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Explainer: हरियाणा में लाइसेंस्ड कॉलोनियों में बढ़ेगा फ्लोर एरिया रेशियो, जानें किस पर पड़ेगा क्या असर

Haryana News: अब प्लॉट मालिक अपनी जरूरत के मुताबिक खरीद सकेंगे अतिरिक्त एफएआर

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सांकेतिक फाइल फोटो।
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Haryana News:  हरियाणा सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े प्लॉट मालिकों और डेवलपर्स को बड़ा राहत देते हुए लाइसेंस्ड कॉलोनियों व सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज़) प्रोजेक्ट्स में एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) बढ़ाने की अनुमति को और उदार कर दिया है। नई पॉलिसी के तहत अब आवासीय प्लॉट मालिक अपनी आवश्यकता के अनुसार जितना अतिरिक्त एफएआर खरीदना चाहें, खरीद सकेंगे।

यानी एफएआर की सीमा तय करने वाली पुरानी धाराएं खत्म हो गई हैं। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने इस संशोधन के बाद नोटिफिकेशन जारी किया है। दरअसल, राज्य सरकार ने 10 सितंबर, 2024 की पॉलिसी में संशोधन करते हुए क्लॉज-2 को बदल दिया है। नई व्यवस्था के तहत प्लॉट मालिक आवश्यकतानुसार अतिरिक्त एफएआर खरीद सकते हैं।

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इसका सीधा मतलब है कि अब अतिरिक्त एफएआर खरीदने के लिए फिक्स्ड कैप नहीं होगी। मालिक/डेवलपर अपनी प्रोजेक्ट डिजाइन, जरूरत और सेफ्टी नॉर्म्स के अनुसार एफएआर बढ़वा सकेंगे। इससे बिल्डिंग प्लानिंग में लचीलापन बढ़ेगा। छोटे प्लॉट मालिक भी जरूरत के हिसाब से अधिक निर्माण कर सकेंगे।

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अब क्या बदलाव और फायदा

पहले एफएआर बढ़ाने की सीमा तय थी, कई प्रोजेक्ट उस लिमिट में रुक जाते थे। अब एफएआर डिमांड-बेस्ड हो गया। इससे प्रोजेक्ट की प्लानिंग आसान होगी और डेवलपर्स को अलग से अनुमति लेने के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। माना जा रहा है कि सरकार का यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर में ओपन-मार्केट खरीदारी मॉडल जैसा वातावरण तैयार करेगा, जहां एफएआर एक पर्चेजेबल डेवलपमेंट राइट (पीडीआर) के रूप में उपलब्ध होगा।

जमा ‘एक्सेस’ राशि वापस नहीं होगी

नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि यह संशोधन 28 जनवरी, 2026 से लागू माना जाएगा। इससे पहले जमा की गई कोई भी राशि यदि नई पॉलिसी के कारण ‘एक्सेस’ हो गई है, तो वह रिफंड नहीं की जाएगी। सरकार ने यह प्रावधान इसलिए रखा है ताकि पिछले मामलों को दोबारा खोलने से राजस्व प्रभावित न हो और विभागीय ऑडिट व लंबी प्रक्रिया न शुरू हो।

जानिए क्यों अहम है फैसला

रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि यह नीति फ्लोर एरिया को लेकर डेवलपर्स की चिंताएं कम करेगी। हाई-डिमांड सिटी क्षेत्रों (गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पंचकूला) में बिल्डेबल एरिया बढ़ाएगी। साथ ही, अफोर्डेबल हाउसिंग व मिड-साइज प्रोजेक्ट्स में घरों की संख्या बढ़ा सकेगी। सरकार को भी एफएआर खरीद से अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।

किस पर पड़ेगा क्या असर

प्लॉट मालिकों पर

  • घर या फ्लोर बढ़ाने का विकल्प मिलेगा
  • कंस्टमाइज्ड कंस्ट्रक्शन का मौका मिलेगा
  • नए एफएआर से प्रॉपर्टी का मूल्य बढ़ेगा

डेवलपर्स/बिल्डर्स पर

  • बड़े प्रोजेक्ट्स में मास्टर प्लानिंग आसान
  • यूनिट्स बढ़ाकर प्रोजेक्ट की आर्थिक व्यवहार्यता सुधरेगी

सरकार पर

  • एफएआर खरीद से अतिरिक्त राजस्व
  • विकास कार्यों के लिए संसाधन बढ़ेंगे
  • सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगेंगे

इन विभागों को भेजा पत्र

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने संशोधित नोटिफिकेशन की कॉपी कई प्रमुख विभागों और बोर्ड्स को भेजी गई है। इनमें शहरी स्थानीय निकाय, एचएसआईआईडीसी, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड तथा उद्योग विभाग शामिल हैं। सरकार का दावा है कि नए संशोधन से हरियाणा में विकास परियोजनाओं को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है। एफएआर को लेकर पहले जो जटिलता और सीमाएं थीं, उन्हें हटाकर सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर को प्रतिस्पर्धी, पारदर्शी और लचीला बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

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