फ्री Wi-Fi के चक्कर में खाली हो सकता है बैंक खाता! साइबर ठगों के फर्जी हॉटस्पॉट से रहें सावधान
हिमाचल पुलिस की चेतावनी- अनजान Wi-Fi और Bluetooth से न जुड़ें; प्रदेश में साइबर अपराध की शिकायतें एक साल में 52 फीसदी बढ़ीं
सार्वजनिक जगहों पर मुफ्त वाई-फाई का लालच कहीं आपकी निजी और बैंकिंग जानकारी पर भारी न पड़ जाए। साइबर अपराधी फर्जी वाई-फाई हॉटस्पॉट बनाकर मोबाइल उपयोगकर्ताओं को अपने जाल में फंसा सकते हैं। हिमाचल प्रदेश पुलिस के साइबर क्राइम विंग ने नागरिकों को चेताया है कि जरूरत न होने पर वाई-फाई और ब्लूटूथ बंद रखें और अनजान नेटवर्क या उपकरणों से कनेक्ट होने से बचें।
साइबर अपराध के बढ़ते खतरे के बीच हिमाचल में शिकायतों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ा है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2025 में 18,706 साइबर अपराध शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि 2024 में इनकी संख्या 12,249 थी। यानी एक साल में शिकायतों में करीब 52 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2023 में 8,077 शिकायतें दर्ज हुई थीं, ऐसे में दो साल में शिकायतों की संख्या दोगुने से भी अधिक हो गई है।
साइबर क्राइम अन्वेषक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरवीर सिंह राठौर ने कहा कि बिना आवश्यकता वायरलेस कनेक्टिविटी चालू रखने से गोपनीयता और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े अनावश्यक जोखिम बढ़ सकते हैं। खासकर यात्रा और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों द्वारा बनाए गए फर्जी वाई-फाई नेटवर्क के जरिये फिशिंग, संवेदनशील जानकारी की चोरी या इंटरसेप्शन और ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा बढ़ सकता है। सार्वजनिक वाई-फाई पर बैंकिंग अथवा अन्य संवेदनशील लेन-देन नहीं करना चाहिए। महत्वपूर्ण लेन-देन के लिए मोबाइल डेटा या विश्वसनीय नेटवर्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
ओटीपी से लेकर फर्जी लिंक तक, बदल रहा साइबर ठगी का तरीका
पुलिस के मुताबिक साइबर ठगी अब केवल पारंपरिक हैकिंग तक सीमित नहीं है। फर्जी निवेश, नौकरी और वर्क-फ्रॉम-होम के नाम पर ठगी, व्हाट्सएप्प-टेलीग्राम के जरिये धोखाधड़ी, यूपीआई-क्यूआर कोड, ओटीपी चोरी, सोशल मीडिया पर पहचान की नकल और एआई आधारित फर्जी संदेश जैसे तरीके भी सामने आ रहे हैं।
रुकें–जांचें–फिर कनेक्ट करें
पुलिस ने नागरिकों के लिए साइबर सुरक्षा का सरल मंत्र स्टॉप-चेक-कनेक्ट दिया है। यानी अनजान नेटवर्क से अपने-आप कनेक्ट न हों, संवेदनशील जानकारी दर्ज करने से पहले नेटवर्क और वेबसाइट की विश्वसनीयता जांचें और केवल विश्वसनीय नेटवर्क व उपकरणों का इस्तेमाल करें। पुलिस का कहना है कि सतर्कता ही साइबर अपराध के खिलाफ पहली सुरक्षा पंक्ति है। पुलिस ने वाई-फाई की ऑटो-कनेक्ट सुविधा बंद रखने, अनजान ब्लूटूथ डिवाइस से कनेक्ट नहीं होने, ऐप्प केवल आधिकारिक ऐप्प स्टोर या प्ले स्टोर से डाउनलोड करने और अनजान एपीके फाइल इंस्टॉल न करने की सलाह दी है। मोबाइल और ऐप्प अपडेट रखने, परमिशन्स की जांच करने तथा मजबूत स्क्रीन लॉक और 2एफए अपनाने को भी कहा गया है।

