बामसेफ और भारत मुक्ति मोर्चा ने किया आंदोलन का ऐलान
राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति रद्द करने का विरोध बामसेफ और भारत मुक्ति मोर्चा ने ओडिशा के कटक में अपने राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति अचानक रद्द किए जाने के खिलाफ केंद्र और ओडिशा सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। संगठन...
राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति रद्द करने का विरोध
बामसेफ और भारत मुक्ति मोर्चा ने ओडिशा के कटक में अपने राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति अचानक रद्द किए जाने के खिलाफ केंद्र और ओडिशा सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।
संगठन ने इसे संवैधानिक अधिकारों पर हमला करार देते हुए जनवरी और फरवरी 2026 में चार चरणों में राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। इसी के तहत रविवार को स्थानीय बैंक कॉलोनी स्थित अंबेडकर भवन में भारत मुक्ति मोर्चा की प्रदेश स्तरीय मीटिंग का आयोजन किया गया। मीटिंग की अध्यक्षता राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा के प्रदेश प्रभारी जगदीश प्रधान ने की।
जगदीश प्रधान ने बताया कि कि बामसेफ का 42वां संयुक्त राष्ट्रीय अधिवेशन और भारत मुक्ति मोर्चा का 15वां राष्ट्रीय अधिवेशन 26 से 30 दिसंबर 2025 तक कटक (ओडिशा) के बलियात्रा लोअर ग्राउंड में आयोजित होना था।
संगठन का दावा है कि इसके लिए सभी कानूनी प्रक्रियाएं और अनुमतियां दो महीने पहले ही पूरी कर ली गई थी। देश-विदेश से हजारों प्रतिनिधि कटक पहुंच चुके थे और कार्यक्रम की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थी। हालांकि कार्यक्रम शुरू होने के ऐन वक्त पर स्थानीय पुलिस प्रशासन और जिलाधिकारी ने इस अनुमति को रद्द कर दिया, जिसके विरोध में बामसेफ व भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम द्वारा चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया गया है।
विरोध प्रदर्शन का शेड्यूल जारी किया है। पहले चरण के तहत 7 जनवरी से 7 देश के 725 जिलों में ज्ञापन सौंपा जाएगा। दूसरे चरण में 15 जनवरी को सभी 725 जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। तीसरे चरण में 22 जनवरी को जिला मुख्यालयों पर विशाल रैली का आयोजन तथा चौथे चरण में 22 फरवरी आरएसएस हेडक्वार्टर (नागपुर) पर देशव्यापी विशाल महा रैली और घेराव किया जाएगा।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि बामसेफ और भारत मुक्ति मोर्चा के अधिवेशन की अनुमति तत्काल बहाल की जाए, रद्द किए गए कार्यक्रम के कारण संगठन और कार्यकर्ताओं को हुए वित्तीय नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जाए।

