परिवार के साथ भावनात्मक जुड़ाव का समय : The Dainik Tribune

परिवार के साथ भावनात्मक जुड़ाव का समय

परिवार के साथ भावनात्मक जुड़ाव का समय

दीप्ति अंगरीश

आपने सुना तो बहुत होगा कि परिवार को समय भी चाहिए होता है। पर ऑफिस के आगे आपको कुछ प्रायोरिटी लिस्ट में लगता ही नहीं होगा। आपको यही महसूस होता होगा कि आप कमा भी तो परिवार के लिए रहे हैं। ऐसे में परिवार के सदस्यों के साथ हंसना-बतियाना बहुत जरूरी नहीं है। लेकिन वे सब समझते हैं। यदि आपका भी ऐसा एटिट्यूड है, तो ये रवैया आपकी फैमिली के परस्पर भावनात्मक जुड़ाव पर असर भी डाल सकता है।