इस साल यानी 2026 में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विस्तार और मांग दोनों के आसार सबसे ज्यादा हैं। इसके चलते प्रोडक्ट इंजीनियरिंग और क्लाउड तथा एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश के अनुमान हैं। ऐसे में सीनियर इंजीनियरिंग रोल, प्रोडक्ट मैनेजर और एआई सुरक्षा विशेषज्ञों की मांग बढ़ेगी। फिनटेक, रिन्यूएबल एनर्जी, हेल्थकेयर, मैन्यूफैक्चरिंग और सप्लाई चेन आदि क्षेत्रों में स्किल्ड युवाओं के लिए रोजगार की बेहतर संभावनाएं हैं।
विभिन्न हालिया रिपोर्टों और 2026 की कैरियर संभावनाओं और प्रोजेक्शंस में टेक्नोलॉजी और फिनटेक क्षेत्र का प्रदर्शन सबसे चमकदार रहने वाला है। इस साल टेक सेक्टर में केवल ट्रेडिशनल सर्विसेज ही नहीं बल्कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसीएस) प्रोडक्ट इंजीनियरिंग और क्लाउड तथा एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश की भरपूर संभावनाएं देख रहे हैं। बहुराष्ट्रीय कंपनियां इंडिया बेस्ड टीम्स बड़े पैमाने पर बढ़ा रही हैं, इससे सीनियर इंजीनियरिंग, डेटा इंजीनियरिंग, क्लाउड ऑप्स और साइबर सिक्योरिटी की मांग तेज होगी। माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों के हालिया अरबों डॉलर के निवेश और देश में क्लाउड/एआई सेंटर्स खोलने की घोषणाएं इस रुझान को पुष्ट करती हैं। ये क्षेत्र इसलिए आगे बढ़ेंगे, क्योंकि कंपनियों का लक्ष्य उत्पाद ड्रिवन टीम्स बनाना है और एआई क्लाउड में लोकल इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। इसका मतलब साफ है, उच्च वेतन वाले इंजीनियरिंग रोल, प्रोडक्ट मैनेजर और एआई सुरक्षा विशेषज्ञों की मांग बढ़ने वाली है।
ग्रीन जॉब्स में अच्छी संभावनाएं
सरकार और प्राइवेट सेक्टर मिलकर सोलर, विंड और ग्रिड अपग्रेड पर तेजी से निवेश कर रहे हैं। जून 2025 तक भारत की रिक्त रिन्यूएबल क्षमता यानी अनयुटिलाइज्ड रिन्यूएबल कैपेसिटी में तेज बढ़ोतरी रिकॉर्ड की गई है। भारत में रिन्यूएबल इंस्टॉल्ड कैपिसिटी के विस्तार और बड़े पैमाने पर ग्रिड/स्टोरेज प्रोजेक्ट से टेक्नीशियंस, प्रोजेक्ट मैनेजर्स, ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस और बायोमैस/हाइड्रोजन टेक्नीशियन तथा रिन्यूएबल प्रोजेक्ट फाइनेंस से जुड़े विशेषज्ञों की मांग बड़े पैमाने पर होगी।
हेल्थ केयर और फार्मा सेक्टर
बढ़ती आयु संरचना, हेल्थ इंफ्रा विस्तार और सरकारी निवेश के चलते हेल्थ सेक्टर 2026 में और बड़ा रोजगारजनक रहेगा। बजट और नीतिगत फैसलों ने अस्पताल बस्टर निवेश को बढ़ावा दिया है। इससे नर्सिंग, फिजियोथैरेपी, क्लीनिकल/रिसर्च, हेल्थ आईटी और टेली मेडिसिन स्टॉक की मांग बढ़ने की संभावना है। सरकारी/कार्पोरेट कंबाइंड निवेश और स्वास्थ्य/बजट असाइनमेंटों के कारण सेक्टर के विस्तार का संकेत मिलता है। अगर विशेष फोकस करके देखें तो क्लीनिकल रेजिलियंस (इमरजेंसी केयर), मेडिकल टेक (ई-हेल्थ) और हेल्थ/डाटा प्राइवेसी स्किल वालों की मांग मजबूत रहेगी।
फिनटेक का उम्दा होगा प्रदर्शन
भारत में फाइन टेक/वैल्यू और डिजिटल पेमेंट्स का विस्तार 2025-26 में बहुत तेज रहा है। डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज, यूपीआई इनोवेशन और एसएमई क्रेडिट प्लेटफॉर्म से जुड़े रोल (प्रोडक्ट रेजिलियंस, रेगुलेटरी-रिस्क) बढ़ेंगे। भारत का फिनटेक मार्केट बड़े आकार तक बढ़ने का अनुमान पहले से था और इसके आधार पर रोजगार विस्तार बने रहने की संभावना है।
