Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

The Dark Side of Parks : सैर करने जाते हैं या बीमारी घर लाने? पार्कों की हरियाली में छिपे 'अदृश्य' दुश्मनों से रहें सावधान

सार्वजनिक पार्कों में पालतू पशुओं, खाद्य अपशिष्ट और कीटों से फैल सकती हैं कई संक्रामक बीमारियां; बचाव के लिए हमारी जिम्मेदारी भी अहम।

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

The Dark Side of Parks : सुबह-सुबह सैर करने की बात हो या फिर कभी पिकनिक मनाने की, हमारा रुख पार्कों की ओर होता है। कई इलाके ऐसे होते हैं जहां पार्क हैं ही नहीं। ऐसे में कुछ लोग सड़क किनारे ही morning walk पर चल देते हैं। हालांकि ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। इसलिए पार्क ही सबसे सुरक्षित हैं। लेकिन पार्कों में कुछ दूसरे किस्म की असुरक्षाएं रहती हैं। पहले बात करें पार्कों के महत्ता की। हमारे आसपास पार्कों का होना कितना जरूरी है, यह तो सभी जानते हैं। ऐसे में इनका रुख करने से पहले हमें कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए साथ ही कुछ जिम्मेदारियों का निर्वहन भी करना चाहिए।

असल में पार्क महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल हैं। छुट्टी के दिन बच्चों संग निकल जाइये। कभी सर्दी में गुनगुनी धूप का आनंद और कभी गर्मी में शाम की ठंडी हवा। हम में से अनेक लोग पार्क में भोजन लेकर भी जाते हैं और परिवार संग वहां खाते हैं। कुछ लोग बच्चों को निश्चिंत होकर लोटपोट करने देते हैं। कुछ जगहों पर तो ऑफिस के आसपास अगर पार्क हैं तो कर्मचारी दोपहर को लंच करने भी पार्क में चल देते हैं। कई जगह पार्कों में ही लोग खानपान की चीजें बेचने लगते हैं। हालांकि ऐसा करना मना है। साथ ही पार्कों में जानवरों को भी नहीं ले जाना चाहिए, लेकिन नियमों को ज्यादातर लोग मानते नहीं।

Advertisement

जरा सोचिए तो…

जब पार्क हमारे जीवन का खास हिस्सा हैं तो क्या हमारी कुछ जिम्मेदारियां नहीं बनतीं। साथ ही हमें सावधान भी तो रहना चाहिए। जरा सोचिए क्या पार्क में संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। इसका जवाब है हां। ये बीमारियां खासकर उन जीवों के जरिए फैल सकती हैं, जिनमें हानिकारक रोगजनक होते हैं। ये बीमारियां सीधे संक्रमित पशुओं के संपर्क से हो सकती हैं, या मच्छर, टिक और पिस्सू जैसे कीटों से भी फैल सकती हैं। कुछ बीमारियों के लक्षण हल्के होते हैं, जबकि कुछ गंभीर या जीवनभर असर डाल सकती हैं। इस संबंध में पिछले दिनों आई एक अध्ययन रिपोर्ट में सामने आया कि हम पार्क और हरे-भरे स्थानों पर किस तरह रहते हैं, और इससे हमारे बीमारी के संपर्क में आने की आशंका कैसे बढ़ सकती है। कुछ लोग कुत्तों को पार्क में घुमाने लाते हैं, वे यहां-वहां गंदगी फैलाते हैं। असल में पार्क में बीमारी फैलाने मुख्य कारण हैं, 1. पालतू पशु, 2. खाद्य अपशिष्ट और 3. रोग फैलाने वाले कीट

Advertisement

यह है माजरा

हालिया अध्ययन पर आधारित एजेंसी की खबर के मुताबिक कुत्ते और बिल्लियों जैसे घरेलू जानवर बीमारियों का बड़ा खतरा पैदा कर सकते हैं। जब ये पार्क या सार्वजनिक स्थल पर शौच करते हैं तो अक्सर मिट्टी और पानी को संक्रमित कर देते हैं। पालतू पशुओं में 'राउंडवर्म' भी हो सकते हैं, जो एक लंबा, ट्यूब जैसा परजीवी है और जानवरों की आंत में रहता है। जिन पार्क में कुत्ते और बिल्लियां हों, वहां अधिक राउंडवर्म पाए जाते हैं। यह विशेष रूप से चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए खतरनाक है, क्योंकि छोटे बच्चे अक्सर मिट्टी खाते हैं, जिससे उनके भीतर संक्रमित अंडे खाने का खतरा होता है।

इसके साथ ही खुले कूड़ेदान में पड़ी खाद्य सामग्री भी बीमारी का स्रोत हो सकती है। अगर इन्हें सही तरीके से फेंका नहीं जाता, तो ये चूहों और लोमड़ियों को आकर्षित कर सकती है, जिसकी वजह से हमारे पिकनिक स्थल संभावित बीमारी के केंद्र बन सकते हैं। तीसरे कारक के तौर पर मच्छर और टिक आम रोग वाहक हैं। पार्क और हरे-भरे स्थानों में मच्छर मुख्य चिंता का कारण हैं क्योंकि ये अक्सर स्थिर पानी में पनपते हैं।

हम लोग भी जिम्मेदार

पार्क में रोग फैलने के कारणों में मनुष्य भी शामिल है। हमें अपनी जिम्मेदारी उठानी चाहिए। यदि कुत्ते को ले गये हैं तो उसकी पॉटी उठाकर कहीं डिस्पोज करना चाहिए। कूड़ा-करकट नहीं फैलाना चाहिए। पंछियों को दाना पार्क में नहीं डालना चाहिए क्योंकि पंछियों का मल भी नुकसानदायक होता है और बीमारियों का कारक हो सकता है।

सुरक्षित पार्कों के लिए क्या हों उपाय ?

पार्क हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं क्योंकि ये हमें प्रकृति के करीब लाते हैं। इसलिए बीमारी के डर से पार्क जाना छोड़ना कोई समाधान नहीं है। इसके बजाय, पार्कों का प्रबंधन इस तरह होना चाहिए कि संक्रामक रोगों का जोखिम कम से कम हो। इसके लिए कुछ अहम कदम उठाए जा सकते हैं:

  1. बच्चों के खेल के मैदान के चारों ओर बाड़बंदी की जानी चाहिए।
  2. पार्कों में पालतू कुत्तों को घुमाना और आवारा कुत्तों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित होना चाहिए।
  3. पार्क में खुले डस्टबिन की जगह ढक्कन वाले कूड़ेदान लगाए जाने चाहिए।
  4. पार्क के जलस्रोतों में मछलियां पाली जा सकती हैं, जो मच्छरों के अंडे और लार्वा खा जाती हैं।
  5. पार्कों में अधिक से अधिक देसी पौधे लगाए जाने चाहिए; कुछ पौधे प्राकृतिक रूप से मच्छरों को पनपने से रोकते हैं।
  6. सबसे अहम, माता-पिता को बच्चों पर नजर रखनी चाहिए ताकि वे खेलते समय गंदगी में हाथ न डालें।
Advertisement
×