राजग सरकार द्वारा रविवार को पेश आम बजट कई मायनों में खास रहा। तमिलनाडु के लोगों की आकांक्षाओं की पर्याय कांजीवरम साड़ी पहने लगातार नौवीं बार बजट पेश करके निर्मला सीतारमण ने नारी शक्ति का परचम ही लहराया। प्रधानमंत्री मोदी ने बजट की दशा-दिशा पर तीन शब्दों में संदेश दिया कि यह स्किल, स्केल और सस्टेनबिलिटी का बजट है। वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह विकास व आत्मनिर्भरता के लिए बजट है। दूसरी ओर विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि इसमें आम आदमी के लिए कुछ खास नहीं है। आम आदमी की जिज्ञासा यही होती है कि क्या सस्ता होगा और किस पर उसकी जेब ढीली होगी। कहा जा रहा है कि माइक्रोवेव्स, सोलर पैनल, चमड़ा उत्पाद, 17 दवाइयां तथा सात दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती होंगी। हर बार की तरह शराब, सिगरेट व तंबाकू प्रेमियों की जेब ढीली होगी। नये प्रावधानों में विदेशों में पढ़ रहे छात्रों को भेजे जाने वाले पैसे पर टीसीएस कम होगा। विदेश यात्रा पैकेज पर भी छूट दी गई है। आने वाले महीनों में जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होंगे, उनका भी बजट में खास ख्याल रखा गया है। दुनिया में इलेक्ट्रॉनिक व अन्य उत्पादों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दुर्लभ रेयर अर्थ पर ध्यान केंद्रित कर रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने का लक्ष्य रखा गया, जिसमें तमिलनाडु-केरल का खास ध्यान रखा गया। आसन्न चुनाव वाले इन राज्यों के मछुआरों व नारियल उत्पादकों को प्रोत्साहन व छूट दी गई है। हालांकि, एसटीटी बढ़ाने के मुद्दे पर शेयर बाजार को बजट रास नहीं आया।
वहीं दूसरी ओर इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए इस उद्योग में चालीस हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। वहीं सस्ती दवाओं के लिए ‘बॉयोफार्मा शक्ति योजना’ के लिए दस हजार करोड़ रुपये का प्रावधान होगा, जिससे देश में मधुमेह व कैंसर की सस्ती दवाइयां उपलब्ध हो सकेंगी। दूसरी ओर आसन्न चुनाव वाले राज्यों पश्चिम बंगाल, असम व तमिलनाडु को हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर का लाभ देने का प्रस्ताव है। वहीं असम को बौद्ध सर्किट का लाभ दिया गया है। यह योजना बौद्ध तीर्थों के विकास, यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा यहां तक कि तीर्थयात्रियों की पहुंच आसान बनाने की कोशिश है। वहीं दूसरी ओर डिजिटल मनोरंजन क्रांति हेतु रचनात्मक बढ़ाने वाली ‘ऑरेंज इकॉनोमी’ को भी प्राथमिकता बनाया गया है ताकि इस क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि की जा सके। हर बार नौकरी पेशा वर्ग की आस होती है कि इनकम टैक्स में छूट मिले। लेकिन इस बार किसी स्लैब में परिवर्तन नहीं हुआ। हां, अप्रैल 26 तक नया आयकर कानून लागू करने की बात बजट में कही गई है, जिसमें आयकर रिटर्न की फाइलिंग से जुड़ी समय सीमा और नियमों में बदलाव होगा। निश्चित रूप से दुनिया आपूर्ति शृंखला में जारी वैश्विक उथल-पुथल और टैरिफ युद्ध के बीच राजग सरकार ने आम बजट में आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी है। साथ ही आजादी के सौ साल पूरे होने पर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया है।

