खुशनुमा अहसास बनाते हैं खाने काे लज़ीज : The Dainik Tribune

खान-पान

खुशनुमा अहसास बनाते हैं खाने काे लज़ीज

खुशनुमा अहसास बनाते हैं खाने काे लज़ीज

रेणु खंतवाल

परिवार सहित घर से बाहर लंच और डिनर पर जाने का ट्रेंड दिन-पर-दिन बढ़ता जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है बेहद टाइट शेड्यूल के बीच कुछ पल परिवार के साथ बिताना और अच्छे स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेना। साथ ही इस तरह आउटिंग भी हो जाती है जो काम के तनाव के बीच राहत व सुकून के कुछ पल इंसान की झोली में डाल देती है।

अब इस आउटिंग में लोग कुछ ऐसे खाने की तलाश में होते हैं जो उन्हें कुछ हट कर अहसास कराए। ऐसा न हो कि बस खाना खाया और घर लौट आए। यही वजह है कि अब रेस्तरां वाले खाने के साथ-साथ अपने फूड लवर ग्राहकों को स्पेशल फील करने और कुछ हट कर अनुभव कराने के लिए अलग-अलग थीम पर काम करने लगे हैं।जिसमें इन दिनों दो ट्रेंड सबसे ज्यादा हिट हैं। एक तो लाइव कुकिंग व बार्बेक्यू नेशन और दूसरा फूड विद म्यूजिक।

फूड मेकिंग लाइव

आज लोग खाने का केवल स्वाद नहीं लेना चाहते बल्कि वे फूड मेकिंग की प्रक्रिया को भी लाइव देख कर उसका अनुभव लेना चाहते हैं। इसके लिए वे अपनी बारी का इंतजार करने को तैयार रहते हैं। इससे जहां लाइव कुकिंग को देखने और उस रेसिपी को कैसे तैयार किया जा रहा है वो भी लोगों को सीखने का मौका मिलता है। कई महिलाएं जो कुकिंग की शौकीन होती हैं वहां से सीख कर घर पर उस डिश को तैयार कर लेती हैं।

मनमाफिक रेसिपी

लाइव कुकिंग का एक फायदा यह भी होता है कि ग्राहक को अपने टेस्ट के अनुसार खाना मिलता है। लाइव कुकिंग में वे अपनी इच्छा और स्वाद के अनुसार चीजें उस रेसिपी में डलवा सकता है। जैसे कोई अगर लहसुन नहीं खाता या प्याज से दिक्कत है या फिर डॉक्टर ने किसी चीज़ को खाने से मना किया है तो वे अपने लिए अपने अनुसार भी किसी डिश को तैयार करवा सकते हैं। कितना चटपटा स्वाद चाहिए वो बता सकते हैं। किसी रेस्तरां में अपनी मर्जी के अनुसार खाना तैयार करवाना एक अलग और अच्छा अनुभव कराता है। स्पेशल फील करवाता है।

खुद बनायें ग्रिल्ड स्टार्टर

वहीं बार्बेक्यू नेशन में लोगों को अपनी डाइनिंग टेबल पर छोटा-सा तंदूर लगा मिलता है जहां वह खुद अपने लिए बातें करते-करते पनीर टिक्का, मशरूम टिक्का जैसे ग्रिल्ड स्टार्टर का बहुत ही शानदार अनुभव ले सकते हैं। और खुद अपने लिए गरमागरम स्टार्टर तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा लाइव कुकिंग भी एंजॉय कर सकते हैं। लंबे समय से हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में काम कर चुके बार्बेक्यू नेशन के रीजनल मार्केटिंग मैनेजर अंकित पुरोहित बताते हैं कि अब लोग केवल खाना खाने के लिए किसी रेस्तरां नहीं जाना चाहते बल्कि वे एक अलग अनुभव पाना चाहते हैं। यही वजह है कि अब लोग बार्बेक्यू नेशन आना पसंद करते हैं। इस तरह के थीम लोग अब तक बड़े-बड़े लॉन और पार्कों में एंजॉय करते रहे हैं लेकिन अब ये सब उन्हें अपने डाइनिंग टेबल पर मिल रहा है जो उन्हें और ज्यादा अच्छा अनुभव करा रहा है।

भोजन-संगीत साथ-साथ

संगीत भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। अच्छे स्वादिष्ट भोजन के साथ अगर संगीत भी हो तो क्या कहने। इस थीम पर भी काफी लोगों ने अपने रेस्तरां तैयार किए हैं जहां फूड लवर अपने पसंदीदा लजीज़ पकवानों के साथ अपनी फरमाइश पर गाने सुनते हुए भोजन का आनंद लेते हैं। इस तरह के थीम भी लोगों को बहुत पसंद आती है। अच्छा खाना और अच्छा संगीत हम भारतीय लोगों को एक अलग ही स्तर पर ले जाता है जो सुकून देता है और रोज की भागदौड़ भरी जिंदगी और वर्क प्रेशर के बीच सुकून के दो पल देता है और इंसान को फिर से चार्ज कर देता है। रिफ्रैश कर देता है। तनाव कम करता है। रिश्तों में मजबूती और प्रेम को बढ़ाता है। दो पल परिवार के साथ सुकून और आनंद से बिताने का मौका देता है। यही वजह है कि अब इस बात को फूड इंडस्ट्री भी समझने लगी है और वे इस प्रकार है नए प्रयोग कर रही है। ताकि भोजन मात्र पेट भरने का साधन न रहे बल्कि भोजन के साथ साथ वो अपने ग्राहकों के लिए मनोरंजन और सुकून के साथ ही नए-नए अनुभव भी दे।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें

ज़रूर पढ़ें

ओटीटी पर सेनानियों की कहानियां भी

ओटीटी पर सेनानियों की कहानियां भी

रुपहले पर्दे पर तनीषा की दस्तक

रुपहले पर्दे पर तनीषा की दस्तक

पंजाबी फिल्मों ने दी हुनर को रवानगी

पंजाबी फिल्मों ने दी हुनर को रवानगी

आस्था व प्रकृति के वैभव का पर्व

आस्था व प्रकृति के वैभव का पर्व

मुख्य समाचार