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कौन हैं धीरेंद्र ओझा? रिटायरमेंट के बाद भी एक साल संभालेंगे PIB की कमान

केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर 2026 से 30 सितंबर 2027 तक अनुबंध के आधार पर धीरेंद्र ओझा की फिर नियुक्ति को मंजूरी दी; जानिए उनका प्रशासनिक और मीडिया क्षेत्र से जुड़ा सफर

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प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के प्रधान महानिदेशक (Principal Director General) धीरेंद्र ओझा की फाइल फोटो। फोटो स्रोत पीआईबी वेबसाइट
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केंद्र सरकार ने प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के प्रधान महानिदेशक (Principal Director General) धीरेंद्र ओझा को सेवानिवृत्ति के बाद एक साल के लिए फिर नियुक्त किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओझा की एक साल की संविदात्मक पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी है।

यह नियुक्ति 1 अक्टूबर 2026 से 30 सितंबर 2027 तक प्रभावी रहेगी या अगले आदेश तक जारी रहेगी। खास बात यह है कि आदेश उसी दिन जारी हुआ, जिस दिन ओझा की निर्धारित सेवानिवृत्ति थी। ओझा को एक कुशल अधिकारी माना जाता है।

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कौन हैं धीरेंद्र ओझा?

धीरेंद्र ओझा केंद्र सरकार के वरिष्ठ सूचना एवं प्रसारण सेवा अधिकारी हैं। वह फिलहाल प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के प्रधान महानिदेशक के पद पर हैं। PIB केंद्र सरकार की नीतियों, फैसलों, कार्यक्रमों और उपलब्धियों से संबंधित आधिकारिक सूचनाएं मीडिया तक पहुंचाने वाली प्रमुख सरकारी एजेंसी है।

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प्रधान महानिदेशक के तौर पर ओझा की भूमिका केंद्र सरकार और मीडिया के बीच आधिकारिक संचार व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है। PIB के माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की प्रेस विज्ञप्तियां, सरकारी घोषणाएं, तथ्यात्मक स्पष्टीकरण और अन्य आधिकारिक सामग्री मीडिया तक पहुंचती है।

रिटायरमेंट के बाद क्यों मिली पुनर्नियुक्ति?

सरकार के आदेश के अनुसार ओझा को सामान्य सेवा विस्तार देने के बजाय अनुबंध के आधार पर पुनर्नियुक्त किया गया है। उनकी नई नियुक्ति एक साल के लिए है।

इसका मतलब है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वह PIB के प्रधान महानिदेशक के रूप में अपनी जिम्मेदारी जारी रखेंगे। आदेश में यह भी कहा गया है कि नियुक्ति 30 सितंबर 2027 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी।

वरिष्ठ अधिकारियों को सेवा विस्तार का सिलसिला

ओझा की पुनर्नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों को हाल के महीनों में उनके निर्धारित कार्यकाल के बाद भी पद पर बनाए रखा गया है।

अगस्त 2026 में कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन का कार्यकाल एक साल बढ़ाकर 30 अगस्त 2027 तक किया गया था। गृह सचिव गोविंद मोहन को भी 22 अगस्त 2027 तक एक साल का विस्तार दिया गया।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री को जुलाई में एक साल का विस्तार मिला था और अब वह 14 जुलाई 2027 तक इस पद पर रहेंगे। उन्हें इससे पहले भी सेवानिवृत्ति के बाद 19 महीने का विस्तार दिया जा चुका था।

इसी तरह आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा को जून 2026 में पांचवीं बार विस्तार मिला और उनका कार्यकाल 28 जून 2027 तक कर दिया गया।

दूसरे अहम पदों पर भी जारी रहा है कार्यकाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को जून 2024 में तीसरा पांच वर्षीय कार्यकाल दिया गया था। वहीं इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका को 2025 में एक और साल का विस्तार मिला।

इस लिहाज से धीरेंद्र ओझा की पुनर्नियुक्ति भी वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर बनाए रखने की व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, ओझा का मामला नियमित सेवा विस्तार के बजाय सेवानिवृत्ति के बाद संविदात्मक पुनर्नियुक्ति का है।

PIB क्यों महत्वपूर्ण है?

PIB केंद्र सरकार की आधिकारिक मीडिया संचार व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रधानमंत्री कार्यालय, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की नीतियों तथा फैसलों से जुड़ी जानकारी PIB के माध्यम से मीडिया तक पहुंचती है।

ऐसे में PIB के प्रधान महानिदेशक का पद सरकार के आधिकारिक संचार तंत्र में महत्वपूर्ण माना जाता है। धीरेंद्र ओझा की एक साल की पुनर्नियुक्ति से वह इस भूमिका में सितंबर 2027 तक बने रहेंगे, जब तक इससे पहले कोई अन्य आदेश जारी नहीं होता।

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