सिविल सेवा देश के सबसे प्रतिष्ठित कैरियर में शामिल है। जिसमें प्रवेश के लिए तीन चरणों की परीक्षा पास करनी होती है। यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली यह परीक्षा पास कर आईएएस, आईएफएस, आईपीएस, भारतीय राजस्व सेवा आयकर समूह ए जैसे कई कैटेगरी के पदों पर नियुक्ति होती है। ये देश का प्रशासन चलाने के लिए जिम्मेदार हैं। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि जीवन परिवर्तन का जरिया माना जाता है।
साल 2026 उन युवाओं के लिए खास है, जो यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि जीवन परिवर्तन का माध्यम मानकर चल रहे हैं। यूपीएससी 2026 के लिए अधिसूचना 14 जनवरी 2026 को जारी होगी, जिसकी विस्तृत जानकारी संबंधित आधिकारिक वेबसाइटों से हासिल की जा सकती है। दो प्रश्नपत्रों वाली प्रारंभिक परीक्षा 24 मई 2026 को होगी और 9 प्रश्नपत्रों वाली मुख्य परीक्षा 21 अगस्त 2026 को होगी। पर व्यक्तित्व परीक्षण और अंतिम परिणाम आने की तिथियां अभी तक घोषित नहीं हुई। लेकिन 21 विभिन्न कैटेगिरियों वाली यूपीएससी परीक्षा का सबसे ज्यादा क्रेज पहली दस कैटेगरी की सेवाओं के लिए होता है, जो क्रमशः इस प्रकार हैं- भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय राजस्व सेवा आयकर समूह ए, भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा समूह ए, भारतीय सिविल लेखा समूह ए, भारतीय कार्पोरेट विधि सेवा समूह ए, भारतीय रक्षा लेखा समूह ए, भारतीय रक्षा संपदा सेवा समूह ए और भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा समूह ए।
प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्नपत्र
तीन चरणों वाली यूपीएससी सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र- एक में वस्तुनिष्ठ सवाल पूछे जाते हैं। कुल 200 अंकों का यह प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन का होता है। वस्तुनिष्ठ प्रश्न नकारात्मक मार्किंग के होते हैं यानी हर गलत उत्तर पर आपके हासिल अंकों में से 1/3 अंक काट लिए जाएंगे। जबकि हर सही जवाब पर एक अंक मिलेगा। प्रारंभिक परीक्षा का दूसरा प्रश्नपत्र सीएसएटी का होगा, यह 80 प्रश्नों का 200 अंकों वाला प्रश्नपत्र है, इसमें पास होने के लिए 33 प्रतिशत अंक लाने जरूरी है। प्रश्नपत्र एक के अंक योग्यता के लिए मान्य होते हैं, जबकि दूसरे प्रश्नपत्र यानी सीएसएटी के अंक केवल योग्यता निर्धारण के लिए होते हैं।
मेंस यानी मुख्य परीक्षा के 9 प्रश्नपत्र
प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद जो परीक्षार्थी मुख्य परीक्षा में शामिल होते हैं, उन्हें मुख्य परीक्षा में 9 प्रश्नपत्र करने होते हैं। इन सभी प्रश्नपत्रों का अंक योग 1750 होता है, जिसमें पहला प्रश्नपत्र अनिवार्य भाषा का होता है। हर परीक्षार्थी को इसके तहत केवल दो पेपर एक अंग्रेजी का और दूसरा किसी भारतीय भाषा के आधार पर योग्यता प्राप्त करना अनिवार्य होता है। निबंध लेख के लिए 250 अंक होते हैं। ये प्रश्नपत्र एक का हिस्सा होता है। जबकि सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र चार होते हैं और सभी 250 अंकों के होते हैं। वैकल्पिक विषय के प्रश्नपत्र प्रथम और द्वितीय दो होते हैं और ये दोनों प्रश्नपत्र 250-250 अंकों के होते हैं।
अंतिम सीढ़ी इंटरव्यू की
मुख्य परीक्षा में अंतिम सीढ़ी इंटरव्यू की होती है। जहां अधिकतम 250 अंक निर्धारित होते हैं। मुख्य परीक्षा पास करने के बाद जो उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए बुलाये जाते हैं, उन्हें इस परीक्षा में मानसिक सतर्कता, संचार कौशल और निर्णय लेने की क्षमता के आंकने की प्रक्रिया से गुजरना होता है। आमतौर पर जितनी रिक्तियां होती हैं, उससे लगभग साढ़े तीन या चार गुना ज्यादा उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास करने के बाद भी सिर्फ 25 से 35 प्रतिशत तक ही अंतिम रूप से चयनित होने की उम्मीद रहती है। यूपीएससी की पूरी परीक्षा 1750+275 यानी 2025 अंक की होती है और अंतिम चयनित उम्मीदवार मैरिट के आधार पर चुने जाते हैं।
यानी यूपीएससी में चयन प्रक्रिया 2026 में तीन चरण शामिल होंगे। जिनमें यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2026- जिसके अंकों की अंतिम मैरिट में गणना नहीं की जाती है। मुख्य परीक्षा 2026- वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर परीक्षार्थी का मूल्यांकन किया जाता है। यूपीएससी साक्षात्कार 2026- यह परीक्षा का अंतिम चरण है और संयुक्त रूप से परीक्षार्थी का मूल्यांकन करने के लिए मुख्य परीक्षा+साक्षात्कार में हासिल अंकों को जोड़कर किया जाता है। योग्यता सूची कुल अंकों और श्रेणी आरक्षण पर आधारित होती है।
परीक्षा केंद्र के लिए तीन प्राथमिकताएं
यूपीएससी परीक्षा केंद्र 2026 के लिए परीक्षार्थी पंजीकरण करते समय तीन प्राथमिकताएं चुन सकते हैं। मसलन-दिल्ली, मुंबई व कोलकाता। केंद्र का आवंटन प्राथमिकता और सीटों की उपलब्धता के आधार पर किया जाता है। एडमिट कार्ड में अंतिम रूप से निर्धारित केंद्र ही प्रदर्शित होता है। यूपीएससी 2026 का एडमिट कार्ड परीक्षा से एक सप्ताह पहले- संबंधित वेबसाइट पर लॉगइन करके हासिल किया जा सकता है जिसके लिए पंजीकरण आईडी और पासवर्ड आवश्यक होता है। मुख्य परीक्षा के एडमिट कार्ड प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों के बाद जारी किये जाते हैं। वहीं उम्मीदवारों को हॉल टिकट के साथ वैध फोटो पहचानपत्र अपने साथ रखना अनिवार्य होता है।
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