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Haryana Rajya Sabha Elections: हरियाणा में दो सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव, यहां पढ़ें नंबर गेम में कौन भारी?

Haryana Rajya Sabha Elections: किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल हाे रहा 9 अप्रैल को पूरा

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सांकेतिक फोटो।
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Haryana Rajya Sabha Elections: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। देशभर में 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए चुनाव घोषित हुआ है। हरियाणा से किरण चौधरी व रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल के पूरा हो रहा है। नब्बे सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा में संख्याबल के हिसाब से एक सीट भाजपा और दूसरी कांग्रेस के खाते में जा सकती है।

सत्तारूढ़ भाजपा ने अगर दूसरी सीट पर भी अपना उम्मीदवार मैदान में उतार दिया तो राजनीतिक समीकरण पूरी तरह से बदल जाएंगे। ऐसी स्थिति में कांग्रेस के सामने बड़ा चैलेंज होगा। यह चुनौती होगी अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने और क्रॉस वोटिंग को रोकने की। हरियाणा में पूर्व में भी दो-तीन बार राज्यसभा चुनावों में बड़ा खेल हो चुका है। भाजपा ने पर्याप्त संख्याबल नहीं होने के बाद भी दो बार राज्यसभा की सीटों पर जीत हासिल की है।

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10 अप्रैल, 2020 में इन दो सीटों के लिए हुए आमचुनाव में भाजपा ने रामचंद्र जांगड़ा और कांग्रेस ने दीपेंद्र सिंह हुड्डा को टिकट दिया था। उस समय चुनावों की नौबत नहीं आई और दोनों ही नेता आसानी से राज्यसभा जाने में कामयाब हुए थे। 2024 के लोकसभा चुनावों में दीपेंद्र हुड्डा ने रोहतक संसदीय सीट से जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद ही किरण चौधरी व उनकी बेटी श्रुति चौधरी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली थी।

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दीपेंद्र हुड्डा के इस्तीफे के बाद खाली हुई राज्यसभा की सीट के लिए अगस्त-2024 में उपचुनाव हुआ। भाजपा ने इस सीट पर पूर्व मंत्री किरण चौधरी को उम्मीदवार बनाया। किरण व रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल को पूरा हो रहा है। इसी के चलते आयोग ने चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। अब दोनों ही पार्टियों – भाजपा व कांग्रेस के नेताओं में राज्यसभा जाने को लेकर लॉबिंग चल रही है। नेताओं द्वारा दिल्ली दरबार में भागदौड़ शुरू की जा चुकी है।

यह भी पढ़ें: Rajya Sabha Elections: राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव 16 मार्च को, हरियाणा की दो सीटें भी शामिल

इस तरह समझें चुनावी गणित

नब्बे सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा के 48 विधायक हैं। तीनाें निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल, देवेंद्र कादियान व राजेश जून भी भाजपा के साथ हैं। इनेलो के दो विधायक – आदित्य देवीलाल व अर्जुन चौटाला का कांग्रेस के साथ जाने के कोई चांस नहीं है। वहीं कांग्रेस के पास खुद के 37 विधायक हैं। कांग्रेस को यह सीट जीतने के बाद 31 विधायकों की जरूरत है। इसी फार्मूले के तहत भाजपा को एक सीट मिलनी तय है।

बदल सकते समीकरण

भाजपा ने अगर दूसरी सीट पर भी उम्मीदवार खड़ा कर दिया तो राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि भाजपा में अंदरखाने दूसरी सीट को लेकर पिछले कई दिनों से मंथन चल रहा है। भाजपा के रणनीतिकार पिछले लम्बे समय से इस चुनाव पर नजर लगाए हुए हैं। बताते हैं कि कांग्रेस के कुछ विधायकों से अंदरखाने संपर्क भी किया गया। अगर पार्टी को यह लगा कि वह चुनाव में खेल कर सकती है तो दूसरी सीट पर भी उम्मीदवार आ सकता है। यह स्थिति कांग्रेस के लिए सबसे बड़े चैलेंज वाली रहेगी। 37 विधायकों के होते हुए भी अगर कांग्रेस चुनाव हारती है तो हाईकमान में भी इसका बड़ा मैसेज जाएगा।

