विभिन्न खाद्य पदार्थों में पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर की कोशिकाओं को खराब होने से बचाते हैं, इससे कैंसर,उम्र के बढ़ने पर होने वाले रोग आदि से बचाव होता है। हमारी शारीरिक संरचना की रक्षा करने के लिए ये किसी सुपरहीरो की तरह काम करते हैं। उल्लेखनीय है कि ये पदार्थ हरी सब्जियों में प्राकृतिक रूप में पाए जाते हैं।
एंटीऑक्सिडेंट एक ऐसा रासायनिक पदार्थ है जो ऑक्सीजन की वजह से हमारे शरीर में होने वाले नुकसान को रोकता है या धीमा करता है। यह शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीकरण के नुकसान से बचाता है। दरअसल एंटीऑक्सीडेंट मुक्त कणों यानी फ्री रेडिकल्स से लड़ने वाले अणु होते हैं। फ्री रेडिकल्स यानी मुक्त कण ऐसे यौगिक होते हैं जिनका स्तर शरीर में बहुत ज़्यादा होने पर ये नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये कण मधुमेह,हृदय रोग और कैंसर जैसी कई बीमारियों से भी जुड़े हुए हैं। एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन ई ,विटामिन सी, या बीटा-कैरोटीन जैसे पदार्थ होते हैं। विटामिन सी की एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि,इम्यून फ़ंक्शन को बढ़ाने में मदद कर सकती है। ये हमारे भोजन में प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं।
एंटीऑक्सिडेंट की भूमिका
एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर की कोशिकाओं को खराब होने से बचाते हैं, इससे कैंसर,उम्र के बढ़ने पर होने वाले रोग आदि से बचाव होता है। दरअसल हमारी शारीरिक संरचना की रक्षा करने के लिए ये किसी सुपरहीरो की तरह काम करते हैं। उल्लेखनीय है कि यह पदार्थ हरी सब्जियों में प्राकृतिक रूप में पाए जाते हैं।
एंटीऑक्सिडेंट के प्रकार
एंटीऑक्सिडेंट कई रूपों में जाने जाते हैं। प्राथमिक-एंटीऑक्सिडेंट हैं कैटालेज़ (सीएटी), ग्लूटाथियोन पेरोक्सीडेज़ (जीपीएक्स) और एसओडी। वहीं सेकेंडरी एंटीऑक्सीडेंट अक्सर हाइड्रो पेरोक्साइड डिकम्पोजर के रूप में जाने जाते हैं और ये हाइड्रो पेरोक्साइड को गैर-प्रतिक्रियाशील तथा थर्मल स्थिर उत्पादों में परिवर्तित करने का कार्य करते हैं।
आम तौर पर पुरुषों के लिए प्रति दिन लगभग 11,000 ओआरएसी और महिलाओं के लिए 8,000 ओआरएसी यूनिट की सिफारिश की जाती है। ध्यान रखें कि ये अनुमान कैलोरी खपत पर आधारित हैं। पुरुषों के लिए संख्या प्रति दिन लगभग 2,500 कैलोरी खाने पर आधारित है, और महिलाओं के लिए संख्या प्रति दिन लगभग 1,800 कैलोरी खाने पर आधारित है।
सीमित उपयोग ही फायदेमंद
जहां तक सवाल बाज़ार में मिलने वाले कृत्रिम एंटीऑक्सिडेंट के फ़ायदेमंद होने का है तो जैसे-जैसे अनुसंधान आगे बढ़ा है,यह स्पष्ट हो गया है कि एंटीऑक्सिडेंट (विशेष रूप से सामान्य से अधिक मात्रा में लिए जाने वाले बाज़ारू एंटीऑक्सिडेंट) हमेशा फायदेमंद नहीं होते हैं। बड़ी मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट हमारे शरीर की कोशिका के रक्षा तंत्र और सामान्य सिग्नलिंग सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में हस्तक्षेप कर सकते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ
कई खाद्य पदार्थों में एंटीऑक्सीडेंट पाये जाते हैं जैसे ब्रोकोली,पालक,गाजर और आलू सभी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हैं। इसी तरह पत्तागोभी,शतावरी,एवोकाडो, चुकंदर,मूली,सलाद,शकरकंद,स्क्वैश, कद्दू, कोलार्ड साग और केला भी इसके स्रोत हैं। यहां खास तौर से उल्लेखनीय है कि खाना पकाने में बहुत ज्यादा मसालों का उपयोग करना अच्छा नहीं होता है। इसकी प्रमुख वजह है कि भोजन में मसालों के अत्यधिक उपयोग से एंटीऑक्सिडेंट के कमजोर होने या नष्ट होने का ख़तरा रहता है।
-हील इनिशिएटिव

