Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

NEET Career Options : NEET के बाद MBBS ही नहीं, 10 से ज्यादा करियर विकल्प; जानें कहां NEET जरूरी, कहां नहीं

BDS, आयुर्वेद, होम्योपैथी, सिद्ध, यूनानी और पशु चिकित्सा से लेकर नर्सिंग, फिजियोथेरेपी, फार्मेसी व लाइफ साइंस तक विकल्प; हर पाठ्यक्रम में प्रवेश की प्रक्रिया अलग

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

NEET Career Options : NEET-UG का नाम आते ही ज्यादातर विद्यार्थियों के सामने MBBS और डॉक्टर बनने का विकल्प आता है। लेकिन NEET के बाद करियर के विकल्प केवल MBBS तक सीमित नहीं हैं। दंत चिकित्सा, आयुर्वेद, होम्योपैथी, सिद्ध, यूनानी और पशु चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में भी करियर बनाया जा सकता है। इसके अलावा नर्सिंग, फिजियोथेरेपी, प्राकृतिक चिकित्सा, फार्मेसी, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और न्यूट्रिशन जैसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के अवसर हैं।

हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। 10 से ज्यादा करियर विकल्प होने का मतलब यह नहीं है कि सभी पाठ्यक्रमों में NEET के स्कोर से दाखिला मिलता है। MBBS, BDS, BAMS, BUMS, BSMS और BHMS में NEET की स्पष्ट भूमिका है। पशु चिकित्सा में भी NEET मेरिट का इस्तेमाल होता है। वहीं B.Sc. Nursing, BPT, B.Pharm और कई लाइफ साइंस पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया अलग हो सकती है।

Advertisement

पहले समझें : NEET पास करने के बाद क्या ?

NEET में क्वालिफाई करना और मनचाहे पाठ्यक्रम या कॉलेज में सीट मिलना अलग-अलग बातें हैं। सीट आवंटन में रैंक, कटऑफ, श्रेणी, राज्य, कॉलेज, उपलब्ध सीट और काउंसलिंग के नियम महत्वपूर्ण होते हैं।

Advertisement

इसलिए परिणाम आने के बाद विद्यार्थियों को केवल यह नहीं देखना चाहिए कि MBBS में सीट मिल रही है या नहीं। अपनी रुचि, क्षमता और भविष्य के करियर विकल्पों को ध्यान में रखकर भी फैसला करना चाहिए।

1. MBBS : डॉक्टर बनने का सबसे प्रमुख रास्ता

MBBS यानी Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery आधुनिक चिकित्सा पद्धति में डॉक्टर बनने की प्रमुख स्नातक डिग्री है। मेडिकल संस्थानों में MBBS में प्रवेश के लिए NEET-UG मुख्य राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है।

पाठ्यक्रम में शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, बायोकेमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, मेडिसिन, सर्जरी, बाल चिकित्सा तथा स्त्री एवं प्रसूति रोग समेत कई विषय पढ़ाए जाते हैं। पढ़ाई के साथ क्लीनिकल प्रशिक्षण और अनिवार्य इंटर्नशिप भी होती है।  MBBS के बाद डॉक्टर के रूप में काम करने के अलावा स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के जरिए विशेषज्ञता हासिल करने का रास्ता खुलता है।

2. BDS : दंत चिकित्सक बनने का विकल्प

BDS यानी Bachelor of Dental Surgery दंत चिकित्सा में स्नातक पाठ्यक्रम है। BDS में दाखिले के लिए NEET-UG का इस्तेमाल होता है।  इसमें दांतों और मुंह से जुड़ी बीमारियों की पहचान, उपचार और रोकथाम के साथ क्लीनिकल प्रशिक्षण दिया जाता है। दांतों की जांच, फिलिंग, रूट कैनाल और अन्य दंत उपचारों से जुड़ी जानकारी पाठ्यक्रम का हिस्सा होती है।  BDS में सामान्यतः चार वर्ष की पढ़ाई के बाद एक वर्ष की इंटर्नशिप होती है।

3. BAMS : आयुर्वेद में करियर

BAMS यानी Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery आयुर्वेदिक चिकित्सा में स्नातक डिग्री है।  BAMS में प्रवेश के लिए NEET-UG जरूरी है। इसमें आयुर्वेद के सिद्धांतों के साथ शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान और चिकित्सा से जुड़े विषयों का अध्ययन कराया जाता है।  इस पाठ्यक्रम की अवधि सामान्यतः 5.5 वर्ष होती है, जिसमें इंटर्नशिप शामिल है।

दाखिला कैसे होता है?

