हिमंता-भूपेन: असम के चुनावी माहौल में क्या गुल खिलाएगा कांग्रेसी-भाजपाई गणित
Assam Politics: तारीखों का ऐलान नहीं हुआ, पर माहौल गरमाया
Assam Politics: बेशक तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन असम में चुनावी माहौल गरमा गया है। पूर्वोत्तर के इस अहम राज्य के लिए एक ओर जहां चुनाव आयोग के शीर्ष पदाधिकारी दौरा कर चुके हैं और दो या तीन चरणों में मतदान के ऐलान की संभावना जताई जा रही है, वहीं कांग्रेसी-भाजपाई के गणित की भी खूब चर्चा हो रही है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जहां घूम-घूमकर ऐलानों की बारिश कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस ने भी पूरा जोर लगा रखा है, लेकिन कांग्रेस के एक पूर्व अध्यक्ष के जल्दी ही भाजपा में शामिल होने की खबरों से समीकरण ऊपर-नीचे होते दिख रहे हैं।
असल में पिछले दिनों असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। आनन-फानन में उनकी बात लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से कराई गयी, लेकिन मामला सुलझा नहीं। इस बीच, प्रदेश की भाजपा सरकार के मुखिया हिमंता ने उनसे मुलाकात कर ली। यहां गौर करने वाली बात है कि हिमंता खुद भी पहले कांग्रेसी रह चुके हैं। उन्होंने भी राहुल गांधी पर कई गंभीर आरोप जड़े थे। अब भूपेन बोरा भी ऐसे ही आरोप लगा रहे हैं।
बता दें कि असम में बोरा समुदाय की अच्छी खासी संख्या है। इससे पहले एक बयान में हिमंता प्रदेश कांग्रेस पर एंटी हिंदू होने का आरोप लगाया है। यहां उल्लेखनीय है कि बोरा के 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होने की संभावना है। ऐसा ऐलान हिमंता ने उनके घर जाकर मुलाकात के बाद किया।
राहुल से बातचीत के बाद क्या कहा- भूपेन बोरा ने
असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने अब कहा कि जब उन्होंने पार्टी में अपने अपमान का मुद्दा उठाया तो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बोले, 'अपमानित तो मैं भी हुआ हूं।' ऐसे में बोरा ने सफाई दी कि वह ज्यादा अपमान नहीं सह सकते।
क्या है 50 करोड़ का मामला
आरोप है कि भूपेन बोरा को भाजपा की ओर से 50 करोड़ का ऑफर दिया गया। यह आरोप प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने लगाए। इस पर बोरा ने कहा ऐसाा हुआ तो सार्वजनिक तौर पर मान लूंगा। एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा, 'मेरे पिता का एक स्टेडियम बनाने का सपना था और इसके लिए उन्होंने 12 बीघा जमीन रखी थी। हालांकि, दो बार विधायक रहने के बावजूद मैं उनकी इच्छा पूरी नहीं कर सका। उनका 2019 में निधन हो गया।" उन्होंने कहा, ''मेरे पिता की यह इच्छा मेरे दिल में है, लेकिन एक अत्याधुनिक स्टेडियम बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये काफी नहीं होंगे। फिर भी मैं इसे स्वीकार करूंगा और काम शुरू करूंगा।'
इधर चाय बागान में भाजपा अध्यक्ष
चुनावी माहौल में हर चीज का ध्यान रखना ही पड़ता है। नेताओं को घर-घर, द्वार-द्वार जाना पड़ता ही है। इसी सिलसिले में भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने असम के डिब्रूगढ़ जिले में एक चाय बागान का दौरा किया। चाय बागान में नबीन के साथ केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, भाजपा की असम इकाई के अध्यक्ष दिलीप सैकिया और राज्य के संस्कृति मंत्री बिमल बोरा भी मौजूद रहे।
नितिन नवीन ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, 'असम के चाय बागानों ने अपनी असीम प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनियाभर में ख्याति प्राप्त की है और असम चाय ने अपने उत्कृष्ट स्वाद एवं बेहतरीन गुणवत्ता के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है।' इस बीच, प्रदेश सीएम हिमंता कह रहे हैं कि वह जल्दी चाय बागान मजदूरों के लिए योजनाओं का ऐलान करेंगे।
प्रियंका गांधी भी प्रदेश में, भाजपा पर जड़े आरोप
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने गुवाहाटी में भाजपा की असम सरकार के खिलाफ 20 सूत्री 'आरोपपत्र' जारी किया, जिसमें राज्य प्रशासन पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने और अल्पसंख्यकों में भय पैदा करने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। विपक्षी पार्टी ने विधानसभा चुनावों से पहले यह 'आरोपपत्र' जारी किया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एक दशक के शासनकाल के बावजूद भाजपा सरकार छह आदिवासी समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलवाने और चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 351 रुपये करने के अपने वादे को पूरे करने में विफल रही। असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की उम्मीदवार चयन समिति की अध्यक्ष प्रियंका दो दिवसीय असम दौरे पर गयीं।
साथी आयुक्तों के साथ प्रदेश दौरे पर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार।
एसआईआर पर याचिका की सुनवाई नहीं करेगी शीर्ष अदालत
सुप्रीम कोर्ट ने असम में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने का निर्देश निर्वाचन आयोग को देने के अनुरोध वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने निर्वाचन आयोग की इस दलील पर संज्ञान लिया कि असम में अंतिम मतदाता सूची पहले ही तैयार हो चुकी है और याचिका निष्प्रभावी हो गई है।
असम का भौगोलिक और राजनीतिक परिदृश्य
असम पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा राज्य है। इसे पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। ब्रह्मपुत्र नदी वाले इस राज्य की सीमाएं भूटान, बांग्लादेश के साथ मिलती हैं। साथ ही अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय और पश्चिम बंगाल से घिरा है। रेशम और एक सींग वाले गैंडों के लिए प्रसिद्ध इस राज्य में ही काजीरंगा पार्क है। फिलहाल 126 विधानसभा सीटों के साथ भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने परिसीमन करवाया है। इस परिसीमन पर कई आरोप लगे हैं। बहुमत के लिए 64 विधायक चाहिए। अभी एनडीए 75 सीटों के साथ सत्ता में है। असम में 35 जिले हैं जो पांच डिवीजनों में बंटे हुए हैं। दिसपुर असम की राजधानी है और गुवाहाटी सबसे बड़ा शहर है।