पहले भी हो चुकी उलटफेर

2016 में भाजपा ने कांग्रेस व इनेलो के सांझे उम्मीदवार आरके आनंद के मुकाबले सुभाष चंद्रा को निर्दलीय चुनाव लड़वाया था। उस समय स्याही कांड के चलते पर्याप्त संख्याबल होते हुए आनंद चुनाव हार गए थे और सुभाष चंद्रा ने जीत हासिल की थी। इसके बाद अगस्त-2022 के चुनावों में क्रॉस वोटिंग के चलते कांग्रेस के अजय माकन चुनाव हार गए। वहीं भाजपा व जजपा समर्थन से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले कार्तिकेय शर्मा जीत हासिल करने में कामयाब रहे।

बजट सत्र के दौरान ही चुनावी घमासान

हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र 20 फरवरी से शुरू होगा। वित्त मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 2 मार्च को अपनी सरकार का दूसरा वार्षिक बजट पेश करेंगे। इसी दौरान राज्यसभा चुनावों को लेकर भी घमासान चल रहा होगा। हालांकि चुनाव कार्यक्रम इस हिसाब से जारी हुआ है कि उन दिनों में हरियाणा विधानसभा के सत्र की सिटिंग नहीं होगी। इस दौरान सत्र का ब्रेक पीरियड चल रहा होगा।

यह है चुनावी कार्यक्रम

चुनावों के लिए नोटिफिकेशन 26 फरवरी को जारी होगा। यानी इसी दिन से नामांकन-पत्र जमा करवाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 5 मार्च तक नामांकन-पत्र जमा हो सकेंगे। छह मार्च को नामांकन-पत्रों की छंटनी होगी और 9 मार्च को नामांकन-पत्र वापस लेने की आखिरी तारीख होगी। इन सीटों पर अगर एक-एक ही उम्मीदवार आते हैं तो नामांकन वापसी के दिन ही नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। अगर दो से अधिक उम्मीदवार चुनावी मैदान में आए तो फिर 16 मार्च को चुनाव करवाया जाएगा और इसी दिन नतीजे घोषित होंगे।

बैलेट से ही होंगे चुनाव

राज्यसभा के चुनाव पूर्व की तरह इस बार भी बैलेट पेपर से ही होंगे। सभी नब्बे विधायकों को मतदान के अधिकार होंगे। चुनाव आयोग ने कार्यक्रम घोषित करने के बाद ये निर्देश भी दिए हैं कि चुनाव के दौरान स्कैच पैन (आयोग द्वारा पूर्व में निर्धारित) का ही इस्तेमाल किया जाएगा। कोई दूसरा पैन मान्य नहीं होगा। राज्यसभा के चुनावों में व्हिप जारी भी नहीं की जा सकती। इसी वजह से क्रॉस वोटिंग और चुनावों में ‘खेल’ होने की संभावना बनी रहती है।

जानिए कहां-कहां होने चुनाव

10 राज्यों की 37 सीटों पर आमचुनाव भारत निर्वाचन आयोग ने घोषित किया है। हरियाणा की दो सीटों के अलावा हिमाचल प्रदेश की एक सीट पर भी चुनाव होगा। हिमाचल प्रदेश में इंदू बाला गोस्वामी का कार्यकाल 9 अप्रैल को पूरा हो रहा है। इसी तरह से महाराष्ट्र में 7, उड़ीसा में 4, तमिलनाडु में 6, पश्चिमी बंगाल में 5, असम में 3, बिहार में 5 तथा छत्तीसगढ़ में दो सीटों पर चुनाव होगा।

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