परिवेदना समिति में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा पहुंचे, भ्रष्टाचार पर तीखी नोकझोंक
झज्जर में आयोजित परिवेदना समिति की बैठक के दौरान भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा जहां सरकार की ओर से भ्रष्टाचार न होने और शिकायत मिलने पर...
झज्जर में आयोजित परिवेदना समिति की बैठक के दौरान भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा जहां सरकार की ओर से भ्रष्टाचार न होने और शिकायत मिलने पर कार्रवाई किए जाने की बात कहते नजर आए, वहीं कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने सरकार पर जमकर हमला बोला।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा परिवेदना समिति में परिवाद सुनने झज्जर पहुंचे थे। बैठक में कुल 17 परिवाद रखे गए, जिनमें से 15 परिवादों के समाधान का दावा किया गया। मंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार रोकने के लिए लगातार काम कर रही है और यदि कहीं से भी भ्रष्टाचार की शिकायत आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। हरियाणा में भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त न होने संबंधी कैबिनेट मंत्री राव नरवीर के बयान पर कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य भ्रष्टाचार पर नियंत्रण रखना है और राव नरवीर का बयान उनका निजी विचार है।
परिवेदना समिति की बैठक में बोले विधायक वत्स
वहीं कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने बैठक के दौरान सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार केवल मीठी बातों या नरमी से खत्म नहीं होगा, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा कि भय और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा करने वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है।
बैठक में झज्जर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों से आए ग्रामीणों और किसानों ने फसल खराबे के मुआवजे को लेकर शिकायतें रखीं। किसानों ने आरोप लगाया कि जिले के केवल कुछ गांवों को ही मुआवजा मिला है, जबकि बड़ी संख्या में किसान अब भी वंचित हैं। किसानों ने बीमा कंपनियों और सरकार पर मुआवजा न देने के आरोप लगाए और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे।
परिवेदना समिति की बैठक के दौरान किसानों की नाराजगी साफ दिखाई दी, जिससे प्रशासन और सरकार के सामने समस्या के समाधान की चुनौती खड़ी हो गई है। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष विकास बाल्मीकि और भाजपा नेता संजय कबलाना भी उपस्थित रहे।