मैन्यूफैक्चरिंग और सप्लाई चेन लॉजिस्टिक
‘मेक इन इंडिया’, एक्सपोर्ट ड्राइव और फैक्टरी रिलोकेशन से मैन्यूफैक्चरिंग में स्किल ट्रेड्स, क्वालिटी/इंजीनियरिंग और सप्लाई चेन मैनेजमेंट की मांग बढ़ेगी। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमी कंडक्टर/सप्लाई चेन में लोकलाइजेशन से टेक्निकल रोल खुलेंगे।
गिग इकोनॉमी और रिमोट जॉब्स
कॉन्ट्रैक्चुअल, प्रोजेक्ट बेस्ड और रिमोट वर्क इस साल की तरह आने वाले साल में भी जारी रहेगा। विशेषकर कंटेंट क्रिएशन, डिजाइन, डिजिटल मार्केटिंग और छोटे बिजनेस सपोर्ट सर्विसेज में। कंपनियां फुलटाइम हायरिंग की जगह फ्लेक्सिबल टेलेंट का इस्तेमाल लगातार बढ़ा रही हैं।
मांग में रहेगी कुशलता
मौजूदा दौर में स्किल्स की मांग जिस तरह बढ़ी हुई है इसी तरह से लगातार कई सालों तक जारी रहने के आसार हैं। विशेषकर, इन क्षेत्रों में स्किल्स की मांग रहेगी -
तकनीकी क्षेत्र : क्लाउड, डेटा इंजीनियरिंग, साइबर सिक्योरिटी, एम्बेडेड सिस्टम और रिन्यूएबल टेक में स्किल्ड पेशेवरों की मांग अच्छी रहेगी।
क्रॉस फंक्शनल क्षेत्र : प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, प्रोसेस ऑटोमेशन, डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट आदि में मांग बेहतर रहेगी।
सॉफ्ट स्किल्स क्षेत्र : संवाद, टीम-सहयोग, समस्या-समाधान और लर्न-एबिलिटी यानी कंटीन्यूअस लर्निंग जैसी स्किल की मांग लगातार बनी रहेगी।
कुछ तथ्यात्मक संकेत
* वर्ल्ड बैंक/ग्लोबल प्रोजेक्शन के मुताबिक, इस साल अर्थव्यवस्था की मजबूत वृद्धि दर जारी रहेगी, जिससे रोजगार निर्माण के अवसर बने रहेंगे।
* इस साल जीसीसी/प्रोडक्ट-हब और क्लाउड/इंफ्रा के बढ़ते निवेश से टेक/हायरिंग में नये पैटर्न बन रहे हैं। जाहिर है अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर मजबूत रहेगी।
* इस साल टेक्निकल+नॉलेज डोमेन में हाइब्रिड स्किल्स की मांग तेज रहेगी।
* माइक्रो कोर्सेज और प्रमाण पत्र हासिल करने के फायदे बढ़ेंगे। क्योंकि क्लाउड,साइबर सिक्योरिटी, सर्टिफाइड सोलर-टेक नोड मांग में होंगे।
* इंटनर्शिप प्रोडक्ट-फोकस बनाएं ताकि प्रोडक्ट वर्क में अनुभव, वेतन और भर्ती दोनों के लिए जरूरी है।
* नेटवर्किंग और जीसीसी मल्टीनेशनल मार्केट पर फोकस रखें, क्योंकि इंग्लिश कम्युनिकेशन और प्रॉब्लम साल्विंग की हाई वैल्यू रहेगी।
कुल मिलाकर विभिन्न रोजगार और उद्योग क्षेत्रों के विशेषज्ञों के मुताबिक 2026 में कैरियर के अवसर विविध और क्षेत्रीय रूप से फैलेंगे। टेक और रिन्यूएबल एनर्जी, हेल्थ केयर, फिनटेक, मैन्यूफैक्चरिंग लॉजिस्टिक ये कोर क्षेत्र होंगे। आर्थिक वृद्धि और बड़े निवेश से इन सेक्टर्स की जॉब मॉर्जिनलिटी बढ़ेगी। इसलिए रणनीतिक अपस्किलिंग और डोमेन योग्यता 2026 में सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देगी। लब्बोलुआब यह कि 2026 बहुत कुछ 2025 की ही तरह होगा। हां, टेक्नो क्षेत्र में विस्तार और मांग दोनों की संभावना सबसे ज्यादा है। इ.रि.सें.
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