BAMS, BSMS, BUMS और BHMS की कई ऑल इंडिया कोटा सीटों के लिए AACCC काउंसलिंग करता है। संबंधित राज्य की सीटों के लिए राज्य स्तर पर काउंसलिंग की व्यवस्था भी लागू हो सकती है।

4. BHMS : होम्योपैथी में करियर

BHMS यानी Bachelor of Homoeopathic Medicine and Surgery होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति में स्नातक पाठ्यक्रम है।  BHMS में प्रवेश NEET-UG के जरिए होता है। पाठ्यक्रम में होम्योपैथी के सिद्धांतों के साथ शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, पैथोलॉजी और अन्य आधारभूत चिकित्सा विषयों का अध्ययन कराया जाता है।  इस पाठ्यक्रम की अवधि सामान्यतः 5.5 वर्ष होती है, जिसमें इंटर्नशिप शामिल है।

5. BSMS : सिद्ध चिकित्सा में विकल्प

BSMS यानी Bachelor of Siddha Medicine and Surgery सिद्ध चिकित्सा पद्धति में स्नातक डिग्री है। BSMS में प्रवेश NEET-UG के जरिए होता है। पाठ्यक्रम में सिद्ध चिकित्सा के सिद्धांतों के साथ शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, औषधि विज्ञान और रोग विज्ञान जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। इस पाठ्यक्रम की अवधि सामान्यतः 5.5 वर्ष होती है, जिसमें इंटर्नशिप शामिल है।

6. BUMS : यूनानी चिकित्सा में रास्ता

BUMS यानी Bachelor of Unani Medicine and Surgery यूनानी चिकित्सा पद्धति में स्नातक पाठ्यक्रम है।  BUMS में प्रवेश NEET-UG के माध्यम से होता है। इसमें यूनानी चिकित्सा के सिद्धांतों के साथ शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, औषधि विज्ञान, रोग विज्ञान और निदान से जुड़े विषय पढ़ाए जाते हैं। इस पाठ्यक्रम की अवधि सामान्यतः 5.5 वर्ष होती है, जिसमें इंटर्नशिप शामिल है।

छह प्रमुख चिकित्सा विकल्पों के बाद तस्वीर और बड़ी

MBBS, BDS, BAMS, BHMS, BSMS और BUMS ऐसे प्रमुख पाठ्यक्रम हैं, जिनमें NEET की महत्वपूर्ण भूमिका है। लेकिन करियर के विकल्प यहीं खत्म नहीं होते। पशु चिकित्सा, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी और कई अन्य स्वास्थ्य व लाइफ साइंस क्षेत्रों में भी आगे बढ़ा जा सकता है।

7. BVSc & AH : पशुओं के इलाज में करियर

BVSc & AH यानी Bachelor of Veterinary Science and Animal Husbandry पशु चिकित्सा और पशुपालन से जुड़ा स्नातक पाठ्यक्रम है। इसमें पशुओं की बीमारियों और चोटों का निदान, उपचार, टीकाकरण, सर्जरी, निवारक स्वास्थ्य और पशुपालकों को सलाह देने जैसे विषयों का प्रशिक्षण मिलता है।

इस पाठ्यक्रम की अवधि सामान्यतः 5.5 वर्ष होती है, जिसमें इंटर्नशिप शामिल है। 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा की सीटों के लिए BVSc & AH में प्रवेश हेतु NEET-UG की योग्य मेरिट सूची का इस्तेमाल किया जाता है।

8. B.Sc. Nursing : स्वास्थ्य सेवा का बड़ा क्षेत्र

B.Sc. Nursing चार वर्ष का स्नातक पाठ्यक्रम है। इसमें शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, फार्माकोलॉजी, नर्सिंग विज्ञान और क्लीनिकल प्रशिक्षण शामिल होते हैं। नर्सिंग में अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य चिकित्सा संस्थानों में करियर के अवसर मिलते हैं।

क्या B.Sc. Nursing के लिए NEET जरूरी है ?

