नियमित पढ़ाई से तनाव रहित होगी परीक्षा
परीक्षाएं साल भर की पढ़ाई को रिव्यू करने का एक मौका है। लेकिन एग्जाम से पहले कुछ विद्यार्थी तनाव का शिकार हो जाते हैं। हालांकि अच्छी तैयारी के लिए सत्र की शुरुआत से ही रूटीन बनाकर पढ़ें, पेपर का...
परीक्षाएं साल भर की पढ़ाई को रिव्यू करने का एक मौका है। लेकिन एग्जाम से पहले कुछ विद्यार्थी तनाव का शिकार हो जाते हैं। हालांकि अच्छी तैयारी के लिए सत्र की शुरुआत से ही रूटीन बनाकर पढ़ें, पेपर का पैटर्न जानें तथा टैक्टफुली रिविजन करें तो स्ट्रेस नहीं होगा।
एग्जाम आने वाले हैं। परीक्षाओं की आहट से कुछ बच्चों की धड़कन बढ़ जाती है। लेकिन जरा सी सूझबूझ, ट्रिक और अनुशासन से अपना डेली रूटीन अभी से हैंडल करें ,तो ना कोई टेंशन होगी, ना एग्जाम की तैयारी में किसी प्रकार की समस्या होगी। एग्जाम कुछ भी नहीं, बस साल भर की पढ़ाई को रिव्यू करने का एक मौका है। जानिये कुछ आसान तरीके एग्जाम्स की सिचुएशन को बेस्ट तरीके से हैंडल करने के लिए।
स्टडी में नियमितता
कुछ बच्चे पढ़ाई के पूरे सत्र में आज का काम कल पर टालते रहते हैं और तैयारी का सारा बोझ परीक्षा के एकदम पहले के कुछेक दिनों पर डाल देते हैं। लेकिन अच्छी तैयारी के लिए रोज सुबह ,दोपहर ,शाम रूटीन बनाकर सभी विषयों को पढ़ना चाहिये। जिस विषय में जरा कमजोर हो उसे जरा ज्यादा समय देना है और जिनमें ठीक-ठाक तैयारी हो उन्हें थोड़ा सा कम समय देने से भी काम चलेगा।
सिलेबस और पेपर का पैटर्न
सबसे पहले हर विषय का सिलेबस अच्छी तरह जान लो और नोट कर लें। फिर शिक्षकों, अगली कक्षाओं के सीनियर्स या मित्रों की मदद से सभी विषयों के पिछले कुछ वर्षों के पेपर्स इकट्ठा कर लो ताकि तुम एग्जाम्स में सवाल पूछने के पैटर्न से परिचित हो सकें।
कक्षा-कोचिंग में फोकस
परीक्षा के समय विशेष कक्षाएं या कोचिंग क्लासेज चल रही हों तो इनका अधिकतम लाभ उठाएं। सभी पीरियड्स अटेंड करें, टीचर्स के व्याख्यानों पर पूरा ध्यान दें, और ऐसे तरीके से नोट्स लें जो आपके लिए समझ में आएं। लक्ष्य यह है कि जब आप बाद में अपने नोट्स को देखें या पढ़ें तो आप उन्हें समझ सकें।
संयत और व्यवस्थित रहना
पढ़ाई के लिए पूरी तरह व्यवस्थित ,शांत और संयत रहना चाहिए। अपने पढ़ने की एक जगह फिक्स करो। विषय से संबंधित सारी किताबें, कॉपियां, पेन, पेंसिल, इंस्ट्रूमेंट, रेफरेंस बुक्स आदि साथ में लेकर पढ़ने बैठो ताकि तुम्हें बार-बार उठना ना पड़े।
चैप्टर सारा पढ़ो
पाठ हमेशा पूरा पढ़ो ताकि कुछ भूल भी जाओ तो काफी कुछ याद रहेगा। यानी उस पाठ से सवाल पूछ लिया गया तो तुम प्रश्नोत्तर याद न भी कर पाओ तो जवाब दे सकते हो।
स्टिकी नोट्स मददगार
कुछ खास चीजें विद्यार्थी बार-बार भूल जाते हैं। मसलन इतिहास में लिखी महत्वपूर्ण सन् और तारीखें या फिर फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ के फार्मूले। ऐसी चीजों के लिए स्टिकी नोट्स बनाएं और अपनी स्टडी टेबल की सामने वाली दीवार या बेडरूम के साइड की दीवार पर एक जगह चिपकाएं। दिन में कई बार इन पर नजर पड़ेगी, तो याद रखने में आसानी होगी।
एग्जाम सीन की प्रैक्टिस
समय-समय पर एक-एक विषय को लेकर ठीक एग्जाम जैसा सीन क्रिएट करो। मम्मी पापा या किसी टीचर से डमी पेपर बनवा लो, रूम बंद कर के एग्जाम हॉल में टाइम मैनेजमेंट के लिए घर पर ही पूरी तैयारी करें और अपने सामने घड़ी रखकर टेस्ट पेपर सॉल्व करें। इससे सही प्रेक्टिस रहेगी तो लिखने की स्पीड को टाइम के साथ मैच करने की आदत पड़ जाएगी।
टेंशन के बजाय अटेंशन जरूरी
परीक्षा के दिनों में थोड़ा बहुत स्ट्रेस होना स्वाभाविक है। लेकिन स्ट्रेस के कारण आपकी पढ़ाई में व्यवधान आने लगे यह गलत है। आप शुरू से कुछ बातें मानकर चलेंगे तो स्ट्रेस की ओवरडोज से बच सकते हैं। वहीं पढ़ाई के टाइट शेड्यूल में कुछ वक्त, रिलैक्सेशन और मनोरंजन के लिए भी रिजर्व रखें।
रिवीजन में इमेजिनेशन टेक्नीक
पढ़ी हुई सामग्री को समय-समय पर दोहराया न जाए तो भूलने की संभावना होती है। लेकिन यह काम जरा टैक्टफुली किया जाए तो ज्यादा इफेक्टिव होगा। कोर्स का रिवीजन करते समय अपने क्लासरूम सीन की कल्पना करें, जब आपको वह टॉपिक पढ़ाया जा रहा था। इससे आपके दिमाग के कई हिस्से सक्रिय हो जाते हैं और एग्जाम के वक्त तथ्यों को ध्यान में लाना बेहद आसान हो जाता है। आप टॉपिक के साथ अपने शिक्षक के हावभाव को भी जोड़ लें तो काम ज्यादा आसान हो जाता है।
बुलेट पॉइंट्स व कॉमिक स्ट्रिप
‘पासिंग एग्जाम्स’ के लेखक डॉ. डान हैमिल्टन का कहना है, ‘ढेर सारे पन्नों की सामग्री को संक्षिप्त करके कुछ पंक्तियों में समेटने की कला विकसित करें। एग्जाम हॉल में इन्हें पंक्तियों को विस्तार देने की कला सीखें। वहीं दिनभर में जो-जो पढ़ा, शाम को उसकी मुख्य मुख्य बातों को कॉमिक स्ट्रिप की तरह बनाओ। इससे रिवीजन होने के साथ-साथ रेडी टू यूज पावर प्वाइंट्स भी मिल जाएंगे।
वहीं ‘रिसर्च इन नर्सिंग एंड हेल्थ’ के मुताबिक एग्जाम टाइम में मस्त रहें, पौष्टिक खाना खाएं औऱ सही सोएं तो परिणाम बेहतर होगा । परिजनों के साथ अच्छी तरह बातचीत करें।

