Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

INS Anjadip: समुद्र में उतरा ''डॉल्फिन हंटर'' INS अंजदीप, दुश्मन पनडुब्बियों को ढूंढकर करेगा तबाह

INS Anjadip: अंजदीप 'एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट' परियोजना के तहत बनाए जा रहे आठ पोतों में से तीसरा

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
फोटो स्रोत एक्स अकाउंट @SAILsteel
Advertisement

INS Anjadip: भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को आईएनएस अंजदीप युद्धपोत का जलावतरण किया। इस युद्धपोत का उद्देश्य भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं और तटीय निगरानी को बढ़ाना है।

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने चेन्नई बंदरगाह पर पोत का जलावतरण किया। आईएनएस अंजदीप 'एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट' परियोजना के तहत बनाए जा रहे आठ पोतों में से तीसरा है।

Advertisement

यह पोत 'डॉल्फिन हंटर' के रूप में कार्य करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में दुश्मन पनडुब्बियों का पता लगाना, उनका पीछा करना और उन्हें नष्ट करना है। चेन्नई बंदरगाह पर आयोजित एक आधिकारिक समारोह में एडमिरल त्रिपाठी ने नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से पोत का जलावतरण किया।

Advertisement

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 77 मीटर लंबे इस पोत में एक 'हाई-स्पीड वाटर-जेट प्रोपल्शन सिस्टम' लगा है, जो इसे त्वरित प्रतिक्रिया और निरंतर संचालन के लिए 25 समुद्री मील की अधिकतम गति हासिल करने में सक्षम बनाता है। नौसेना ने कहा कि कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा निर्मित अंजदीप एक अत्याधुनिक युद्धपोत है, जिसे विशेष रूप से तटीय और राष्ट्र की सुरक्षा के लिहाज से अहम, उथले जल क्षेत्रों में परिचालन की चुनौतियों से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है।

पनडुब्बी रोधी युद्ध (एंटी-सबमरीन वॉरफेयर) भूमिका के अलावा यह पोत तटीय निगरानी, कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों तथा खोज एवं बचाव अभियानों को अंजाम देने में भी सक्षम है। यह पोत स्वदेशी, अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी युद्धक हथियारों और सेंसर पैकेज से लैस है जिसमें 'सोनार अभय' भी शामिल है और यह हल्के टॉरपीडो एवं पनडुब्बी रोधी रॉकेटों से युक्त है।

'अंजदीप' का नाम कर्नाटक के कारवार तट (अरब सागर) के निकट स्थित अंजदीप द्वीप के नाम पर रखा गया है। इस युद्धपोत के शामिल होने से नौसेना की भारत के व्यापक समुद्री हितों की सुरक्षा के साथ-साथ तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय क्षेत्रों की निगरानी तथा रक्षा क्षमता और मजबूत होगी।

अपने संबोधन में एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि नौसेना की योजना इस साल आईएनएस अंजदीप के अलावा 15 और पोतों को शामिल करने की है। उन्होंने नवनिर्मित जहाज में अत्याधुनिक विशेषताओं पर प्रकाश डाला और कहा कि आईएनएस अंजदीप को फुर्ती से कार्य करने और युद्ध तत्परता के लिहाज से डिजाइन किया गया है। आत्मनिर्भरता की अवधारणा पर उन्होंने कहा, ''भारतीय परिप्रेक्ष्य से देखें तो आत्मनिर्भरता 'मेक इन इंडिया' से कहीं अधिक है; यह भारत में विश्वास है।'' उन्होंने देश में समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारतीय नौसेना की सक्रिय भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

Advertisement
×