ग्रामीण क्षेत्र का 28 करोड़ से होगा विकास
जिला परिषद की बैठक, आंगनवाड़ी केंद्रों की मरम्मत पर रहेगा फोकस
जिला परिषद की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए 28 करोड़ रुपये के बजट पर मुहर लगा दी। इन कार्यों में आंनवाड़ी केंद्रों की मरम्मत और उनमें पढ़ने वाले बच्चों के लिए पाठ्य सामग्री खरीदने को प्राथमिकता दी जायेगी। शुक्रवार को जिला परिषद कार्यालय में आयोजित बैठक में 15 से अधिक पार्षद व पार्षद प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता संयुक्त रूप से जिप चेयरपर्सन मोनिका दहिया व एडीसी एवं सीईओ लक्षित शरीन ने की। विकास कार्यों को लेकर बैठक में घंटों मंथन कर ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए बजट आवंटित किया गया। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित की जा रही आंगनवाड़ी केंद्रों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जायेगी। पार्षदों से संबंधित क्षेत्र की आंगनवाड़ी केंद्रों की जानकारी मांगी गई ताकि जल्द से जल्द मरम्मत का कार्य शुरू कराया जा सके। बच्चों की पाठ्य सामग्री आदि भी बजट खर्च किया जायेगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक प्रोग्रामों के आयोजन को भी महत्व देने का फैसला लिया गया। पार्षदों को ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले भजन, कीर्तन, नुक्कड़ नाटक आदि के आयोजन के लिए इस्तेमाल होने वाले यंत्रों का बजट जारी किया जाएगा। बैठक दौरान पहले के विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
सिर पर ‘अधूरा मकान’ मॉडल बैठक में लेकर पहुंचे जिला पार्षद
जिला परिषद की बैठक में शामिल होने से पहले जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने अनोखे ढंग से विरोध दर्ज कराया। वे प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे पड़े मकानों का मुद्दा उठाते हुए अपने सिर पर अधूरा मकान का मॉडल रखकर बैठक में पहुंचे। संजय बड़वासनिया ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को सात-आठ महीने पहले पहली किस्त जारी की गई थी, लेकिन दूसरी किस्त अब तक नहीं मिली, जिसके कारण अनेक परिवारों के मकान अधूरे पड़े हैं। कई बीपीएल परिवारों ने कर्ज लेकर निर्माण शुरू किया, मगर राशि न मिल पाने से वे मुश्किल में हैं। उन्होंने सरकार से जल्द दूसरी किस्त जारी करने की मांग की। पार्षद रवि इंदौरा मनरेगा को लेकर उन्होंने नाम बदलने की कवायद की कड़ी आलोचना की और कहा कि इससे जमीनी हालात नहीं बदलेंगे। उन्होंने मनरेगा मजदूरी 400 से बढ़ाकर 700 रुपये प्रतिदिन करने, मैटेरियल की भुगतान तुरंत करने की मांग रखी।

