ ओबीसी हितैषी होने का ढोंग करती है और दूसरी तरफ जनगणना में हमारी पहचान मिटाने की साजिश रच रही है। उन्होंने बताया कि संगठन द्वारा पहले भी 6 मार्च को ज्ञापन सौंपा गया था, 13 मार्च को धरना दिया था और 23 मार्च को रैलियां की थी, लेकिन सोई हुई सरकार नहीं जागी। जिसके चलते आज भारत बंद हमारे सब्र का बांध टूटने का परिणाम है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि भाजपा वोटिंग मशीन में गड़बड़ी के सहारे धोखाधड़ी कर अपनी सरकार बना रही है तथा जानबूझकर आमजन से जुड़ी विभिन्न समस्याएं पैदा कर रही है, जिसके चलते सरकार पर किसी भी धरने-प्रदर्शन या आमजन के रोष का कोई प्रभाव होता नजर नहीं आ रहा।
इस अवसर पर भारत मुक्ति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश दहिया, जिला संयोजक बीवीएफ कुलदीप जमालपुर, विनोद सांगा, सुंदर सांगा, उदयभान बिजलानबास, गणेशीलाल वर्मा सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
