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कर्णप्रिय आवाज़ से सजी एक रूहानी संगीत की शाम

सुर, सुकून और सूफियाना रंग

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हरगुन कौर की आवाज में सजी वह संगीत शाम सुरों, सूफियाना रंग और सदाबहार बॉलीवुड धुनों का खूबसूरत संगम रही। ‘द पियानोमैन’ में सजे इस खास आयोजन में हरगुन ने अपनी दमदार और भावपूर्ण गायकी से श्रोताओं को बांधे रखा। तालियों, संगीत और रूहानी अहसास से भरी यह शाम लंबे समय तक याद रहेगी।

कुछ शामें केवल सुनी नहीं जातीं, उन्हें महसूस किया जाता है। ऐसी ही एक संगीतमय शाम सजी थी हरगुन कौर के साथ, जहां सूफियाना रंग, बॉलीवुड की लोकप्रिय धुनें और उनकी दमदार आवाज ने एक संगीत बैठक का रूप ले लिया। प्रतिष्ठित एनएमएसीसी से लेकर मॉस्को के क्रेमलिन पैलेस और देश भर के प्रमुख संगीत समारोहों तक, हरगुन ने विश्वभर के श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है। हरगुन कौर अपनी विशिष्ट गायकी से उन गीतों को नए भाव और संवेदना के साथ प्रस्तुत करती हैं, जिनसे हमारी स्मृतियां और भावनाएं जुड़ी हैं। सूफी संगीत की रूहानियत से लेकर सिनेमा की दिल को छू लेने वाली धुनों तक, वह शाम संगीत के अलग-अलग रंगों से रूबरू कराने के नाम रही।

‘आज जाने की जिद मत करो’, ‘ये तूने क्या किया’, ‘लग जा गले’, ‘बड़ी लंबी जुदाई’ जैसे गानों को हरगुन कौर की आवाज में सुन हर कोई झूमने लगा था। धुन, लय और गीत के बोल तभी दिल तक छूते हैं, जब गाने वाले की आवाज में कशिश हो और हरगुन कौर की आवाज दिल को ही नहीं, रूह को भी छूती है।

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शनिवार की रात एक जैज़ क्लब, ‘द पियानोमैन’, जो किसी एक कल्चरल संस्थान से कम नहीं है, में संगीतमय माहौल का ऐसा नजारा देखने को मिला, जहां हर किसी के पांव थिरक रहे थे और हरगुन कौर के साथ तालियां बजाते हुए गीतों को गा रहे थे। इसका श्रेय जाता है ‘द पियानोमैन’ के फाउंडर अर्जुन सागर गुप्ता को, जिन्हें अब ‘भारत का पियानोमैन’ कहा जाने लगा है। डिग्री से इंजीनियर, शौक से ट्रेंड जैज़ पियानोवादक और स्वभाव से हॉस्पिटैलिटी एंटरप्रेन्योर, अर्जुन ने 2015 में सफदरजंग एन्क्लेव में 48 सीटों वाला एक छोटा सा जैज़ क्लब ‘द पियानोमैन’ शुरू किया था। उसके बाद गुरुग्राम और साकेत में इसे खोला गया। जैज़ के आस-पास एक छोटी सी कम्युनिटी बनाने की कोशिश के तौर पर शुरू हुआ यह क्लब अब भारत के सबसे खास लाइव म्यूज़िक और कल्चरल एंटरप्राइज़ में से एक बन गया है।

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मध्यम रोशनी में गोलाकार सीटों पर बैठे दर्शक और रोशनी के बीच खड़ी हरगुन कौर और उनकी टोली... वह समां संगीत के सूफियाने रूप का साक्षी बना। गाने तो हम रोज ही सुनते हैं, पर माहौल उन गीतों को और करीब ले आता है और तब उनका एक-एक बोल दिल में उतर जाता है।

‘द वॉइस ऑफ इंडिया’ जैसे शो की फाइनलिस्ट रहीं और अब उसकी जज हरगुन अपनी दमदार आवाज और बहुमुखी प्रतिभा के लिए जानी जाती हैं, जिन्होंने ए.आर. रहमान, विशाल भारद्वाज और सुखविंदर सिंह जैसे दिग्गजों के साथ भी काम किया है।

बॉलीवुड बैठकी में हरगुन कौर की प्रस्तुति में सूफी, लोक, बॉलीवुड और पश्चिमी संगीत का सुंदर मिश्रण था, जो विविध प्रभावों को एक अंतरंग और भावपूर्ण बैठक में समाहित करता है। हरगुन द्वारा रचित भावपूर्ण, कहानियों से भरपूर और अविस्मरणीय प्रस्तुतियों के साथ, सूफी और लोक संगीत के प्रभावों से परिपूर्ण, सदाबहार बॉलीवुड धुनों की वह शाम हर संगीत प्रेमी के लिए यादगार रही। हरगुन कौर जब मंच पर आती हैं, तो एक अलग ही ऊर्जा भर जाती है। रोशनी, तालियों और संगीत की गूंज से वह पूरे माहौल को संगीतमय बना देती हैं।

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