रंग की लय में नई पीढ़ी का धमाल
देश के युवा पेशेवर अपने कैरियर को लेकर जितने गंभीर रहते हैं, उतना ही ध्यान अपने जीवन में उत्सव और संतुलन के लिए भी देते हैं। होली के दिन ये बेफिक्र और रंगों से भीगने वाले दोस्त बन जाते...
देश के युवा पेशेवर अपने कैरियर को लेकर जितने गंभीर रहते हैं, उतना ही ध्यान अपने जीवन में उत्सव और संतुलन के लिए भी देते हैं। होली के दिन ये बेफिक्र और रंगों से भीगने वाले दोस्त बन जाते हैं। सोसायटियों में डीजे के साथ रूफ टॉप होली के एक से बढ़कर एक वर्जन देखने को मिलते हैं। जिसके पूल पार्टी होली, इको फ्रेंडली होली जैसे नये आयाम भी हैं।
यह गुजरे साल के होली वाले दिन की सुबह का किस्सा है। पुणे के एक अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में गजब की युवा हलचल थी। वीकेंड पर आमतौर पर देर तक सोने वाले युवा आज सूरज की किरणों के आने के पहले ही जग चुके थे। किसी के हाथ में गुलाल के पैकेट, कोई फोन पर प्ले लिस्ट सेट कर रहा था, तो कोई पूछ रहा था पानी वाला रंग लाऊं या सिर्फ ड्राई। ये सब वही युवा थे, जो सप्ताहभर कारपोरेट ऑफिस में प्रजेंटेशन की मारामारी में रहते हैं। स्टार्टअप्स की मीटिंग में भविष्य के सपने बुनते हैं। लेकिन होली के दिन ये बेफिक्र और रंगों से भीगने वाले दोस्त बन जाते हैं।
कार्पोरेट पेशेवरों का होली धमाल
यह अकेले पुणे के एक मिडिल क्लास मुहल्ले की कहानी नहीं है। यह समूचे शहरी भारत के ब्राइट कैरियर युवाओं के होली धमाल की कहानी है। ये शहरी युवा अपने कैरियर को लेकर जितने गंभीर रहते हैं, उतना ही ध्यान अपने जीवन में उत्सव और संतुलन के लिए भी देते हैं। आईटी प्रोफेशनल मोहन रंगनाथन जो कि साउथ इंडिया से हैं, लेकिन पढ़ाई से लेकर कैरियर तक उत्तर भारत में गुजारने के कारण होली को भरपूर सेलिब्रेट करते हैं। उनके मुताबिक, ‘हम जैसे युवा डेडलाइन और टारगेट में भले उलझे रहते हों, लेकिन होली एक ऐसा दिन है, जब हम बिना किसी दबाव के खुलकर होली खेलते हैं, तब हमें कतई नहीं याद रहता कि हममें प्रोफेशनल कौन है या जूनियर कौन है या सीनियर कौन है, होली के दिन सिर्फ रंग और मस्ती का धमाल होता है।’ दिल्ली की पूनम पाठक कहती हैं, ‘वास्तव में होली मूड नहीं बल्कि सालभर के लिए मेंटेलिटी को रिसेट करना का त्योहार होता है।’ होली पर सबको पूरी छुट्टी मिलती है। आजादी महसूस होती है। इसलिए हर जगह होली युवा मस्ती और बेफिक्री की दस्तक देती है।
सोसायटीज में डीजे संग रूफ टॉप होली
भारत के बड़े शहरों में अब मुहल्ले नहीं बल्कि गेटबंद सोसायटियों का चलन है, इसलिए होली के दिन सुबह ही सोसायटियों में डीजे की धमाल के साथ रूफ टॉप होली के एक से बढ़कर एक वर्जन देखने को मिलते हैं। पूल पार्टी होली, इकोफ्रेंडली होली जैसे नये आयाम भी हैं। बंग्लुरु में काम करने वाले पटना के राघव कहते हैं, ‘हम युवा लोगों में से अगर कोई होली न भी खेलना चाहें तो मनाने वालों की संख्या ज्यादा होती है और न मनाने वालों की इस मामले में जरा भी नहीं चलती, उन्हें घर से खींचकर होली पार्टी में खेंच लिया जाता है।’ लेकिन हावड़ा की कनुप्रिया बावची के मुताबिक पांच सालों से मुंबई में रहते हुए भी उन्होंने बंगाल की फूलों वाली होली का कल्चर जिंदा रखा है। सूरत के रमेश मखवाना का कहना है, फूलों की होली खूबसूरत भी है, मस्ती भरी भी है और पर्यावरण के अनुकूल भी। दिल्ली में अब क्लब और कैफेज की होली का चलन फल-फूल रहा है।
स्वस्थ मनोरंजक अनुभव को तरजीह
अब होली पर कुछ भी चेहरे पर चुपड़ देना, मिट्टी, गंदगी आदि से होली खेलना धीरे-धीरे चलन से बाहर हो रहा है। शहरी युवा पेशेवर मस्ती के इस त्योहार के साथ जुड़े डरावने अनुभवों को मनोरंजन के यादगार अनुभव में बदलने लगे हैं। वहीं अब युवाओं द्वारा सोशल मीडिया में भी जमकर होली खेली जा रही है। भले यह 1980 या 70 की बजाय 2030 का दशक हो, लेकिन भारत के युवा में होली की मस्ती के नाम पर जरा भी बदलाव नहीं आया। अब इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब में होली के दिन जितने इंद्रधनुषी चेहरे दिखते हैं, उतने चेहरे आसपास नहीं दिखते। कहीं इको फ्रेंडली होली, कहीं रंगों वाली, तो कहीं गुलाल की होली यानी होली के सभी रूप इन दिनों बहुत अच्छी तरह से अपनी-अपनी जगह हैं।
कई देशों में होली जैसे आयोजन
भले दुनिया के दूसरे देशों में भारत की तरह लोग एक दूसरे पर रंग- गुलाल फेंककर होली न मनाते हों, लेकिन दुनिया के कई देशों में होली से मिलते-जुलते त्योहार मौजूद हैं और वहां के युवा भी इनको लेकर खूब मस्ती करते हैं। मसलन स्पेन का ला टोमाटीना- स्पेन के बुनोल शहर में हर साल अगस्त में आयोजित ये त्योहार होली जैसा है। इस दिन युवा अपने जैसे दूसरे युवाओं पर घात लगाकर टमाटर की बारिश करते हैं। थाईलैंड का सोंगक्राग- थाई नववर्ष के दिन थाईलैंड में बड़ी संख्या में युवक बंदूक और बाल्टियों में रंग भरकर एक दूसरे पर फेंकते हैं। ब्राजील का रियो कार्निवाल- यह दुनिया का सबसे बड़ा कार्निवाल है, युवा यहां रंग-बिरंगे परिधानों के बीच पानी की बंदूकों और बाल्टियां को लेकर सुबह से ही एक दूसरे को भिगोना शुरू कर देते हैं। -इ.रि.सें.

