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Explainer : शादी के बाद भी क्यों अटक रहा ग्रीन कार्ड ? जानिए अमेरिका की बदली इमीग्रेशन पॉलिसी

US Green Card Test :  अमेरिकी नागरिक से शादी को लंबे समय तक ग्रीन कार्ड पाने का सबसे सुरक्षित और सीधा रास्ता माना जाता रहा है। आम धारणा यही थी कि विवाह के बाद स्थायी निवास लगभग तय हो जाता...

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US Green Card Test :  अमेरिकी नागरिक से शादी को लंबे समय तक ग्रीन कार्ड पाने का सबसे सुरक्षित और सीधा रास्ता माना जाता रहा है। आम धारणा यही थी कि विवाह के बाद स्थायी निवास लगभग तय हो जाता है। लेकिन अमेरिका की इमीग्रेशन नीति में आए हालिया बदलावों के बाद यह धारणा अब टूट चुकी है। अब शादी अपने आप में ग्रीन कार्ड की गारंटी नहीं रही।

अमेरिकी इमीग्रेशन अधिकारी अब केवल यह नहीं देखते कि शादी कानूनी रूप से हुई है या नहीं, बल्कि यह भी जांचते हैं कि यह रिश्ता वास्तविक है या केवल इमीग्रेशन लाभ हासिल करने के उद्देश्य से किया गया है। इसी बदले हुए नजरिए के कारण हजारों विवाह आधारित ग्रीन कार्ड आवेदन अब कड़ी जांच के दायरे में हैं।

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क्या अमेरिकी नागरिक से शादी अब भी पात्रता देती है

अमेरिकी नागरिकों के जीवनसाथियों को अब भी ‘इमीडिएट रिलेटिव’ की श्रेणी में रखा जाता है। इसका मतलब यह है कि वे ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने के पात्र हैं और उन्हें वीजा कोटा आधारित लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती।

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लेकिन पात्रता और मंजूरी के बीच का अंतर अब पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है। इमीग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि आवेदन करना तो आसान है, लेकिन उसे मंजूरी तक पहुंचाना अब चुनौतीपूर्ण हो गया है।

प्रसिद्ध इमीग्रेशन वकील Brad Bernstein के अनुसार, अब विवाह नहीं, बल्कि विवाह के पीछे की मंशा सबसे अहम हो गई है।

यूएससीआईएस किस बात पर सबसे ज्यादा जोर दे रहा

United States Citizenship and Immigration Services यानी यूएससीआईएस ने विवाह आधारित ग्रीन कार्ड मामलों में जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है।

अब अधिकारी इन सवालों के जवाब तलाशते हैं :

  • क्या दंपती वास्तव में पति-पत्नी की तरह साथ जीवन बिता रहे हैं।
  • क्या रिश्ता समय के साथ विकसित हुआ है या अचानक तय किया गया।
  • क्या इंटरव्यू के दौरान दिए गए बयान और दस्तावेज आपस में मेल खाते हैं। इस प्रक्रिया को ‘टोटैलिटी ऑफ द रिलेशनशिप’ कहा जाता है, यानी पूरे रिश्ते का समग्र मूल्यांकन।

साथ रहना क्यों बन गया सबसे बड़ी कसौटी

अमेरिका की नई इमीग्रेशन सख्ती में सह-निवास यानी साथ रहना सबसे अहम पैमाना बन गया है।

  • पति-पत्नी का एक ही घर में रहना रिश्ते की सच्चाई का मजबूत संकेत माना जाता है
  • अलग-अलग शहरों या देशों में रहने वाले दंपती सीधे संदेह के घेरे में आ जाते हैं
  • नौकरी, पढ़ाई या आर्थिक मजबूरी जैसे कारण अब निर्णायक नहीं माने जाते

इमीग्रेशन अधिकारियों का मानना है कि वास्तविक विवाह में दंपती रोजमर्रा का जीवन साझा करते हैं। यदि ऐसा नहीं दिखता, तो शादी को केवल कागजी रिश्ता मानने की आशंका बढ़ जाती है।

घर पर जांच और अचानक पूछताछ

नयी इमीग्रेशन नीति का एक अहम और कम चर्चित पहलू यह है कि कई मामलों में अधिकारी घर जाकर भी जांच कर रहे हैं।

