सेहत

माइक्रोनुट्रिएंट्स वाली हरी-भरी हो थाली

माइक्रोनुट्रिएंट्स वाली हरी-भरी हो थाली

दीप्ति अंगरीश

कोविड से बचने के लिए हर कोई हेल्दी फूड खाने की सलाह देता है। हेल्दी फूड में कई चीजें हैं, लेकिन बहुत जऱूरी है कि अापकी थाली माइक्रोनुट्रिएंट्स वाली हरी-भरी हो। असल में कोविड के समय आपको अपनी ईटिंग हैबिट्स पर खास ध्यान देना चाहिए। यही इम्यूनिटी बूस्ट करेगी और अंदर से स्ट्रांग बनाएगी। माना हर परिस्थिति में डाॅक्टर व न्यूट्रीशनिस्ट पौष्टिक खाने की सलाह देते हैं। लेकिन विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि केवल कोरोना के इलाज के समय ही पौष्टिक आहार लेने भर से काम नहीं चलेगा। आपको खानी होगी माइक्रोनुट्रिएंट्स वाली थाली।

कम्युनिटी मेडिसिन एक्सपर्ट और जोधपुर स्थित आईसीएमआर की संस्थान एनआईआईआरएनसीडी के निदेशक डॉ अरुण शर्मा कहते हैं कि कोरोना से ग्रस्त लोगों को बीमारी से उबरने के लिए पौष्टिक आहार की जरूरत पड़ती है। उन्हें प्रोटीन और कैलोरीयुक्त भरपूर पौष्टिक आहार जैसे दूध, पनीर, दाल आदि का सेवन करना चाहिए। साथ ही, उन्हें माइक्रोनुट्रिएंट्स जैसे कैल्शियम, आयरन, जिंक जो हरी सब्जियों और फलों आदि में होता है, का भी सेवन करना चाहिए। डॉ शर्मा ने कहा कि आम तौर पर कोरोना का मरीज अक्सर अपनी स्वाद और सूंघने की क्षमता खो देता है। इलाज के दौरान दवाओं और बुखार की वजह से भी उन्हें भोजन करने की इच्छा नहीं होती, लेकिन थोड़े-थोड़े वक्त कुछ खाते रहने से शरीर में बीमारी से लड़ने की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहती है।

बहुत काम के ये तरल पदार्थ

कोरोना का खतरनाक वायरस रोगी के खून को गाढ़ा करता है, जिससे खून में क्लॉट्स बनने की आशंका रहती है। ये क्लॉट्स स्ट्रोक का कारण भी बन सकते हैं। इससे मस्तिष्क में ब्लीडिंग होने का भी खतरा बना रहता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए आवश्यक है कि मरीज काफी मात्रा में तरल पदार्थों जैसे फलों का रस, पानी, नारियल पानी आदि का सेवन करें। डॉ शर्मा आगे कहते हैं कि कोरोना के मरीज को पूरी तरह से स्वस्थ हो जाने के बावजूद उनके शरीर में कमजोरी आ जाती है। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि केवल बीमारी के इलाज के वक्त ही नहीं, बल्कि उसके बाद भी कुछ हफ्तों तक कोरोना को मात देने वाले पौष्टिक आहार और तरल पदार्थ पहले की ही तरह लेते रहें। ऐसा करने से उनके शरीर की कमजोरी तो दूर होती ही है। साथ ही, उनके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास भी होता है।

बरसात में थोड़ा संभलकर

यूं तो हरी-भरी थाली खाने के कई फायदे हैं, लेकिन बरसात में थोड़ा संभलना चाहिए। विशेषज्ञ कहते हैं कि बरसात में हरी पत्तियों वाली सब्जियों या ऐसे ही अन्य खाद्य पदार्थाें में फंगस का डर लगा रहता है। अव्वल तो यह है कि जब प्रॉपर बारिश शुरू हो जाये तो कुछ दिन के लिए हरी सब्जी न ही खायें, लेकिन अगर आपने खाना ही है तो इसे अच्छी तरह धोकर और खूब पकाकर खायें। वैसे तो साफ-सफाई का ध्यान हर मौसम में ही रखना चाहिए, लेकिन बरसात में इस पर थोड़ा ज्यादा ध्यान रखा जाना चाहिए। तो अपने खानपान पर ध्यान रखें, डॉक्टरों एवं विशेषज्ञों की सलाह पर अच्छा खाते रहें और स्वस्थ रहें।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें

ज़रूर पढ़ें

पाक सेना के तीर से अधीर हामिद मीर

पाक सेना के तीर से अधीर हामिद मीर

नीति-निर्धारण के केंद्र में लाएं गांव

नीति-निर्धारण के केंद्र में लाएं गांव

असहमति लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा

असहमति लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा

बदलोगे नज़रिया तो बदल जाएगा नज़ारा

बदलोगे नज़रिया तो बदल जाएगा नज़ारा

हरियाणा के सामाजिक पुनर्जागरण के अग्रदूत

हरियाणा के सामाजिक पुनर्जागरण के अग्रदूत

मुख्य समाचार

गांवों में दी गयी 64% खुराकें

गांवों में दी गयी 64% खुराकें

कोरोना 21 जून की ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’/ 89.09 लाख टीके लगे

केंद्र की सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगे गुपकार नेता

केंद्र की सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगे गुपकार नेता

पीएजीडी की बैठक के बाद फारूक की घोषणा

सरकार के कोविड प्रबंधन पर कांग्रेस का ‘श्वेत पत्र’

सरकार के कोविड प्रबंधन पर कांग्रेस का ‘श्वेत पत्र’

केंद्र सरकार की ‘गलतियों और कुप्रबंधन’ का उल्लेख

पवार के घर जुटे विपक्षी नेता

पवार के घर जुटे विपक्षी नेता

टीएमसी, सपा, आप और रालोद सहित कई पार्टियां शामिल