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नये सितारों संग सफल रोमांटिक फिल्में

किसी प्रेम कहानी के विषय को लेकर फिल्म बनाने के लिए किसी सुपर स्टार की जरूरत नहीं पड़ती यानी न्यू स्टार कास्ट के साथ भी यह संभव है। पिछले साल की बड़ी हिट ‘सैयारा’ इसका उदाहरण है। नामचीन कलाकारों...

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किसी प्रेम कहानी के विषय को लेकर फिल्म बनाने के लिए किसी सुपर स्टार की जरूरत नहीं पड़ती यानी न्यू स्टार कास्ट के साथ भी यह संभव है। पिछले साल की बड़ी हिट ‘सैयारा’ इसका उदाहरण है। नामचीन कलाकारों को लेकर भी रोमांटिक फिल्में बनती हैं, मगर हमेशा दबदबा फ्रेश फेस अभिनेताओं वाली फिल्मों का ही रहा।

मोहब्बत या लव स्टोरी सिर्फ आम जिंदगी में ही नहीं, फिल्मी परदे पर भी आकर्षण और चर्चा का विषय बनी रहती है। यह इकलौता ऐसा सब्जेक्ट है, जिस पर फिल्म बनाने के लिए किसी सुपर स्टार की जरूरत नहीं पड़ती यानी न्यू स्टार कास्ट के साथ भी यह संभव है। पिछले साल की बड़ी हिट ‘सैयारा’ इसका उदाहरण है। नामचीन कलाकारों को लेकर भी रोमांटिक फिल्में बनती हैं, मगर हमेशा दबदबा नए सितारों को लेकर बनी फिल्मों का ही रहा है।

रोमांटिक फिल्मों के नए सूत्रधार

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बॉक्स ऑफिस में 570 करोड़ की भारी कमाई करने वाली फिल्म ‘सैयारा’ के बाद इसके निर्देशक मोहित सूरी रोमांटिक फिल्मों के नए सूत्रधार बने हैं। अहान पांडे और अनीत पड्डा जैसे दो नए कलाकारों की जोड़ी की इस फिल्म ने जिम्मेदारी काफी बढ़ा दी है। निर्देशक मोहित 2013 की ‘आशिकी-2’ के बाद रोमांटिक सब्जेक्ट को लेकर काफी गंभीर हैं। इसके बाद से ‘एक विलेन’, ‘हमारी अधूरी कहानी’, ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ का रोमांटिक ट्रैक उन्हें कुछ ज्यादा रास आने लगा है। मगर 2022 की उनकी फिल्म ‘एक विलेन रिटर्न्स’ को अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला। ‘सैयारा’ में बिल्कुल नए कलाकारों की टीम है ।

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‘सैयारा’ के निर्माता और यशराज फिल्म्स के साथ वह अपनी अगली रोमांटिक फिल्म इस साल के मध्य तक शुरू कर देंगे। मोहित कहते हैं, “शुरू से ही रोमांटिक सब्जेक्ट मुझे आकर्षित करता रहा है। और ऐसी फिल्मों को फ्रेश फेस के साथ बनाना मुझे पसंद है।”

रोमांटिक फिल्मों का प्लस पॉइंट

नए सितारों की कोई-न-कोई लव स्टोरी हमेशा पाइपलाइन में रहती है। नए साल में भी ‘दो दीवाने शहर में’, ‘ओ रोमियो’, ‘एक दिन’, ‘चांद मेरा दिल’ जैसी एक दर्जन से ज्यादा फिल्में निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। इनमें से कुछेक फिल्मों में नई जोड़ी को पेश किया जाएगा।

‘लव स्टोरी’, ‘बेताब’ आदि सुपर हिट फिल्में कुमार गौरव, सनी देओल जैसे नए सितारों के साथ बना चुके फिल्मकार राहुल रवैल का कहना है कि एकदम फ्रेश कलाकारों को बिल्कुल नए इमेज में पेश करना बड़ा चैलेंज होता है। इनके ऊपर बहुत मेहनत करनी पड़ती है।

राहुल का कहना है कि मुझे अफसोस है, कुमार गौरव को वैसी लोकप्रियता नहीं मिली, जैसी ‘लव स्टोरी’ की सफलता के बाद उसे मिलनी चाहिए थी। लेकिन वर्षों बाद भी सनी ने इसे बहुत अच्छी तरह से मेंटेन किया है। खुद मैंने भी इसके बाद उसके साथ ‘अर्जुन’, ‘डकैत’, ‘अर्जुन पंडित’ जैसी कई हिट फिल्में बनाई। बड़ी सफलता को सारे न्यू स्टार ठीक से लपक नहीं पाते। नए सितारों की कुछ पुरानी फिल्में ‘बॉबी’, ‘जूली’, ‘एक दूजे के लिए’, ‘लव स्टोरी’, ‘बेताब’, ‘मैंने प्यार किया’, ‘इश्क-विस्क’ आदि फिल्में इसकी मिसाल हैं।

चाबी खो जाए...

शोमैन राज कपूर ने अपनी टीनएज लव स्टोरी फिल्म ‘बॉबी’ की महा सफलता के बाद यंग जेनरेशन मूवी की सफलता की चाबी फिल्मवालों को सौंप दी थी। मगर फिल्म निर्माण के प्रति उनके जैसा समर्पण भाव बहुत कम फिल्मकारों में होता है।

बालाचंदर की खोज

दक्षिण के अति नामचीन डायरेक्टर के. बालाचंदर का साउथ में अलग रुतबा रहा है। उन्होंने 1981 की एक सुपरहिट तेलुगु फिल्म ‘मारो चरित्रा’ के रीमेक में भी इसके नवोदित नायक कमल हासन को ही रिपीट किया।

‘मैंने प्यार किया’ के दोनों स्टार चमके

सलमान खान और भाग्यश्री की जोड़ी की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ की सफलता अब एक शिलालेख बन चुकी है। लेकिन इसके नायक सलमान खान ही फिल्माकाश में चमके। ऐसी कई और सफल फिल्मों के नाम हैं। जाह्नवी कपूर और ईशान खट्टर की ‘धड़क’ की छोटी-सी सफलता को करण जौहर ने काफी प्रचारित किया था।

‘केदारनाथ’ में प्रेम कहानी

नई जोड़ी का आकर्षण अभिषेक कपूर की फिल्म ‘केदारनाथ’ ने भी साबित किया था। नए हीरो सुशांत सिंह राजपूत के साथ एक नई हीरोइन सारा अली खान की जोड़ी इसमें नजर आई। मगर यह फिल्म खास सम्मोहन नहीं पैदा कर पाई।

आमिर की ‘कयामत’

आमिर खान ‘कयामत से कयामत तक’ जैसी सुपर-डुपर हिट के बाद वह कई वर्षों तक अलग-अलग फिल्में करते रहे। पर जल्द ही उनके अंदर के एक्टर ने पूरी तरह से उन्हें जीवित कर दिया। इसकी सार्थक शुरुआत ‘लगान’ से हुई। इस संदर्भ में और कितने उदाहरण दिए जाएं। ‘आशिकी’ जैसी बड़ी हिट से चमकने वाले अभिनेता राहुल राय आज कहां हैं। सीधी-सी बात है, उन्होंने अपने कैरियर की प्लानिंग अच्छी नहीं की थी। ऐसे में जाह्नवी, ईशान, अहान पांडे, अनीत पड्डा जैसे नवोदित कलाकारों को अपने कैरियर की प्लानिंग सही ढंग से करनी चाहिये।

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