Ankush Panghal Asian Games Gold : अंकुश के गोल्ड पर भेरिया में जश्न, घर पर लाइव देखा मुकाबला
80 किलो भार वर्ग के फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिनसोंग को 4-0 से हराया, गांव लौटने पर भव्य स्वागत की तैयारी
Ankush Panghal Asian Games Gold : जापान में चल रहे एशियन गेम्स-2026 में हिसार के गांव भेरिया निवासी 22 वर्षीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने 80 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। अंकुश की जीत की खबर मिलते ही गांव और उनके घर में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार ने घर पर मुकाबला लाइव देखा। जीत के बाद परिजनों ने जश्न मनाया। अंकुश के देश लौटने पर गांव में जुलूस निकालकर स्वागत करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
अंकुश ने फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिनसोंग को 4-0 से हराया। नौ मिनट के मुकाबले में तीन राउंड हुए। अंकुश ने शुरुआत से मजबूत डिफेंस के साथ सटीक काउंटर पंच लगाए और लगातार बढ़त बनाए रखी। उनके आक्रामक और सटीक खेल के सामने दक्षिण कोरियाई मुक्केबाज दबाव में नजर आया।
11 साल की उम्र में शुरू की बॉक्सिंग
छह भाई-बहनों के परिवार में पले-बढ़े अंकुश ने वर्ष 2017 में महज 11 साल की उम्र में बॉक्सिंग शुरू की थी। बहन और भाई को खेलते देखकर उनका भी खेलों के प्रति रुझान बढ़ा। कोच प्रवीण सावंत की सलाह पर पिता सुरेश पंघाल बेटे को रोजाना गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर प्रशिक्षण केंद्र ले जाते और वापस लाते थे। शुरुआती दौर में अंकुश की कम उम्र और छोटी कद-काठी को लेकर लोगों ने परिवार को कई बातें सुनाईं, लेकिन पिता ने उनका हौसला बनाए रखा।
पहली स्टेट चैंपियनशिप की हार से की वापसी
वर्ष 2018 में पहली स्टेट चैंपियनशिप के फाइनल में हार के बाद अंकुश ने बॉक्सिंग छोड़ने का फैसला तक कर लिया था। पिता सुरेश और कोच प्रवीण सावंत ने उन्हें समझाया कि एक हार से सफर खत्म नहीं होता। इसके बाद अंकुश ने दोगुनी मेहनत के साथ वापसी की और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की।