  • यह देखा जाता है कि घर में दोनों पति-पत्नी की मौजूदगी के संकेत हैं या नहीं।
  • बेडरूम, अलमारी और साझा उपयोग की वस्तुओं पर नजर डाली जाती है।
  • कुछ मामलों में पड़ोसियों से भी पूछा जाता है कि दंपती साथ रहते हैं या नहीं। यह प्रक्रिया उन आवेदकों के लिए चौंकाने वाली होती है, जो मानते हैं कि केवल दस्तावेज ही पर्याप्त होंगे।

केवल शादी के कागज अब क्यों काफी नहीं

पहले शादी का प्रमाण पत्र, कुछ तस्वीरें और संयुक्त आवेदन अक्सर पर्याप्त माने जाते थे। लेकिन अब यूएससीआईएस कहीं ज्यादा ठोस सबूत चाहता है।

इनमें शामिल हैं :

  • संयुक्त बैंक खाते और साझा खर्च।
  • किराये या मकान से जुड़े दस्तावेज।
  • साझा बीमा और टैक्स रिटर्न।
  • पारिवारिक कार्यक्रमों और रोजमर्रा के जीवन की तस्वीरें। यदि दस्तावेजों और इंटरव्यू में दिए गए बयानों में जरा सा भी विरोधाभास हो, तो पूरा आवेदन कमजोर पड़ सकता है।

क्या वैध शादी भी खारिज हो सकती है...

यह सवाल अब सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। जवाब साफ है: हां।

इमीग्रेशन कानून के तहत यदि अधिकारियों को यह लगता है कि विवाह का मुख्य उद्देश्य केवल ग्रीन कार्ड या अन्य इमीग्रेशन लाभ हासिल करना था, तो पूरी तरह वैध और पंजीकृत शादी भी खारिज की जा सकती है।

यहां सामाजिक मान्यता या पारिवारिक स्वीकृति से ज्यादा महत्व मंशा को दिया जाता है।

इमीग्रेशन सख्ती क्यों बढ़ी

विवाह आधारित ग्रीन कार्ड पर सख्ती अमेरिका की व्यापक इमीग्रेशन नीति का हिस्सा है। राष्ट्रपति Donald Trump के कार्यकाल में इमीग्रेशन व्यवस्था को और सख्त बनाने पर जोर दिया गया।

सरकार का तर्क है कि इससे फर्जी शादियों, एजेंटों के नेटवर्क और नियमों के दुरुपयोग पर रोक लगेगी। इसी नीति के तहत डाइवर्सिटी वीजा लॉटरी पर रोक और वर्क परमिट की अवधि घटाने जैसे कदम भी उठाए गए हैं। होमलैंड सिक्योरिटी सचिव Kristi Noem के अनुसार, इन फैसलों का उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों के हितों की सुरक्षा करना है।

किन लोगों पर सबसे ज्यादा असर

इस नई इमीग्रेशन सख्ती का असर खासतौर पर उन लोगों पर पड़ रहा है:

  • जो शादी के बाद भी लंबे समय तक अलग रहते हैं।
  • जिनकी शादी बहुत कम समय में तय हुई।
  • जिनके बयान और दस्तावेज मेल नहीं खाते।
  • जो यह मानकर चलते हैं कि शादी के बाद जांच नहीं होगी।  अंतरराष्ट्रीय शादियों में, जहां वीजा और दूरी के कारण साथ रहना मुश्किल होता है, वहां जोखिम और बढ़ गया है।

आवेदकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए

इमीग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि अब पहले से कहीं ज्यादा सतर्कता जरूरी है।

  • आवेदन से पहले कानूनी सलाह लेना।
  • साझा जीवन से जुड़े प्रमाण व्यवस्थित रखना।
  • इंटरव्यू में हर जवाब स्पष्ट और सुसंगत देना।
  • जल्दबाजी में आवेदन करने से बचना।

सही तैयारी कई मामलों में ग्रीन कार्ड अटकने से बचा सकती है। अमेरिकी नागरिक से शादी अब ग्रीन कार्ड की गारंटी नहीं रही। अमेरिका की इमीग्रेशन व्यवस्था अब केवल कागजों पर नहीं, बल्कि रिश्ते की सच्चाई, मंशा और रोजमर्रा के जीवन के प्रमाणों पर फैसला कर रही है।

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