मस्तनाथ विवि में शुरू होंगे स्पेशल बीएड के 4 नए कोर्स
विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के लिए तैयार होंगे शिक्षक
बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल की है। भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) ने विश्वविद्यालय को आईएसआईटीईपी के तहत 4 साल के स्पेशल बीएड के चार कार्यक्रम शुरू करने की मंजूरी प्रदान की है। कुलाधिपति महंत बालकनाथ योगी ने बताया कि इन कोर्स से विशेष रूप से श्रवण बाधित (एचआई) और बौद्धिक दिव्यांगता से जुड़े विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षित शिक्षक तैयार करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भविष्य के शिक्षकों को विषय ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण, पुनर्वास प्रक्रिया और समावेशी शिक्षण पद्धतियों की गहन समझ दी जाएगी। इस मंजूरी के साथ विश्वविद्यालय अब उन चुनिंदा संस्थानों में शामिल हो गया है, जो विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए संवेदनशील और दक्ष शिक्षकों का निर्माण कर रहे हैं। यह पहल दिव्यांग जन अधिकार अधिनियम 2016 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप है, जिसमें सभी के लिए समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया गया है। कुलपति प्रो. बी.एम. यादव और रजिस्ट्रार विनोद कुमार ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए आधुनिक लैब, सहायक तकनीक, अनुभवी संकाय और फील्ड ट्रेनिंग की पूरी व्यवस्था की जाएगी। छात्रों को इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल अनुभव के जरिए वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अवसर मिलेगा। कुलाधिपति ने विश्वास जताया कि यह पहल न केवल प्रदेश बल्कि देश में विशेष शिक्षकों की बढ़ती मांग को पूरा करेगी, बल्कि समाज के वंचित और विशेष वर्ग के बच्चों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

