बगिया महकेगी...लहकेगी... कलियां झूमेंगी...फूलेंगी

इस मौसम में कटिंग से लगाएं फूलों के पौधे

बगिया महकेगी...लहकेगी... कलियां झूमेंगी...फूलेंगी

रजनी अरोड़ा

घर को महकाते फूल किसे अच्छे नहीं लगते। अगर आप इनके पौधे लगाना चाहते हैं, तो आजकल चल रहा बरसात का मौसम सबसे अच्छा है। फूलों के ऐसे कई पौधे हैं जिन्हें कटिंग से आसानी से लगाया जा सकता है। बारिश के पानी में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं जिनसे न केवल पौधे लग जाते हैं बल्कि उनकी बढ़त भी अच्छी होती है। कटिंग से लगाए पौधे बहुत कम खर्च में तैयार कर सकते हैं और अपनी बगिया महका सकते हैं।

रातरानी

इस पौधे पर शाम को फूल खिलते हैं जो सुबह धूप निकलने से पहले तक खिले रहते हैं। रात को ये अपनी सुगंध बिखेरते हैं। इसकी कटिंग जुलाई से अक्तूबर तक लगाई जा सकती है और फूल दिसंबर-फरवरी को छोड़कर लगभग पूरे साल खिलते हैं।

मोगरा

अप्रैल से दिसंबर महीने तक आने वाले और भीनी-भीनी खुशबू बिखेरने वाले सफेद रंग के मोगरा फूलों का पौधा इनमें से एक है। मोगरा को जुलाई-अगस्त में कटिंग से उगाया जा सकता है। इसकी एक साल पुरानी शाखा की 4-5 इंच लंबी कटिंग बनाकर लगाई जा सकती है। जिसमें से 15-20 दिन में छोटी-छोटी शाखाएं निकलना शुरू हो जाती हैं।

कामिनी

एक और सुगंधित फूलों वाला पौधा है। इसमें गुच्छों में फूल आते हैं। इसकी मोटी कटिंग जुलाई-अगस्त में लगाई जाती है और 20-25 दिनों में इसका पौधा लग जाता है।

गुलदाउदी

सर्दियों में कई रंगों के गुलदाउदी फूल भी कटिंग से लगाए जा सकते हैं। जुलाई-अगस्त महीने में इसकी कटिंग लगाई जाती है। नवंबर से मार्च के महीने तक इसके फूल खिलते हैं।

कनेर

लाल, पीले या सफेद रंग के कनेर फूलों के पौधें भी कटिंग से लगाए जा सकते हैं। आजकल इसके हाइब्रिड वैराइटी के कनेर भी नर्सरी में मिलते हैं। इन पर गुच्छों में फूल आते हैं। जुलाई-अगस्त में कटिंग लगाई जाती है। इसे बहुत कम पानी और देखरेख की जरूरत होती है।

बोगनविलिया

कटिंग से बड़ी आसानी से उगने वाला पौधा है। इसे बहुत कम देखरेख और कम पानी की जरूरत होती है। इसकी मोटी कटिंग बरसात ही नहीं,गर्मियों में भी उगाई जा सकती है।

गुड़हल

तकरीबन पूरे साल खिलने वाले गुड़हल के फूल का पौधा भी कटिंग से लगाया जा सकता है। ये फूल कई रंगों के होते हैं जिनमें चटक लाल रंग बहुत सुंदर लगते हैं। गमले या जमीन पर इसकी कटिंग जुलाई से अक्तूबर में लगाई जा सकती है।

मधुमालती

इसकी बेल घर के दरवाजे या दीवार के सहारे ज्यादातर जमीन में लगाई जाती है। इसकी देखरेख करने की ज्यादा जरूरत नही होती। बड़ी संख्या में फूल आते हैं।

चमेली

बगिया को महकाने वाला चमेली फूल का पौधा गमले में भी उगाया जा सकता है। बेल की तरह बढ़ने वाला चमेली की टहनियां कमजोर होती हैं। जल्दी टूटने के कारण इसकी कटिंग थोड़ी मोटी लगानी चाहिए। चमेली के फूल जून से दिसंबर तक आते हैं। रखें सावधानी

  • कटिंग उगाने के लिए मिट्टी उर्वरक होनी जरूरी है। इसका रेशियो बगीचे की मिट्टी 60 प्रतिशत, गोबर या कम्पोस्ट खाद 30 प्रतिशत और रेतीली मिट्टी 10 प्रतिशत होना चाहिए
  • मिट्टी में एंटी बैक्टीरियल दवा जरूर मिलाएं ताकि कटिंग सड़ने न पाए।
  • ध्यान रखें कि कटिंग वाले पौधे के गमले या जमीन में बारिश का ज्यादा पानी इकट्ठा न हो। इससे कटिंग खराब हो सकती है। पानी निकालते रहें। जमीन में इसके लिए छोटी नाली बनाएं। संभव हो तो कटिंग पहले छोटे ग्रो बैग में उगाएं ताकि लगातार बारिश आने पर उसे सुरक्षित जगह ला सकें।
  • पौधे को कटिंग से उगाने के लिए उस पौधे की कम से कम एक साल पुरानी मोटी शाखा लें।
  • कटिंग 2-5 इंच लंबी ही बनाएं। इससे ज्यादा होने पर इसके हिलने की संभावना रहती है।
  • उगाते समय कटिंग का आधा भाग मिट्टी के अंदर होना चाहिए।
  • कटिंग गमले में लगाने के एक सप्ताह तक छाया में रखें। जमीन पर लगाई कंटिंग के ऊपर शेड बना दें ताकि धूप में सूखनेन पाए।
  • कटिंग लगाने के तुरंत बाद मिट्टी में पानी दे। रोजाना पानी न दें।

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