सभी B.Sc. Nursing सीटों के लिए NEET को अनिवार्य बताना सही नहीं है।  कुछ विशेष प्रवेश प्रक्रियाओं में NEET की भूमिका है। उदाहरण के लिए Armed Forces Medical Services के चार वर्षीय B.Sc. Nursing कार्यक्रम में MNS उम्मीदवारों के चयन के लिए NEET का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसे देशभर के सभी B.Sc. Nursing कॉलेजों पर लागू सामान्य नियम नहीं माना जा सकता।

9. BPT : फिजियोथेरेपी में करियर

BPT यानी Bachelor of Physiotherapy शारीरिक पुनर्वास, चोट, दर्द और शरीर की गतिशीलता से जुड़े उपचार का स्नातक पाठ्यक्रम है। इसमें मरीज की शारीरिक स्थिति का आकलन, व्यायाम आधारित उपचार, मैनुअल थेरेपी और पुनर्वास की विभिन्न तकनीकों का अध्ययन किया जाता है।

2026-27 में NEET जरूरी है ?

BPT को लेकर प्रवेश नियमों में बदलाव हुआ है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार BPT और BOT में NEET की अनिवार्यता को 2027-28 तक स्थगित किया गया है। इसलिए 2026-27 में BPT को देशभर में अनिवार्य NEET आधारित पाठ्यक्रम बताना सही नहीं होगा। राज्य या संस्थान की अपनी प्रवेश प्रक्रिया हो सकती है।

10. BNYS : प्राकृतिक चिकित्सा और योग

BNYS यानी Bachelor of Naturopathy and Yogic Sciences प्राकृतिक चिकित्सा और योग से जुड़ा स्नातक पाठ्यक्रम है। इसमें योग, प्राकृतिक चिकित्सा, आहार, जीवनशैली और स्वास्थ्य से संबंधित विषय पढ़ाए जाते हैं। BNYS को MBBS, BAMS, BUMS, BSMS और BHMS की तरह देशभर में एक समान अनिवार्य NEET प्रवेश पाठ्यक्रम नहीं माना जा सकता। इसमें दाखिले के लिए संबंधित राज्य या संस्थान के नियम देखने होंगे।

11. B.Pharm : दवाओं की दुनिया में करियर

Bachelor of Pharmacy यानी B.Pharm दवाओं के निर्माण, गुणवत्ता, औषधि विज्ञान और फार्मास्यूटिकल उद्योग से जुड़ा पाठ्यक्रम है। इसमें दवाओं की संरचना, निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, फार्माकोलॉजी और फार्मास्यूटिकल तकनीक जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। सामान्य B.Pharm में NEET देशभर में अनिवार्य प्रवेश परीक्षा नहीं है। प्रवेश राज्य, विश्वविद्यालय या संस्थान की प्रक्रिया के अनुसार हो सकता है।

12. Biotechnology : रिसर्च और बायोटेक उद्योग

अगर विद्यार्थी को जीव विज्ञान में रुचि है, लेकिन वह क्लीनिकल डॉक्टर नहीं बनना चाहता, तो Biotechnology एक विकल्प हो सकता है। इस क्षेत्र में कोशिका विज्ञान, जेनेटिक्स, माइक्रोबायोलॉजी, आणविक जीव विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी का अध्ययन किया जाता है। आगे फार्मा, बायोटेक कंपनियों, डायग्नोस्टिक्स, रिसर्च और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अवसर मिल सकते हैं। इसमें सामान्यतः NEET अनिवार्य प्रवेश परीक्षा नहीं है।

13. Microbiology : प्रयोगशाला और रिसर्च का रास्ता

B.Sc. Microbiology सूक्ष्मजीवों के अध्ययन से जुड़ा पाठ्यक्रम है। इसमें बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और अन्य सूक्ष्मजीवों का अध्ययन किया जाता है। मेडिकल लैब, फार्मास्यूटिकल उद्योग, रिसर्च और बायोटेक क्षेत्र में आगे अवसर मिल सकते हैं। इस पाठ्यक्रम में सामान्य राष्ट्रीय स्तर पर NEET अनिवार्य नहीं है।

