Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

निजी बस संचालकों की मनमानी के खिलाफ एआईकेकेएमएस का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

जिले में निजी बस संचालकों की मनमानी के खिलाफ एआईकेकेएमएस का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन। निजी बस संचालकों द्वारा सरकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी और बुजुर्गों व छात्र-छात्राओं के साथ किए जा रहे अभद्र व्यवहार को लेकर ऑल...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन का प्रतिनिधि मंडल। -हप्र
Advertisement

जिले में निजी बस संचालकों की मनमानी के खिलाफ एआईकेकेएमएस का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन। निजी बस संचालकों द्वारा सरकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी और बुजुर्गों व छात्र-छात्राओं के साथ किए जा रहे अभद्र व्यवहार को लेकर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन की जिला कमेटी ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

एआईकेकेएमएस का आरटीए कार्यालय पर प्रदर्शन

संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल जिला प्रधान रोहतास सिंह सैनी के नेतृत्व में क्षेत्रीय यातायात प्राधिकरण (आरटीए) कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को अवगत कराया कि जिले में संचालित निजी बसों के परिचालक वरिष्ठ नागरिकों और शिक्षण संस्थानों में जाने वाले छात्र-छात्राओं के साथ असंवेदनशील व्यवहार कर रहे हैं। सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को दी गई किराए में 50 प्रतिशत की छूट को निजी बस संचालक मानने से इंकार कर रहे हैं और उनसे पूरा किराया वसूला जा रहा है।

Advertisement

इसी प्रकार छात्र-छात्राओं से भी आधा किराया लेने के बजाय पूरा किराया मांगा जा रहा है। कई मामलों में यदि छात्रों के पास पूरा किराया नहीं होता, तो उन्हें बीच रास्ते में ही बस से उतार दिया जाता है। इससे न केवल उनकी सुरक्षा पर खतरा पैदा हो रहा है, बल्कि उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

Advertisement

रोहतास सिंह सैनी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने इस समस्या को लेकर पिछले वर्ष अगस्त माह में भी परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की निष्क्रियता के कारण निजी बस संचालकों के हौसले और बढ़ गए हैं।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और आरटीए विभाग ने शीघ्र ही निजी बस संचालकों की मनमानी पर रोक नहीं लगाई, तो बुजुर्गों और छात्र-छात्राओं को साथ लेकर एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

निशुल्क बस पास को नकारा; नहीं दी फ्री बस यात्रा की सुविधा, निजी बस संचालकों के खिलाफ अदालत पहुंची छात्राएं

इस मौके पर फूलचंद, महेंद्र सिंह कटारिया, सतवीर सिंह, फतेह सिंह, नरेश कुमार, राजेश कुमार, राजाराम दिनोद सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

Advertisement
×