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निष्पक्षता के लिए खेल मंत्रालय के अधीन हों सभी महासंघ : महावीर फोगाट

2028 ओलंपिक में विनेश के गोल्ड जीतने का दावा

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चरखी दादरी के गांव बलाली में 'दैनिक ट्रिब्यून' से बातचीत करते द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर फोगाट। -हप्र
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द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता और दिग्गज कुश्ती कोच महावीर फोगाट ने भारतीय कुश्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि फेडरेशन का लगातार दबाव और विवाद न होता तो उनकी भतीजी विनेश फोगाट काफी पहले ही ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकी होतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से फेडरेशन के रवैये के कारण विनेश मानसिक तनाव से जूझती रहीं, जिससे उनकी तैयारी और प्रदर्शन प्रभावित हुआ।

महावीर फोगाट ने केंद्र सरकार और खेल मंत्रालय से मांग की कि सभी खेल महासंघों को सीधे खेल मंत्रालय के अधीन लाया जाए। उनका कहना है कि इससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनेगी तथा खिलाड़ियों के भविष्य से होने वाला खिलवाड़ रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा कि कुश्ती और बॉक्सिंग जैसे व्यक्तिगत खेलों में भी संघों की मनमानी खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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खिलाड़ियों से प्रदर्शन से ज्यादा ‘चमचागिरी’ की अपेक्षा

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अपने पैतृक गांव बलाली में 'दैनिक ट्रिब्यून' से विशेष बातचीत में महावीर फोगाट ने कहा कि खेल संघों का काम खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना है, लेकिन आज कई संघों में खिलाड़ियों से प्रदर्शन से ज्यादा ‘चमचागिरी’ की अपेक्षा की जाती है। जो खिलाड़ी अधिकारियों की पसंद के अनुसार नहीं चलता, उसे व्यवस्थित रूप से किनारे लगाने की कोशिश की जाती है।

उन्होंने विनेश द्वारा समय-समय पर फेडरेशन और रेफरी व्यवस्था पर लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि इन शिकायतों के पीछे ठोस आधार हैं। उनके अनुसार खिलाड़ियों को निष्पक्ष माहौल मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

महावीर फोगाट ने विश्वास जताया कि ओलंपिक पदक से चूकने के बावजूद विनेश का करियर अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि विनेश 2028 में होने वाले लॉस एजिलिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाएंगी।

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