Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

Explainer : आपका अगला पासपोर्ट कितना ‘स्मार्ट’ होगा ? ई-पासपोर्ट को समझिए आसान भाषा में

एक छोटी सी चिप से पासपोर्ट का सिस्टम बदल रहा है और यह आपकी विदेश यात्रा को कैसे आसान बनाएगा

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

E-Passport : एयरपोर्ट पर लंबी कतारें, इमिग्रेशन काउंटर पर पासपोर्ट के पन्ने पलटना, मुहरों की जांच और फिर इंतजार। विदेश यात्रा का यह अनुभव अब धीरे-धीरे बदलने वाला है। वजह है भारत में ई-पासपोर्ट की शुरुआत।

डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने पासपोर्ट को भी स्मार्ट पहचान दस्तावेज में बदल दिया है। ई-पासपोर्ट न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय भरोसे को भी मजबूत करेगा।

Advertisement

-पासपोर्ट क्या है?

ई-पासपोर्ट, पारंपरिक पासपोर्ट का ही उन्नत रूप है। दिखने में यह मौजूदा पासपोर्ट जैसा ही होता है, लेकिन इसके कवर के भीतर एक खास तकनीक लगी होती है।

Advertisement

  • इसमें शामिल होती है

    आरएफआईडी यानी रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन चिप

  •  एक छोटा सा एंटीना

इस चिप में डिजिटल रूप से सुरक्षित रहती है

• पासपोर्ट धारक की व्यक्तिगत जानकारी

• फोटो और बायोमेट्रिक विवरण

• पासपोर्ट नंबर, जारी होने की तारीख और वैधता

• डिजिटल सिग्नेचर और सुरक्षा कोड

यह पूरा डेटा अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के मानकों के अनुसार एन्क्रिप्टेड होता है, जिससे इसमें छेड़छाड़ करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

एयरपोर्ट पर क्या बदलेगा?

अब तक इमिग्रेशन प्रक्रिया काफी हद तक मैनुअल रही है। ई-पासपोर्ट के आने से इसमें बड़ा बदलाव दिखेगा।

  • मशीन स्कैन करते ही पासपोर्ट की जानकारी पढ़ लेगी।

    • कुछ ही सेकंड में पहचान और वैधता की पुष्टि हो जाएगी।

    • फर्जी पासपोर्ट या छेड़छाड़ तुरंत पकड़ी जा सकेगी।

    • यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी।

सरल शब्दों में कहें तो कम इंतजार, ज्यादा सुविधा और बेहतर सुरक्षा।

सरकार ने -पासपोर्ट क्यों जरूरी समझा ?

इसके पीछे तीन अहम वजहें हैं।

पहली, सुरक्षा : कागजी पासपोर्ट में जालसाजी की गुंजाइश रहती थी। ई-पासपोर्ट की चिप टैंपर-प्रूफ होती है, जिससे नकली दस्तावेज बनाना बेहद कठिन हो जाता है।

दूसरी, यात्रियों की सुविधा : तेज वेरिफिकेशन से एयरपोर्ट पर समय बचेगा। आगे चलकर ऑटोमेटेड इमिग्रेशन गेट्स की सुविधा भी मिल सकती है।

तीसरी, अंतरराष्ट्रीय मानकों से तालमेल : दुनिया के कई विकसित देशों में ई-पासपोर्ट पहले से लागू है। भारत का इसमें शामिल होना वैश्विक यात्रा व्यवस्था में भरोसा बढ़ाता है।

क्या आवेदन प्रक्रिया बदली है?

नहीं। ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन प्रक्रिया वही है, जो अब तक थी।

  • पासपोर्ट पोर्टल या ऐप पर आवेदन

    • जरूरी जानकारी और दस्तावेज

    • शुल्क का ऑनलाइन भुगतान

सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ई-पासपोर्ट रजिस्टर्ड डाक से आपके पते पर भेज दिया जाएगा।

पुराने पासपोर्ट का क्या होगा?

  • मौजूदा पासपोर्ट अपनी एक्सपायरी तक वैध रहेगा

    • नया पासपोर्ट या नवीनीकरण कराने पर ई-पासपोर्ट मिलेगा

    • पुराने पासपोर्ट को तुरंत बदलवाने की जरूरत नहीं है

आगे चलकर -पासपोर्ट कहां काम आएगा?

ई-पासपोर्ट सिर्फ एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में इसका उपयोग

• वीजा प्रक्रिया

• अंतरराष्ट्रीय पहचान सत्यापन

• स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट

• डिजिटल ट्रैवल सिस्टम में और बढ़ सकता है।

अगर आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो समझ लीजिए कि आपका अगला पासपोर्ट सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि एक स्मार्ट चाबी होने वाला है, जो दुनिया के दरवाजे पहले से कहीं जल्दी खोल देगी।

Advertisement
×