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ट्रेन छूटी तो बना दिया बंधुआ मजदूर, चारा मशीन में कटा हाथ

बिहार के किशोर के साथ हरियाणा में दर्दनाक वाकया, रोहतक पीजीआई में हुए 4 ऑपरेशन, यूपी का डेयरी मालिक गिरफ्तार

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बिहार के एक किशोर की ट्रेन छूट गयी। उसे बंधुआ मजदूर बना दिया गया। 'गुलामी' की दास्तां देखिए कि चारा मशीन से उसका हाथ भी कट गया। 15 वर्षीय लड़के के साथ हुए इस अमानवीय कृत्य के लिए एक डेयरी मालिक को गिरफ्तार किया गया है।

मामले के मुताबिक बालक संतोष को उत्तर प्रदेश के अनिल कुमार ने बंधुआ बनाया था। आरोप है कि पिछले साल जुलाई में चारा काटने वाली मशीन में उसका हाथ फंस गया। इसके बाद कथित तौर पर ब्लेड से उसके हाथ के कुछ हिस्सों को काट दिया गया। संतोष की आपबीती अप्रैल 2025 में शुरू हुई, जब वह काम की तलाश में बिहार के किशनगंज जिले से 1,500 किमी से अधिक की यात्रा करके कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) पहुंचा था। एक महीने से अधिक समय के बाद, संतोष के पिता भीमलाल ऋषिदेव उसे लेने कांगड़ा आए। दोनों जींद पहुंचे और 26 मई को वहां से फरक्का एक्सप्रेस में सवार हुए। रात करीब 8 बजे बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर संतोष खाना और पानी लेने के लिए नीचे उतरा। तभी उसकी ट्रेन छूट गयी। उसके पास न पैसे थे और न ही फोन। आरोप है कि बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर, गौतम बुद्ध नगर (यूपी) के एक डेयरी मालिक अनिल कुमार (28) ने संतोष को रोते हुए देखा। वह उसे अपनी डेयरी पर ले आया। संतोष को पशुओं की देखभाल और खेतों में काम करने के लिए मजबूर किया गया। एक बार संतोष ने भागने की कोशिश की लेकिन पकड़ा गया। एक दिन चारा काटते वक्त संतोष का बायां हाथ कोहनी के पास से कट गया।

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ट्रिब्यून से बात करते हुए उसके पिता भीमलाल ने कहा, 'उस क्रूर व्यक्ति (अनिल) ने मेरे बेटे के हाथ के बचे हुए हिस्से को ब्लेड से काट दिया और उसे कुछ दवा दे दी।' बाद में पुलिस कार्रवाई के डर से अनिल उसे पलवल-हसनपुर रोड पर ले गया, उसे 10,000 रुपये दिए और घायल अवस्था में वहीं छोड़ दिया। आरोप है कि उसने कटे हुए हाथ के टुकड़ों को यमुना में फेंक दिया। इस बीच, एक शिक्षक ने संतोष की मदद की और उसे नूंह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। संतोष को पीजीआईएमएस, रोहतक रेफर किया गया, जहां उसके चार ऑपरेशन हुए क्योंकि संक्रमण फैल गया था। इस बीच, हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लिया।

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