सिरसा में 76 साल से हो रही आदर्श रामलीला, इसी मंच पर हुआ था राम-सीता का असली 'विवाह'
विभाजन के बाद पूर्वजों ने शुरू की थी रामलीला की परंपरा; आज भी पुरुष और महिला कलाकार निभाते हैं अपने-अपने किरदार, 11 अक्टूबर से शुरू होगा मंचन
देश के विभाजन के बाद भारत आए पूर्वजों ने सिरसा में रामलीला मंचन की जो परंपरा शुरू की थी, वह आज 76 साल बाद भी जारी है। श्री रामा क्लब चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से जनता भवन रोड स्थित रामलीला ग्राउंड में हर वर्ष आदर्श रामलीला और दशहरा महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस बार रामलीला का मंचन 11 अक्टूबर से शुरू होगा।
श्री रामा क्लब चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान अश्विनी बठला और महासचिव गुलशन वधवा ने बताया कि वर्ष 1950 में रामचंद्र कालड़ा ने रामलीला मंचन की शुरुआत की थी। उनका उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना और भगवान श्रीराम के चरित्र को आदर्श एवं मर्यादित रूप में जन-जन के सामने प्रस्तुत करना था।
उन्होंने बताया कि पिछले 76 वर्षों से क्लब की ओर से विशुद्ध और सात्विक भाव से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इसकी खासियत यह है कि पुरुष पात्रों की भूमिका पुरुष कलाकार और महिला पात्रों की भूमिका महिला कलाकार निभाती हैं।
पीढ़ी दर पीढ़ी रामलीला से जुड़े परिवार
क्लब के पदाधिकारियों के अनुसार, रामलीला से जुड़े अधिकतर सदस्य पीढ़ी दर पीढ़ी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। कई कलाकार ऐसे हैं जिनके पिता या दादा भी पहले इसी मंच पर अलग-अलग पात्रों की भूमिका निभा चुके हैं।
अश्विनी बठला ने कहा कि क्लब के सदस्य रामलीला मंचन को केवल आयोजन नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम की सेवा मानकर करते हैं। इसी भावना के साथ इस वर्ष भी भव्य रामलीला मंचन और दशहरा महोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
राम-सीता का किरदार निभाते-निभाते बन गए जीवनसाथी
इस रामलीला की सबसे खास और भावनात्मक कहानी भगवान राम और सीता का किरदार निभाने वाले कलाकारों से जुड़ी है। इस वर्ष भगवान राम की भूमिका ऋषभ गाबा और सीता की भूमिका उनकी पत्नी सिया गाबा निभा रही हैं।
खास बात यह है कि दोनों वास्तविक जीवन में भी पति-पत्नी हैं। वर्ष 2017 में इसी रामलीला के मंच पर सीता स्वयंवर के दृश्य के मंचन के दौरान दोनों का वास्तविक विवाह हुआ था।
ऋषभ गाबा का कहना है कि भगवान राम का किरदार निभाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उनका कहना है कि उन्हें सिया के रूप में सीता जैसी पत्नी मिली है।
रामलीला से जुड़े अन्य कलाकार भी वर्षों से अलग-अलग किरदार निभाते आ रहे हैं। इनमें कई ऐसे परिवार हैं जहां एक ही पात्र की भूमिका पहले पिता या दादा निभाते थे और अब उसी परिवार की अगली पीढ़ी उस परंपरा को आगे बढ़ा रही है।
इस बार 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले रामलीला मंचन को लेकर आयोजकों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन के दौरान रामलीला के साथ भव्य दशहरा महोत्सव भी आयोजित किया जाएगा।

