चंडीगढ़ में भवन नक्शे की मंजूरी अब ऑनलाइन, हर चरण की मिलेगी जानकारी
स्व-प्रमाणन से वास्तुकारों को मिलेगी सुविधा, एसएमएस-ई-मेल अलर्ट और डिजिटल डैशबोर्ड से होगी आवेदनों की निगरानी
सितंबर चंडीगढ़ में भवन नक्शे की मंजूरी की प्रक्रिया अब पहले से अधिक आसान और पारदर्शी होगी। प्रशासन ने अप्रैल 2022 में शुरू की गई ऑनलाइन भवन योजना अनुमोदन प्रणाली का बहु-श्रेणी स्तर पर विस्तार किया है। इसके तहत आवासीय के साथ वाणिज्यिक और औद्योगिक भूखंडों की विभिन्न श्रेणियों को भी शामिल किया गया है। नई व्यवस्था में पात्र वास्तुकारों के लिए स्व-प्रमाणन, आवेदकों के लिए रियल-टाइम एसएमएस और ई-मेल अलर्ट तथा अधिकारियों के लिए डिजिटल निगरानी डैशबोर्ड की सुविधा दी गई है।
वास्तुकार कर सकेंगे स्व-प्रमाणन
नई व्यवस्था में वास्तुकला परिषद में पंजीकृत योग्य वास्तुकार आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक भूखंडों के भवन नक्शे स्व-प्रमाणन योजना के तहत प्रस्तुत कर सकेंगे। प्रशासन के अनुसार इससे मंजूरी प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और निर्धारित नियामक समय-सीमा के भीतर आवेदनों के निपटारे में मदद मिलेगी। इससे आवेदकों और वास्तुकारों के लिए अनुपालन से जुड़ी प्रक्रिया भी आसान होगी। स्व-प्रमाणन व्यवस्था का उद्देश्य योग्य पेशेवरों को अधिक जिम्मेदारी देकर भवन योजना मंजूरी की प्रक्रिया को गति देना है।
आवेदन किस स्तर पर है, तुरंत पता चलेगा
ऑनलाइन व्यवस्था में आवेदन की स्थिति जानने के लिए आवेदक को बार-बार कार्यालय जाने या अधिकारियों से संपर्क करने की जरूरत नहीं होगी। दस्तावेजों की जांच, शुल्क की गणना, तकनीकी अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी होने और अंतिम मंजूरी जैसे विभिन्न चरणों पर आवेदक को स्वचालित एसएमएस और ई-मेल भेजे जाएंगे। इससे आवेदक को यह जानकारी मिलती रहेगी कि उसका आवेदन किस चरण में है और अगली कार्रवाई क्या होनी है। प्रशासन का मानना है कि इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक भागदौड़ कम होगी।
अधिकारियों की भी होगी रियल-टाइम निगरानी
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और विभागाध्यक्षों के लिए डिजिटल डैशबोर्ड उपलब्ध कराया है। इसके माध्यम से भवन योजना मंजूरी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में लंबित मामलों की स्थिति वास्तविक समय में देखी जा सकेगी। इससे अधिकारियों को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कोई आवेदन किस स्तर पर लंबित है। साथ ही नागरिक चार्टर में निर्धारित समय-सीमा के पालन की निगरानी भी की जा सकेगी। इस व्यवस्था से विभागीय स्तर पर जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में कदम
ऑनलाइन भवन योजना मंजूरी प्रणाली का विस्तार केवल आवेदन जमा कराने तक सीमित नहीं है। इसमें आवेदन की जांच से लेकर तकनीकी अनापत्ति प्रमाण-पत्र और अंतिम मंजूरी तक महत्वपूर्ण चरणों को डिजिटल तरीके से ट्रैक करने की व्यवस्था की गई है। इससे एक ओर आवेदक को अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी, वहीं दूसरी ओर प्रशासन लंबित मामलों की निगरानी कर सकेगा। इस तरह नई व्यवस्था में स्व-प्रमाणन, ऑनलाइन सूचना और रियल-टाइम निगरानी को एक साथ जोड़ा गया है।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव, आईएएस ने कहा कि पहल से भवन योजना अनुमोदन प्रक्रिया को तेज, सरल और अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वास्तुकारों द्वारा स्व-प्रमाणन, समयबद्ध एसएमएस एवं ई-मेल सूचनाओं और रियल-टाइम निगरानी डैशबोर्ड से देरी कम करने, आवेदकों को नियमित जानकारी देने तथा नागरिक चार्टर की समय-सीमा के अनुपालन में सहायता मिली है। चंडीगढ़ प्रशासन तकनीक के माध्यम से कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

