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PAN Card Rules : 1 अप्रैल से बदल जाएंगे पैन कार्ड के नियम: सिर्फ आधार से नहीं बनेगा काम, HRA क्लेम में भी बतानी होगी मकान मालिक से रिश्तेदारी

लागू होने जा रहा है 'इनकम टैक्स एक्ट 2025' :  6 दशक पुराने कानून की जगह लेगा 'इनकम टैक्स एक्ट 2025', पैन के लिए केवल आधार से नहीं चलेगा काम। मकान मालिक से रिश्ते बताने से लेकर नकद लेन-देन की सीमाएं भी बदलीं

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PAN Card Rules : देश भर में 1 अप्रैल 2026 से पैन कार्ड (PAN Card) बनवाने, उसे अपडेट करने और इसके जरिए होने वाले वित्तीय लेन-देन की प्रक्रिया पूरी तरह से बदलने जा रही है। आयकर विभाग ने वित्तीय प्रणाली में पहचान संबंधी गड़बड़ियों, फर्जीवाड़े पर लगाम कसने और टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह बड़ा कदम उठाया है। 1 अप्रैल से भारत में 6 दशक पुराने 'इनकम टैक्स एक्ट 1961' की जगह नया 'इनकम टैक्स एक्ट 2025' लागू होने जा रहा है। इसी के तहत 'इनकम टैक्स रूल्स 2026' लागू होंगे। नए नियमों के मुताबिक, अब पैन कार्ड बनवाने के लिए सिर्फ आधार कार्ड (Aadhaar Card) काफी नहीं होगा। इसके साथ ही, पैन और आधार कार्ड पर आवेदक के नाम का बिल्कुल एक समान होना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर दोनों दस्तावेजों में स्पेलिंग में मामूली सा भी अंतर मिलता है, तो आपका आवेदन खारिज हो जाएगा।

खत्म हो रही 'सिंगल डॉक्यूमेंट' की सुविधा

अब तक भारत में लोग सिर्फ अपना आधार कार्ड देकर बेहद आसानी से पैन कार्ड बनवा लेते थे। ऐसा इसलिए था क्योंकि आयकर विभाग आधार को ही आवेदक की पहचान, पते और जन्मतिथि का अंतिम प्रमाण मान लेता था। लेकिन, 31 मार्च 2026 के बाद यह सुविधा पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। 1 अप्रैल से जन्मतिथि की सटीक पुष्टि के लिए आधार के अलावा कम से कम एक अतिरिक्त सरकारी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा।

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आवेदकों को अब पैन कार्ड के आवेदन के साथ जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate), 10वीं कक्षा की मार्कशीट या सर्टिफिकेट, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या मजिस्ट्रेट द्वारा जारी हलफनामे (Affidavit) में से कोई एक अतिरिक्त दस्तावेज अपलोड करना होगा। नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पैन कार्ड पर नाम अब सीधे आधार कार्ड के रिकॉर्ड से उठाया जाएगा। इसलिए, यदि आपके पैन और आधार में नाम अलग-अलग है, तो उसे 31 मार्च 2026 से पहले ठीक करवा लें। शादी के बाद या कानूनी रूप से नाम बदलने की स्थिति में केवल आधार काम नहीं आएगा; इसके लिए मैरिज सर्टिफिकेट या आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन की कॉपी लगाना जरूरी होगा।

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पुराने फॉर्म की विदाई, 'फॉर्म 93' में मां का नाम हुआ अनिवार्य

आयकर विभाग पैन कार्ड आवेदन के फॉर्म और प्रक्रिया को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। 1 अप्रैल 2026 से पुराने आवेदन फॉर्म पूरी तरह से अमान्य हो जाएंगे। भारतीय नागरिकों के लिए अब तक इस्तेमाल होने वाले 'फॉर्म 49A' की जगह नया 'फॉर्म 93' पेश किया गया है। विदेशी नागरिकों के लिए इस्तेमाल होने वाले 'फॉर्म 49AA' की जगह अब 'फॉर्म 95' लेगा।

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि नए 'फॉर्म 93' में आवेदक की मां का नाम लिखना अनिवार्य कर दिया गया है। पुराने फॉर्म 49A में यह वैकल्पिक (Optional) होता था। इसके अलावा फॉर्म में 'आवासीय स्थिति' (Residential Status) का एक नया कॉलम भी जोड़ा गया है।

वित्तीय लेन-देन की सीमाएं बदलीं

नया कानून केवल पैन कार्ड बनवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके उपयोग की सीमाओं (Transaction Limits) में भी अहम बदलाव किए गए हैं। जहां एक तरफ टैक्स विभाग ने सख्ती की है, वहीं आम लोगों को कुछ राहत भी दी है:

  • नकद जमा और निकासी: अब एक 'टैक्स ईयर' में 10 लाख रुपये से अधिक की कुल नकद जमा या निकासी पर पैन कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा।

  • प्रॉपर्टी और वाहन खरीद: अचल संपत्ति (Property) खरीदने या बेचने के लिए पैन की अनिवार्यता सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, 5 लाख रुपये से अधिक कीमत का कोई भी मोटर वाहन (जिसमें अब दोपहिया वाहन भी शामिल हैं) खरीदने पर पैन कार्ड देना अनिवार्य रहेगा।

  • होटल का बिल: होटलों में नकद भुगतान के लिए पैन की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है।

  • इंश्योरेंस पॉलिसी: नए नियमों के तहत अब किसी भी नई जीवन बीमा (Life Insurance) या अन्य इंश्योरेंस पॉलिसी को खरीदने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है, चाहे उसका प्रीमियम कितना भी कम क्यों न हो।

HRA क्लेम के लिए 'फॉर्म 124' लागू, बताना होगा मकान मालिक से रिश्ता

नौकरीपेशा लोगों के लिए एक और बड़ा नियम लागू हो रहा है। अगर आप टैक्स बचाने के लिए मकान किराए का भत्ता (HRA) क्लेम कर रहे हैं, तो अब पुराना 'फॉर्म 12BB' नहीं चलेगा। इसकी जगह नया 'फॉर्म 124' पेश किया गया है। नए नियमों के मुताबिक, यदि आप अपने माता-पिता, भाई-बहन या जीवनसाथी को किराया देते हैं और यह सालाना 1 लाख रुपये से अधिक है, तो आपको मकान मालिक का पैन कार्ड देने के साथ-साथ आईटीआर फॉर्म में मकान मालिक के साथ अपना रिश्ता (Relationship) भी अनिवार्य रूप से स्पष्ट करना होगा। फर्जी रेंट रिसिप्ट पर लगाम लगाने के लिए यह सख्ती की गई है।

हालांकि, राहत की बात यह है कि बेंगलुरु, पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद को भी अब मेट्रो शहरों की तर्ज पर HRA में 50% छूट (Exemption) वाले शहरों की सूची में शामिल कर लिया गया है।

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