शिकायकर्ता ही संदेह के घरे में, कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स को क्लीन चिट
झज्जर के सेक्टर-9 स्थित परशुराम भवन के 5 अप्रैल को शिलान्यास कार्यक्रम में हुए बवाल का मामला थामे नहीं थम रहा है। इस मामले में ब्राह्मण सभा के महासचिव संत सुरहेती ने बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स व उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ मारपीट करने और कार्यक्रम में माहौल को खराब करने का आरोप लगाकर विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर रखी है। इसी एफआईआर के बाद विधायक कुलदीप वत्स ने समाज के लोगों से अपील की थी कि वह इस मामले की जांच करें और उनके साथ न्याय करें। मंगलवार को इसी मसले पर झज्जर के कश्यप गार्डन में ब्राह्मण समाज की बैठक हुई।
बैठक में झज्जर शहर, गांवों व बहादुरगढ़ शहर से ब्राह्मण समाज के लोगों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता ब्राह्मण समाज में अहम स्थान रखने वाले राज पहलवान ने की। उनके अलावा बहादुरगढ़ नगर परिषद के उप-प्रधान पालेराम शर्मा, समाज की विभिन्न संस्थाओं से जुड़े हरिनारायण कौशिक, 17 के प्रधान सत्यनारायण शर्मा, पूर्व नगर पार्षद विवेक हरित, शिवओम भारद्वाज, विरेन्द्र शर्मा उर्फ बिज्जू, सिद्धिपुर के सरपंच सोनू सहित समाज के लोग मौजूद रहे।
Meeting बैठक में अनेक वक्ताओं ने इस बात पर अपना अाक्रोश जताया कि परशुराम भवन के शिलान्यास कार्यक्रम का जो पत्थर आयोजकों ने तैयार कराया था उसमें कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स का नाम नहीं लिखवाया गया, जोकि शिकायतकर्ताओं की ही साजिश के एक हिस्सा था।
राज सिंह पहलवान ने बताया कि बैठक में 99 प्रतिशत वक्ताओंं ने यही कहा कि शिकायतकर्ता संत सुरहेती ने कार्यक्रम के दौरान पूरा माहौल खराब करने की कोशिश की। उस दौरान वहां पर कार्यक्रम में विधायक के साथ हुई गाली-गलौच भी गलत थी जोकि जानबूझ कर की गई थी। इस बात का भी निंदा प्रस्ताव पास किया गया। तीन प्रस्ताव में एक प्रस्ताव यह भी पास किया गया कि सभा का प्रधान जल्द ही इस मामले में एक 11 सदस्यीय कमेटी का गठन करे। यह कमेटी दोनोें पक्षों से बातचीत कर शांति का माहौल तैयार करेगी और समाज की एकजुटता की और कदम बढ़ाएगी।