14. Nutrition & Dietetics : भोजन और स्वास्थ्य

स्वास्थ्य क्षेत्र में Nutrition and Dietetics भी करियर का विकल्प है। इसमें भोजन, पोषण, शरीर की जरूरतों और स्वास्थ्य के बीच संबंध का अध्ययन किया जाता है। आगे अस्पतालों, क्लीनिकल न्यूट्रिशन, वेलनेस, रिसर्च और खाद्य उद्योग में अवसर मिल सकते हैं।  इन स्नातक पाठ्यक्रमों में सामान्यतः NEET अनिवार्य नहीं है। प्रवेश के लिए संबंधित संस्थान के नियम देखने होंगे।

15. Psychology : मानव व्यवहार को समझने का क्षेत्र

जीव विज्ञान के साथ मानव व्यवहार और मानसिक प्रक्रियाओं में रुचि रखने वाले विद्यार्थी Psychology को भी करियर विकल्प बना सकते हैं।  इसमें मानव व्यवहार, सोच, भावनाओं, व्यक्तित्व और मानसिक प्रक्रियाओं का अध्ययन होता है। यह मेडिकल डॉक्टर बनने का विकल्प नहीं है और सामान्यतः इसमें NEET के जरिए प्रवेश नहीं होता। आगे स्वास्थ्य, शिक्षा, रिसर्च और काउंसलिंग से जुड़े क्षेत्रों में करियर बनाया जा सकता है।

एक नजर में : कहां NEET जरूरी, कहां नहीं ?

पाठ्यक्रमNEET की भूमिका
MBBSजरूरी
BDSNEET के जरिए प्रवेश
BAMSजरूरी
BHMSजरूरी
BSMSजरूरी
BUMSजरूरी
BVSc & AH15% AIQ में NEET मेरिट की भूमिका
B.Sc. Nursingसभी संस्थानों के लिए सामान्य NEET अनिवार्य नहीं
BPT2026-27 में सामान्य NEET अनिवार्यता स्थगित
BNYSराज्य/संस्थान के नियम देखें
B.Pharmसामान्यतः NEET अनिवार्य नहीं
Biotechnologyसामान्यतः NEET अनिवार्य नहीं
Microbiologyसामान्यतः NEET अनिवार्य नहीं
Nutrition & Dieteticsसामान्यतः NEET अनिवार्य नहीं
Psychologyसामान्यतः NEET अनिवार्य नहीं

NEET के बाद करियर चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान

रैंक और कटऑफ देखें : NEET क्वालिफाई करना सीट की गारंटी नहीं है। कॉलेज और पाठ्यक्रम की कटऑफ अलग हो सकती है। काउंसलिंग की जानकारी लें : MBBS और BDS के लिए संबंधित केंद्रीय और राज्य काउंसलिंग, जबकि BAMS, BHMS, BSMS और BUMS के लिए AACCC तथा राज्य स्तर की प्रक्रिया देखनी होगी।

  • मान्यता जांचें : कॉलेज में दाखिला लेने से पहले संबंधित नियामक संस्था की वेबसाइट पर उसकी मान्यता और पाठ्यक्रम की स्थिति देखें।
  • फीस और अन्य खर्च का आकलन करें : सरकारी और निजी संस्थानों की फीस में बड़ा अंतर हो सकता है। हॉस्टल और अन्य खर्च भी जोड़कर फैसला करें।
  • करियर की दिशा समझें : केवल इसलिए कोई पाठ्यक्रम न चुनें कि उसमें प्रवेश मिल रहा है। देखें कि डिग्री के बाद पंजीकरण, रोजगार और आगे की पढ़ाई के क्या अवसर हैं।

NEET के बाद करियर का रास्ता केवल MBBS तक सीमित नहीं है। BDS, BAMS, BHMS, BSMS, BUMS और BVSc & AH जैसे पाठ्यक्रमों में NEET की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके अलावा B.Sc. Nursing, BPT, BNYS, B.Pharm, Biotechnology, Microbiology, Nutrition और Psychology जैसे क्षेत्रों में भी करियर बनाया जा सकता है।

Advertisement
×