Panjab University Jobs : डिग्री मिलते ही हाथ में होगी 'लाखों की नौकरी', पंजाब यूनिवर्सिटी के इस विभाग ने कैसे रचा इतिहास? जानें पूरा गणित
90 फीसदी छात्रों को मिला जॉइनिंग लेटर, एचआर स्पेशलाइजेशन में टूटा 20 साल का रिकॉर्ड, 12.5 लाख रुपये पहुंचा औसत पैकेज
Panjab University Jobs : वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव और आईटी सेक्टर में छंटनी की खबरों के बीच चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल (यूबीएस) से एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है। सत्र 2024-2026 के एमबीए बैच के लिए चल रहे प्लेसमेंट सीजन ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। विभाग के करीब 90 प्रतिशत छात्रों ने कोर्स पूरा होने से पहले ही देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। यह कामयाबी न केवल यूबीएस की शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाती है, बल्कि उत्तर भारत में एक प्रीमियम बिजनेस स्कूल के रूप में इसकी स्थिति को और मजबूत करती है।
आंकड़ों की जुबानी, सफलता की कहानी
यूबीएस के इस प्लेसमेंट सीजन का विश्लेषण करें तो आंकड़े चौंकाने वाले और उत्साहजनक हैं। इस शैक्षणिक वर्ष 2025-2026 के दौरान अब तक 126 एमबीए छात्रों का चयन हो चुका है। यदि इसकी तुलना पिछले वर्ष से की जाए, तो पिछले पूरे सीजन में 105 छात्रों को नौकरियां मिली थीं। यानी इस बार अभी सत्र पूरा होने से पहले ही पिछले साल का आंकड़ा पार कर लिया गया है।
सबसे महत्वपूर्ण बात छात्रों को मिलने वाला पैकेज है। इस साल औसत वार्षिक सीटीसी (CTC) लगभग 12.5 लाख रुपये रहने की उम्मीद है। यह राशि दर्शाती है कि कंपनियां यूबीएस के टैलेंट को लेकर कितनी गंभीर हैं और उन्हें प्रतिस्पर्धी वेतन देने के लिए तैयार हैं।
एचआर सेक्टर में 20 साल का रिकॉर्ड टूटा
इस साल के प्लेसमेंट की सबसे बड़ी 'हाईलाइट' मानव संसाधन (HR) स्पेशलाइजेशन रही है। यूबीएस के एचआर विभाग ने इस बार 85 प्रतिशत प्लेसमेंट दर्ज किया है, जो पिछले दो दशकों (20 साल) का सबसे ऊंचा स्तर है। इसके अलावा, फेडरल बैंक की भर्ती प्रक्रिया में एक अनूठा रिकॉर्ड बना—भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले यूबीएस के 100 प्रतिशत उम्मीदवारों का चयन कर लिया गया। यह सफलता पीयू के सेंट्रल प्लेसमेंट सेल और विभाग के बीच बेहतर तालमेल का नतीजा है।
60 से अधिक दिग्गजों की दस्तक, 40 प्रतिशत नई कंपनियां
यूबीएस की साख का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस बार 60 से अधिक नामी कंपनियां कैंपस पहुंचीं। इन कंपनियों का दायरा आईटी और बैंकिंग से लेकर ई-कॉमर्स और एफएमसीजी (FMCG) तक फैला हुआ था।
इन प्रमुख कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी
भर्ती करने वालों में आदित्य बिड़ला कैपिटल, एयरटेल, ब्रिटानिया, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई ग्रुप (बैंक, प्रूडेंशियल, लोम्बार्ड), जेएसडब्ल्यू, केपीएमजी, एक्सिस बैंक और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस जैसे बड़े नाम शामिल रहे। इस बार के पोर्टफोलियो की खास बात यह रही कि इसमें 40 प्रतिशत ऐसी कंपनियां थीं, जो पहली बार यूबीएस में भर्ती के लिए आईं। छात्रों को बिजनेस एनालिटिक्स, ऑपरेशंस, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, फाइनेंशियल एनालिसिस और टैलेंट एक्विजिशन जैसे आधुनिक और जिम्मेदारी वाले पदों की पेशकश की गई है।
आखिर कैसे मिली यह बड़ी कामयाबी?
सफलता का यह 'गणित' केवल क्लासरूम की पढ़ाई तक सीमित नहीं है। फैकल्टी प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर पूर्वा कंसल के अनुसार, इसके पीछे एक साल की कड़ी मेहनत और 'कलेक्टिव अप्रोच' है। छात्रों को उद्योग की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने के लिए कई विशेष पहल की गईं:
ट्रेनिंग सत्र: छात्रों के लिए एप्टीट्यूड डेवलपमेंट और डोमेन-स्पेसिफिक मेंटरिंग सेशन आयोजित किए गए।
मॉक इंटरव्यू: कंपनियों के असली इंटरव्यू से पहले छात्रों को कई बार कृत्रिम इंटरव्यू (Mock) से गुजरना पड़ा।
एलुमनाई नेटवर्क: विभाग के पूर्व छात्रों (Alumni) ने वर्तमान छात्रों के मार्गदर्शन में बड़ी भूमिका निभाई।
नेतृत्व का भरोसा और छात्रों का उत्साह
पीयू की कुलपति प्रोफेसर रेनू विग ने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय की 'Legacy of Excellence' का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि 90 फीसदी प्लेसमेंट यह साबित करता है कि अग्रणी संगठन पीयू के टैलेंट पर पूरा भरोसा करते हैं। वहीं, यूबीएस की चेयरपर्सन प्रोफेसर परमजीत कौर ने संकेत दिए कि प्लेसमेंट अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ हफ्तों में यह आंकड़ा 95 प्रतिशत के पार चला जाएगा।
सेंट्रल प्लेसमेंट सेल की निदेशक प्रोफेसर मीना शर्मा के अनुसार, सेल का मुख्य फोकस भविष्य में और भी अधिक विविधता वाली कंपनियों को कैंपस में लाना है ताकि छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार करियर विकल्प मिल सकें।
छात्रों की जुबानी सफलता का श्रेय
ट्राइडेंट ग्रुप में चयनित हुए यश राज शर्मा, एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस में जगह बनाने वाले जयंत राघव और ब्रिटानिया में प्लेसमेंट पाने वाली दीक्षा गुप्ता का मानना है कि यूबीएस के कड़े पाठ्यक्रम और फैकल्टी के निरंतर सहयोग ने उन्हें कॉरपोरेट जगत के लिए तैयार किया है। यूबीएस का यह प्रदर्शन चंडीगढ़ और पंजाब के उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो एमबीए के जरिए कॉर्पोरेट जगत में नाम कमाना चाहते हैं। 1968 में स्थापित यह संस्थान आज भी अपने अपडेटेड पाठ्यक्रम और इंडस्ट्री कनेक्ट के कारण उत्तर भारत का सिरमौर बना हुआ है।

