आग से 30 झुग्गी-झोपड़ी राख, पीड़ितों के लिये प्रशासन ने की अस्थाई व्यवस्था
राज्यमंत्री गौरव गौतम, पूर्व कैबिनेट मंत्री करण दलाल व अधिकारी पहुंचे मौके पर
पलवल के सेक्टर-2 के पास हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के समक्ष स्थित धर्मनगर कॉलोनी की झुग्गी-झोपड़ियों में सोमवार को अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से बढ़ी की यहां बसी लगभग 30 झुग्गी-झोपड़ी धू-धू कर जलकर राख हो गईं। आग में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन गरीब आदमियों का झुग्गी-झोपड़ियों में रखा सभी सामान जलकर राख हो गया।
मामले की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां व पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग की संयुक्त टीम ने आग पर लगातार पानी का छिड़काव कर आग पर काबू पाया तथा पीडि़त परिवारों को तुरंत प्रभाव से नजदीक स्थित प्रजापति धर्मशाला में आश्रय दिलाकर प्राथमिक उपचार और खाद्य सामग्री व अन्य सहायता प्रदान कर राहत पहुंचाई गई। पीड़ित परिवार पिछले कई वर्षों से यहां अपनी झुग्गी-झोपड़ी व कच्चे मकान बनाकर रह रहे थे।
वहीं मामले की जानकारी मिलते ही सत्तारूढ़ दल भाजपा एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अलग-अलग अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। हरियाणा सरकार के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, नवनियुक्त एसपी नितीश अग्रवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला, डीएसपी अनिल कुमार, सीएमओ डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ व अन्य संबंधित अधिकारीगण के अलावा
प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री करण सिंह दलाल भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया।
उन्होंने एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया। वहीं जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन पीडित परिवारों के पुनर्वास के लिए कृतसंकल्प है, जिसके लिए पुरजोर प्रयास किए जा रहे हैं। अस्थायी रूप से धर्म नगर कॉलोनी के नजदीक प्रजापति भवन में रहने की व्यवस्था की गई है।
पीड़ितों के साथ खड़ी है सरकार : गौतम
इस मौके पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने झुग्गी-झोपड़ियों में लगी आग से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका कुशल क्षेम पूछा और उन्हें सांत्वना देते हुए आगजनी की घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने आगजनी के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है।

