Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

मददवीर अग्निवीर

हरियाणा की सुरक्षा के लिये प्रशिक्षित जवान

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

सेना में अग्निवीर योजना के क्रियान्वयन के वक्त इनकी अल्पकालिक सेवा और सेवानिवृत्ति के बाद उनके भविष्य को लेकर तमाम तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं। लेकिन अब धीरे-धीरे कई आशंकाएं निर्मूल साबित हो रही हैं। प्रशिक्षित अग्निवीरों के लिये नये-नये अवसर बन रहे हैं। हाल ही में हरियाणा सरकार ने राज्य में गठित होने जा रही डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की घोषणा की है। यह सुखद ही है कि अग्निपथ योजना के पहले बैच के सेवा काल की समाप्ति से पहले हरियाणा सरकार ने उनके समायोजन की पहल की है, जिसका अनुकरण देश के अन्य राज्यों को भी करना चाहिए। जिससे इस कुशल-प्रशिक्षित युवा शक्ति की ऊर्जा के बेहतर इस्तेमाल की पहल हो सके। दरअसल, हरियाणा में स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स में अग्निवीरों को वरीयता देने की बात कही गई है। निश्चय ही इस कदम से जहां अग्निवीरों की नई पीढ़ी सामने आएगी, वहीं राज्य को इनके कुशल प्रशिक्षण का लाभ मिल सकेगा। यह भी हकीकत है कि बदलते वक्त के साथ आपदाओं की पुनरावृत्ति व घातकता बढ़ रही है, उससे जूझने के लिये भी अनुभवी व प्रशिक्षित बल की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है। जो एक स्थायी, पेशेवर और पूर्णकालिक बल के जरिये ही संभव हो सकता है। दरअसल, हरियाणा में सरकार ने भरोसा दिलाया है कि राज्य में गठित होने वाली एसडीआरएफ बटालियन में अधिकतम संख्या अग्निवीरों की ही होगी। विश्वास किया जा रहा है कि अग्निवीरों वाली एसडीआरएफ प्राकृतिक आपदाओं मसलन बाढ़,भूकंप, औद्योगिक दुर्घटनाओं, अग्निकांडों व रासायनिक आपदाओं की चुनौती का सफलता से मुकाबला कर सकेगी। माना जा रहा है कि अग्निवीरों को मिला कठोर प्रशिक्षण आपातकालीन स्थितियों से मुकाबले में मददगार साबित होगा। दरअसल, ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थितियों में तीव्र गति से कार्रवाई करते नागरिकों के जीवन की रक्षा करने की प्राथमिकता होती है। जो प्रशिक्षित और अनुभवी टीम के द्वारा ही संभव हो सकता है। कहा जा रहा है कि राज्य की सभी डिविजनों में क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात की जाएंगी।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में नोएडा में धुंध के चलते हुई एक सड़क दुर्घटना में एक युवा इंजीनियर की मौत हुई। बेटे को मौत के मुंह में समाते देख असहाय पिता ने पुलिस से मदद मांगी। लेकिन मदद के लिये पहुंची टीम के पास इस चुनौती का मुकाबला करने के लिये जरूरी उपकरण व अनुभव नहीं था। ऐसे में युवा इंजीनियर ने पिता के सामने ही डूबकर दम तोड़ दिया। दुर्घटना के बाद तमाम लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद आपदा राहत बल को प्रशिक्षित करने और जीवन रक्षा के तमाम उपकरण उपलब्ध कराने की जरूरत महसूस की जा रही है। ऐसे में हरियाणा में एसडीआरएफ बटालियन के गठन और उसमें प्रशिक्षित व अनुभवी अग्निवीरों की तैनाती की घोषणा के बाद उम्मीद जगी है कि हरियाणा की सुरक्षा कुशल हाथों में रहेगी। तब प्राकृतिक, औद्योगिक व आगजनी आदि की घटनाओं में जन-क्षति को कम करने में मदद मिल सकेगी। हालांकि, अब तक हरियाणा में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आईआरबी की बटालियन पहले ही नोडल डिजास्टर रिस्पॉन्स एजेंसी के रूप में सक्रिय रही है। इसके अंतर्गत सैकड़ों कर्मचारियों को आपदाओं से निबटने के लिये प्रशिक्षण दिया जा चुका है। लेकिन आपदाओं व दुर्घटनाओं की घातकता के मद्देनजर स्पेशल व स्थायी बल की आवश्यकता लगातार महसूस की जाती रही है। विश्वास किया जाना चाहिए कि अनुभवी नेतृत्व में प्रशिक्षित टीम व आधुनिक जीवन रक्षा उपकरण उपलब्ध कराये जाने से एसडीआरएफ तमाम चुनौतियों का मुकाबला करने में सक्षम हो सकेगी। निश्चित रूप से अग्निवीरों की सेना में कुशल ट्रेनिंग, अनुशासन के साथ चुनौतियों का मुकाबला करने का प्रशिक्षण व फील्ड में हासिल अनुभव स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स को प्रभावी बनाएगा। जिसके आधार पर ही सरकार ने उन्हें एसडीआरएफ बटालियन में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। निश्चित तौर पर इससे राज्य में आपदा में तुरंत प्रतिक्रिया क्षमता को संबल मिलेगा। साथ ही अग्निवीरों को अपनी क्षमता प्रदर्शन का नया मंच मिलने से, युवा सेना की अग्निवीर योजना को कैरियर के विकल्प के रूप में चुन सकेंगे।

Advertisement

Advertisement
Advertisement
×