अमृतसर से हवाई सफर करने वाले दें ध्यान ! कल से रोजाना 8 घंटे बंद रहेगा अमृतसर एयरपोर्ट का रनवे; जानें आपकी फ्लाइट के शेड्यूल पर क्या होगा असर और क्यों हो रहा यह बदलाव
Amritsar Airport Flight Schedule : दोपहर 1:45 से रात 9:45 बजे तक नहीं उड़ेगा कोई विमान, 27 सितंबर तक लागू रहेगा यह नियम
Amritsar Airport Flight Schedule : अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से यात्रा करने वालों के लिए जरूरी खबर है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने रनवे और एयरफील्ड के बुनियादी ढांचे के विकास व मरम्मत के लिए 1 अप्रैल से 27 सितंबर 2026 तक उड़ान संचालन में अस्थायी बदलाव की घोषणा की है। इस दौरान रोजाना दोपहर 1:45 बजे से रात 9:45 बजे तक रनवे पूरी तरह से बंद रहेगा। अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए उठाया गया है।
62 उड़ानों के समय में हुआ बदलाव, री-शेड्यूल हुईं फ्लाइट्स
एएआई द्वारा जारी 'नोटम' (NOTAM- नोटिस टू एयरमेन) के अनुसार, आठ घंटे के इस ब्लॉक के दौरान कोई भी उड़ान संचालित नहीं होगी। सभी एयरलाइंस ने इसी के अनुसार अपना समर शेड्यूल री-शेड्यूल किया है और उड़ानें अब इस समय-सीमा के बाहर ही संचालित होंगी। वर्तमान में समर शेड्यूल के तहत अमृतसर एयरपोर्ट से 62 उड़ानें (40 घरेलू और 22 अंतरराष्ट्रीय) संचालित हो रही हैं।
घरेलू उड़ानों में अमृतसर सीधे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, अहमदाबाद, कुल्लू, श्रीनगर और पुणे से जुड़ा है। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोहा, दुबई, सिंगापुर, बर्मिंघम, लंदन गैटविक, कुआलालंपुर, शारजाह और बैंकॉक के लिए उड़ानें हैं। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी एयरलाइन से उड़ान का नया समय जरूर चेक कर लें ताकि असुविधा से बचा जा सके।
बड़े विमानों के लिए रनवे की री-कार्पेटिंग और सुरक्षा में इजाफा
एयरपोर्ट के निदेशक भूपिंदर सिंह ने बताया कि 3,658 मीटर लंबा रनवे बोइंग 747-800 जैसे बड़े (श्रेणी ई) विमानों को संभालने में सक्षम है। सुरक्षित और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए इसकी री-कार्पेटिंग अनिवार्य हो गई है। रनवे की पूरी 60 मीटर चौड़ाई पर 50 मिमी मोटाई की दो परतों में काम किया जाएगा। रात 9:45 बजे के बाद रनवे को रोजाना सभी जरूरी लाइटों और उपकरणों के साथ संचालन के लिए खोल दिया जाएगा।
इसके अलावा, विमान के ओवरशूट या अंडरशूट जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए रनवे के दोनों छोर (16 और 34) पर 'रनवे एंड सेफ्टी एरिया' (RESA) को अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के दिशानिर्देशों के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही ओवररन एरिया को भी री-कार्पेट किया जाएगा।
नई तकनीक से घने कोहरे में भी आसान होगी लैंडिंग, बचेंगे 30 मिनट
बुनियादी ढांचे के इस अपग्रेड में तकनीक का भी बड़ा बदलाव शामिल है। एएआई 2,000 से अधिक पारंपरिक एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग (AGL) को हटाकर ऊर्जा-कुशल LED लाइटें लगाएगा। इनकी उम्र 50,000 घंटे से अधिक है और रोशनी भी ज्यादा है। यह अपग्रेड एयरपोर्ट के 'कैटेगरी III' स्टेटस को सपोर्ट करेगा, जिससे घने कोहरे और कम दृश्यता में भी विमानों का सुरक्षित संचालन हो सकेगा।
इसके साथ ही एयरपोर्ट पर इंटीग्रेटेड लाइटिंग कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (ILCMS) भी लगाया जा रहा है। वर्तमान में कम दृश्यता में लैंडिंग से पहले लाइटों की फिजिकल चेकिंग में लगभग 30 मिनट लगते हैं। नई प्रणाली आने से एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सीधे कंट्रोल रूम से ही पूरे सिस्टम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर सकेगा। खराबी आने पर तुरंत पता लगाकर उसे ठीक किया जा सकेगा, जिससे समय बचेगा और उड़ानों की देरी कम होगी। प्राधिकरण ने रखरखाव अवधि के दौरान होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और यात्रियों से सहयोग की अपील की है।

