Explainer: कैसे सिरसा डेरा ट्रस्ट को अपनी 10 संस्थाओं का नियंत्रण दोबारा मिला
Dera Sacha Sauda: सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के ट्रस्ट श्री शाह सतनाम जी रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन ने डेरा मुख्यालय में स्थित 10 शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों (स्कूल और अस्पताल सहित) का पूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक नियंत्रण फिर से...
Dera Sacha Sauda: सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के ट्रस्ट श्री शाह सतनाम जी रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन ने डेरा मुख्यालय में स्थित 10 शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों (स्कूल और अस्पताल सहित) का पूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक नियंत्रण फिर से हासिल कर लिया है।
पिछले करीब सात वर्षों से ये संस्थान सिरसा जिला प्रशासन के नियंत्रण में थे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने इन संस्थानों के संचालन के लिए एक समिति गठित की थी।
एक सिविल मिसलेनियस (अंतरिम) आवेदन पर पारित हाईकोर्ट के आदेश के बाद डेरा सच्चा सौदा ट्रस्ट को इन संस्थानों के संचालन की अनुमति दी गई, जिसके अनुपालन में सिरसा प्रशासन ने नियंत्रण सौंप दिया।
संचालन को लेकर हाईकोर्ट का आदेश क्या है?
हाई कोर्ट ने 26 सितंबर 2017 को एक अंतरिम आदेश पारित किया था, जो एक सिविल रिट याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया। डेरा ट्रस्ट ने सिविल मिसलेनियस आवेदन दाखिल कर अपने ट्रस्ट श्री शाह सतनाम जी रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन को न केवल दैनिक खर्चों के लिए, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों और अस्पताल के संचालन हेतु बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति मांगी थी। हाई कोर्ट ने संस्थानों के सुचारु संचालन के लिए ट्रस्ट को बैंक खाते संचालित करने की अनुमति दे दी।
डेरा ट्रस्ट ने अदालत में आवेदन क्यों दिया?
साल 2017 में हाईकोर्ट ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उनके समर्थकों द्वारा की गई तोड़फोड़ से सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए डेरा के सभी खातों को फ्रीज करने और संपत्तियां अटैच करने के आदेश दिए थे।
यह सिविल मिसलेनियस आवेदन अधिवक्ता रविंदर सिंह ढुल द्वारा दायर याचिका की पृष्ठभूमि में दाखिल किया गया था, जिसके आधार पर हाईकोर्ट ने पंजाब और हरियाणा में कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर कई निर्देश जारी किए थे।
सिरसा जिला प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
सिरसा के उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया कि जिला अटॉर्नी से कानूनी राय लेने के बाद प्रशासन ने हाई कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए ट्रस्ट को वित्तीय नियंत्रण सौंप दिया।
आदेश से डेरा की कौन-कौन सी 10 संस्थाएं प्रभावित हुई हैं?
1. श्री शाह सतनाम जी रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन (ट्रस्टी शोभा गोरा के माध्यम से)
2. शाह सतनाम जी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
3. शाह सतनाम जी गर्ल्स कॉलेज, सिरसा
4. शाह सतनाम जी बाल-बालिका आश्रम
5. शाह सतनाम जी बॉयज स्कूल
6. शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल
7. शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज
8. सेंट एमएसजी ग्लोरियस इंटरनेशनल स्कूल
9. बापू माघर सिंह जी इंटरनेशनल ब्लड बैंक
10. एमएसजी भारतीय खेल गांव
हाईकोर्ट के आदेश से पहले इन संस्थानों का वित्तीय प्रबंधन कौन कर रहा था?
4 अप्रैल 2018 को सिविल रिट याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सिरसा प्रशासन को एक समिति गठित करने के निर्देश दिए थे। इस समिति में डिप्टी कमिश्नर, जिला शिक्षा अधिकारी और सरकारी कॉलेज/स्कूलों के दो सेवानिवृत्त प्राचार्य शामिल थे। यह समिति आगे के आदेशों तक इन संस्थानों की अस्थायी शासी निकाय के रूप में कार्य कर रही थी। आदेश के अनुसार, डेरा प्रबंधन को धन की निकासी, संग्रह और वितरण केवल इसी समिति के लिखित निर्देशों पर करना था।
क्या इस फैसले का हाईकोर्ट में लंबित मुख्य जनहित याचिका (PIL) पर कोई असर पड़ेगा?
अधिवक्ता रविंदर सिंह ढुल ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अंतरिम व्यवस्था है, जिसके तहत डेरा का अपना ट्रस्ट इन 10 संस्थानों के बैंक खातों का संचालन करेगा। उन्होंने कहा कि इस आदेश का मुख्य जनहित याचिका पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, जिसमें 2017 में डेरा प्रमुख की सजा के बाद हुई हिंसा के दौरान संपत्ति को हुए नुकसान और मुआवजे जैसे कई मुद्दे उठाए गए हैं।

