गांव शाहपुर तुर्क निवासी युवक को यूके भेजने के नाम पर उसके परिवार से 10 लाख रुपये से अधिक ऐंठ लिये। आरोप पंजाब की मोहाली की इमीग्रेशन एजेंसी पर लगा है। पीडि़त ने मुख्यमंत्री को शिकायत दी तो पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। गांव शाहपुर तुर्क निवासी जयदीप ने मुरथल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई और कहा कि उसका बेटा शिवा (21) मई 2025 में सोशल मीडिया के माध्यम से पंजाब के मोहाली की एक इमीग्रेशन एजेंसी के संपर्क में आया। एजेंसी की कर्मचारी सुमन ने बेटे शिवा को यूनाइटेड किंगडम (यूके) भेजने का भरोसा दिलाया और कुल खर्च 16 लाख रुपये बताया। शुरुआत में फाइल तैयार करने के नाम पर लगभग 12 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके बाद अलग-अलग बहानों से लगातार रकम मांगी जाती रही। कभी सुरक्षा राशि के नाम पर तो कभी दूतावास शुल्क, साक्षात्कार प्रक्रिया और बायोमेट्रिक के नाम पर भी भारी रकम वसूली गई। इस प्रकार 10 लाख रुपये से अधिक उनसे लिए गये। पीड़ित के अनुसार 22 अगस्त 2025 को उनके बेटे शिवा को चंडीगढ़ बुलाया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर बताया गया कि बायोमेट्रिक प्रक्रिया रद्द हो गई है। बाद में एक सप्ताह में नयी तिथि देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन आज तक न तो वीजा मिला और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। जयदीप का कहना है कि जब भी वह एजेंसी से संपर्क करते हैं तो उन्हें टालमटोल कर दिया जाता है। इस धोखाधड़ी के कारण उनका परिवार मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से परेशान है। परिवार को अहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है, जिसके बाद उन्होंने उच्च स्तर पर शिकायत दी है। जिसकी अब शिकायत दर्ज
हुई है।

